आकाश चोपड़ा ने कहा ऋतुराज को ओपनिंग का मौका दिए बिना उनकी आलोचना न करें।
भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच रांची में खेले गए पहले ODI के बाद पूर्व भारतीय क्रिकेटर आकाश चोपड़ा ने टीम मैनेजमेंट पर बड़ा सवाल उठाया है। उन्होंने साफ कहा कि ऋतुराज गायकवाड़ को उनके पसंदीदा स्थान यानी ओपनिंग पर मौका दिए बिना उनके प्रदर्शन पर फैसला सुनाना गलत है।
उन्होंने यह भी जोड़ा कि 16 महीने बाद वापसी करने वाले खिलाड़ी को केवल एक मैच देखकर जज करना उचित नहीं है, खासकर तब जब वह अपनी प्राकृतिक बल्लेबाजी पोजिशन पर नहीं खेल रहे हों।
गायकवाड़ को रांची ODI में नंबर चार पर भेजा गया, जहां वह 14 गेंदों पर 8 रन बनाकर आउट हो गए। उनका विकेट एक बेहतरीन कैच के कारण गिरा, जिसे उनके CSK साथी डेवाल्ड ब्रेविस ने पकड़ा।
चोपड़ा का मानना है कि गायकवाड़ को एक लंबा रन मिलना चाहिए ताकि वह सही तरीके से अपनी लय पकड़ सकें। उन्होंने कहा कि अगर किसी खिलाड़ी का असली रोल ओपनिंग है तो उसे उसी स्थान पर मौका मिलना चाहिए, नहीं तो उसके ODI करियर पर फैसला सुनाना अनुचित है।
मैनेजमेंट के फैसलों पर आकाश चोपड़ा की कड़ी प्रतिक्रिया
चोपड़ा ने अपने यूट्यूब चैनल पर बात करते हुए कहा कि ऋतुराज गायकवाड़ ने ODI में कभी नंबर चार पर बल्लेबाजी नहीं की है। फिर भी, मैनेजमेंट ने उन्हें उसी पोजिशन पर भेजा।
उन्होंने कहा कि गायकवाड़ को कम से कम तीन पूरे मैचों की सीरीज ओपनर के रूप में देनी चाहिए और उन पर जल्दबाजी में कोई निर्णय नहीं लेना चाहिए। चोपड़ा ने यह भी जोड़ा कि गेंदबाजों के लिए जैसे सही रोल जरूरी है, वैसे ही बल्लेबाजों के लिए भी सही पोजिशन बेहद अहम होती है।
उनकी बातों से साफ झलकता है कि टीम इंडिया में फिलहाल बल्लेबाजी क्रम को लेकर कुछ भ्रम की स्थिति है, और खिलाड़ियों को स्पष्ट जिम्मेदारी दिए जाने की जरूरत है ताकि वे खुलकर खेल सकें।
ऋषभ पंत को बाहर रखने पर भी उठाए सवाल
ऋतुराज गायकवाड़ के अलावा चोपड़ा ने ऋषभ पंत को बाहर रखने पर भी नाराजगी व्यक्त की। उनका कहना था कि जब मध्यक्रम में जगह खाली थी, तब टीम मैनेजमेंट ने पंत को मौका देने के बजाय वॉशिंगटन सुंदर जैसे खिलाड़ी को भेज दिया, जिन्होंने उस पोजिशन पर बहुत कम बैटिंग की है। चोपड़ा ने याद दिलाया कि पंत ODI में नंबर 4 और 5 पर सबसे प्रभावशाली बल्लेबाजों में से एक रहे हैं और उन्हें लगातार बाहर रखने की कोई ठोस वजह समझ में नहीं आती।
पंत ने आखिरी बार अगस्त 2024 में श्रीलंका के खिलाफ ODI खेला था। इसके बाद वह चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में टीम का हिस्सा तो थे, लेकिन उन्हें प्लेइंग इलेवन में मौका नहीं मिला क्योंकि विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी KL राहुल के पास थी।
दूसरे ODI में क्या बदलाव देखने को मिल सकते हैं
भारत रांची में 17 रन से जीत दर्ज करके सीरीज में 1 0 से आगे है, लेकिन टीम संयोजन को लेकर बहस जारी है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या टीम मैनेजमेंट दूसरे ODI में ऋषभ पंत को जगह देता है या ऋतुराज गायकवाड़ को टॉप ऑर्डर में बैटिंग का मौका मिलता है। चोपड़ा की बातों ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या भारत अपनी सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजी लाइनअप उतार रहा है या फिर प्रयोगों के कारण कुछ खिलाड़ी अपनी संभावनाओं से दूर हो रहे हैं।
आने वाले मुकाबलों में यह साफ हो जाएगा कि मैनेजमेंट चोपड़ा की सलाह को कितना गंभीरता से लेता है, क्योंकि सही बल्लेबाजी क्रम तय करना ही टीम की स्थिरता और प्रदर्शन का आधार बन सकता है।
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