इंग्लैंड के तेज गेंदबाज Mark Wood के बाएं घुटने की चोट और रिकवरी में देरी के चलते उनकी उपलब्धता पर सवाल बढ़ गए हैं।
इंग्लैंड के तेज गेंदबाज मार्क वुड (Mark Wood) की फिटनेस इंग्लैंड टीम के लिए लगातार चिंता का विषय बनी हुई है और ब्रिस्बेन के द गाबा में पिंक बॉल टेस्ट से बाहर होने के बाद अब वह एडिलेड में होने वाले तीसरे एशेज टेस्ट के लिए भी संदेह में दिख रहे हैं।
ब्रिस्बेन में दूसरे टेस्ट के पहले दिन उन्होंने अपने बाएं घुटने पर ब्रेस पहनकर मैदान पर कदम रखा था और इसी वजह से उनकी रिकवरी को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। टीम मैनेजमेंट फिलहाल उनकी स्थिति को हर दिन मॉनिटर कर रहा है, ताकि अगले मैच से पहले किसी ठोस निष्कर्ष पर पहुंचा जा सके।
वुड ने खुद भी अपनी उपलब्धता पर बड़ी स्पष्टता से कहा है कि एडिलेड टेस्ट खेलना संभव है लेकिन रियलिस्टिक तौर पर मेलबर्न और सिडनी टेस्ट में लौटने की अधिक संभावना है। उन्होंने यह भी बताया कि उन्हें सबसे पहले घुटने का ब्रेस हटाना होगा और फिर अपनी गतिशीलता को पूरी तरह से वापस पाना होगा, ताकि वह तेज रफ्तार गेंदबाजी करने में सहज महसूस करें।
वुड ने खुद बताया वापसी का संभावित टाइमलाइन
दूसरे टेस्ट के दौरान चैनल 7 से बात करते हुए मार्क वुड ने स्वीकार किया कि एडिलेड में खेलने की उम्मीद अभी भी बनी हुई है लेकिन वास्तविक मूल्यांकन करने पर उन्हें लगता है कि मेलबर्न और सिडनी जैसे बाद के मैच उनके लिए अधिक सुरक्षित विकल्प होंगे।
उनके अनुसार घुटने पर ब्रेस हटने के बाद ही वे सामान्य तरीके से दौड़ने और मूवमेंट की स्थिति में आ पाएंगे। उन्होंने कहा कि अभी उनके लिए सबसे अहम लक्ष्य पूरी तरह से फिट होना है और ऐसे में जल्दबाजी करना उनके करियर के लिए नुकसानदेह हो सकता है।
पहले भी उठे थे फिटनेस को लेकर सवाल
इसके पहले ब्रिस्बेन टेस्ट से ठीक पहले भी मार्क वुड की उपलब्धता पर शंका जताई गई थी, क्योंकि उन्होंने टीम के पहले ट्रेनिंग सेशन में हिस्सा नहीं लिया था। वह उस दिन इंग्लैंड स्क्वॉड के तेरह उपलब्ध खिलाड़ियों में एकमात्र ऐसे खिलाड़ी थे, जो प्रैक्टिस में मौजूद नहीं थे।
हालांकि, टीम के वरिष्ठ बल्लेबाज जो रुट ने यह स्पष्ट किया कि वह वुड की चोट की पूरी जानकारी तो नहीं जानते लेकिन वह पूरी मेहनत कर रहे हैं, ताकि जल्द से जल्द फिट होकर टीम के लिए उपलब्ध हो सकें। रुट ने कहा कि वुड बहुत प्रोफेशनल हैं और इंग्लैंड के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की गहरी इच्छा रखते हैं, इसलिए वह एक भी मौका गंवाना नहीं चाहते।
इंग्लैंड के लिए मुश्किलें बढ़ा सकती है वुड की गैर मौजूदगी
जो रुट ने यह भी कहा कि टीम वुड की स्थिति का इंतजार करेगी, क्योंकि उनकी वापसी दिनों में होगी या हफ्तों में यह कहना अभी मुश्किल है। वुड अगर एडिलेड टेस्ट भी मिस करते हैं तो टीम को एक और तेज गेंदबाज चुनने का मौका मिलेगा और इस मंच पर युवा गेंदबाजों के लिए खुद को साबित करने का बड़ा अवसर भी मिलेगा। एशेज जैसा हाई प्रेशर माहौल हर खिलाड़ी के लिए सीखने और चमकने का बेहतरीन मौका होता है।
2025 में चोटों से जूझता रहा है वुड का साल
मार्क वुड के लिए यह साल लगातार चोटों से जूझते हुए बीता है और यही वजह है कि इंग्लैंड उनकी फिटनेस को लेकर बेहद सतर्क है। मार्च 2025 में उन्हें घुटने की मेडियल लिगामेंट इंजरी की वजह से सर्जरी करानी पड़ी थी और उसी कारण वह करीब नौ महीने क्रिकेट से दूर रहे। पर्थ में खेला गया पहला एशेज टेस्ट उनका लगभग नौ महीने बाद पहला कम्पेटिटिव मैच था और अगस्त 2024 के बाद उनका पहला टेस्ट भी था।
वुड ने इंग्लैंड के लिए वापसी आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान की थी लेकिन पाकिस्तान में अफगानिस्तान के खिलाफ मैच के बाद वह फिर चोटिल हो गए और टूर्नामेंट से बाहर होना पड़ा। इसके बाद ईसीबी ने जानकारी दी कि बाएं घुटने की लिगामेंट इंजरी के कारण उन्हें चार महीने के लिए आराम की जरूरत है और इसी वजह से वह भारत के खिलाफ घरेलू सीरीज भी नहीं खेल पाए थे।
पहले टेस्ट से पहले हैमस्ट्रिंग में भी महसूस हुई थी जकड़न
सीरीज की शुरुआत से पहले भी मार्क वुड ने वॉर्म अप मैच के बाद अपनी हैमस्ट्रिंग में जकड़न महसूस की थी और उसी समय यह साफ हो गया था कि वह पांचों टेस्ट मैच नहीं खेल पाएंगे।
हालांकि, पर्थ में वह समय पर फिट होकर उतरे और अच्छी गति से गेंदबाजी भी की लेकिन इंग्लैंड को ट्रैविस हेड की जबरदस्त शतकीय पारी के कारण मैच गंवाना पड़ा। उस समय भी वुड ने कहा था कि वह इस बात को लेकर पूरी तरह आश्वस्त हैं कि लगातार पांच मैच खेलना संभव नहीं होगा और टीम को उनकी फिटनेस को संभालकर आगे बढ़ना होगा।
मार्क वुड की चोट इंग्लैंड के लिए एशेज 2025-26 में एक बड़ी चुनौती बन गई है, क्योंकि उनकी तेजी और अनुभव टीम की गेंदबाजी की रीढ़ माने जाते हैं। एडिलेड टेस्ट से पहले उनके खेलने पर संशय बरकरार है और आने वाले दिनों में उनकी रिकवरी की गति ही यह तय करेगी कि वह कब मैदान पर लौटेंगे। इंग्लैंड टीम चाहती है कि वह पूरी तरह फिट होकर खेलें, ताकि भविष्य के मैचों में उनका अच्छा प्रदर्शन टीम के लिए उपलब्ध हो सके।
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