दुनिया के सबसे ताकतवर देशों में शुमार अमेरिका ने पिछले कुछ समय में क्रिकेट में भी हाथ आजमाने की कोशिश की है। लेकिन यह खेल उनके लिए अच्छे से ज्यादा खराब साबित हुआ है। आए दिन कोई न कोई कंट्रोवर्सी उन्हें घेरती रहती है। साल 2024 के टी-20 वर्ल्ड कप में भी उन्हें संयुक्त रूप से मेजबानी इसलिए दी गई थी ताकि इस खेल को और ज्यादा प्रचलित किया जा सके। हालांकि ऐसा होता हुआ नहीं दिख रहा है।
एक तरफ अमेरिका अपनी टीम को अगले साल भारत और श्रीलंका की मेजबानी में होने वाले आईसीसी टी-20 वर्ल्ड कप में हिस्सा लेने के लिए भेजने वाला है। दूसरी ओर, उनके खिलाड़ी पर अबू धाबी टी-10 लीग से संबंधित तीन भ्रष्टाचार रोधी संहिता उल्लंघनों का आरोप लगाया गया है।
अखिलेश रेड्डी पर लगे भ्रष्टाचार के आरोप

अखिलेश अबू धाबी टी-10 लीग में यूपी नवाब टीम के लिए खेलते हैं। अमेरिका के इस क्रिकेटर पर भ्रष्टाचार निरोधक संहिता के तीन उल्लंघनों का आरोप लगाया गया है। 25 साल के ऑफ स्पिनर अखिलेश पर यह आरोप काफी गंभीर हैं।
आईसीसी ने उन्हें तत्काल प्रभाव से अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है। इन आरोपों का जवाब देने के लिए उन्हें 14 दिनों का समय दिया गया है। रेड्डी पर आईसीसी आचार संहिता के अनुच्छेद 2.1.1, अनुच्छेद 2.1.4 और अनुच्छेद 2.4.7 का उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया है।
अखिलेश पर लगा सबूत मिटाने का आरोप
इसमें मोबाइल से डेटा और मैसेज डिलीट करके जांच में रुकावट डालने के अलावा, ICC की एंटी-करप्शन यूनिट ने उन पर मैच का नतीजा या कोई और पहलू फिक्स करने और दूसरे खिलाड़ी को गलत तरीके से प्रभावित करने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। अखिलेश रेड्डी की बात करें तो उन्होंने इस साल अप्रैल में संयुक्त राज्य अमेरिका के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया और तब से चार मैच खेले हैं।
इन मैचों में वह सिर्फ़ एक विकेट ले पाए। ICC के इन आरोपों ने अब अखिलेश के करियर पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, और अगर वह संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए, तो उन्हें ICC से बैन का सामना करना पड़ सकता है।
14 दिनों के अंदर अखिलेश को देना है जवाब
अखिलेश रेड्डी ने इसी साल अप्रैल में अमेरिका के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू किया था, जिसके बाद से उन्होंने अब तक चार मैच खेले हैं, जिसमें वे सिर्फ एक विकेट ले पाए हैं। आईसीसी द्वारा लगाए गए इन आरोपों के बाद अखिलेश के करियर पर निश्चित तौर पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है, जिसमें अगर वह संतोषजनक जवाब पेश नहीं कर पाते हैं तो आईसीसी द्वारा उन पर प्रतिबंध भी लगाया जा सकता है।

