Ashwin slams Siraj’s expensive spell in Leeds Test: भारत और इंग्लैंड के बीच हेडिंग्ले में खेले गए पहले टेस्ट में भारतीय गेंदबाज़ों की नाकामी एक बार फिर सामने आई, जब टीम 371 रनों का लक्ष्य आखिरी दिन भी बचा नहीं पाई। दूसरी पारी में भारत को सिर्फ 5 विकेट ही मिल पाए, जिसमें जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज दोनों ही विकेट लेने में नाकाम रहे।
इस प्रदर्शन के बाद जहां कई पूर्व खिलाड़ियों ने गेंदबाज़ों का बचाव किया, वहीं रविचंद्रन अश्विन ने मोहम्मद सिराज की आलोचना करते हुए उनके इकॉनमी रेट पर कड़ी टिप्पणी की।
सिराज की रन लीक करने की आदत पर भड़के अश्विन
रविचंद्रन अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर चर्चा करते हुए बुमराह की गेंदबाज़ी की जमकर तारीफ की और कहा कि प्रसिद्ध कृष्णा भी लय में आने के बाद बेहतरीन साबित हो सकते हैं। साथ ही उन्होंने रविंद्र जडेजा को भी उनके रोल के लिए भरोसेमंद बताया। लेकिन जब मोहम्मद सिराज की बात आई, तो उन्होंने खुलकर सवाल उठाया।
अश्विन ने कहा:
“बुमराह बेहतरीन गेंदबाज़ी कर रहे हैं। प्रसिद्ध जब लय में होता है तो बहुत प्रभावी हो सकता है। जडेजा अपना काम बखूबी कर रहे हैं। लेकिन मेरी सिराज से एक ही शिकायत है- क्या तुम रन रोक सकते हो? तुम्हें विकेट नहीं चाहिए, लेकिन क्या हर ओवर में 4-5 रन देना ज़रूरी है? जब रन लीक होते हैं तो फिर बुमराह को बार-बार लाना पड़ता है। वह भी थकता है, उसकी स्पेल लंबी खिंच जाती है और फिर साझेदारियां बन जाती हैं।”
मोर्ने मोर्कल जैसी भूमिका निभाने की सलाह
अश्विन ने सिराज को मोर्ने मोर्कल से सीख लेने की भी सलाह दी और बताया कि कैसे मोर्कल विकेट लेने वालों को सपोर्ट करते थे और रन नहीं लीक करते थे।
उन्होंने कहा:
“प्रसिद्ध पहली बार इंग्लैंड में खेल रहा है, वह अनुभवहीन है। लेकिन सिराज को भरोसेमंद गेंदबाज़ की भूमिका निभानी होगी। मोर्ने मोर्कल को याद करो, वो 20 ओवर में 43 रन देकर 2 विकेट लेते थे। अब जब बेज़बॉल का दौर है, तब हो सकता है तुम 2/58 चले जाओ। लेकिन यही भूमिका सिराज को निभानी है और अगर वो इसमें सफल होता है, तो टीम के लिए बहुत बड़ा अंतर पैदा हो सकता है।”
हेडिंगली टेस्ट में सिराज का निराशाजनक प्रदर्शन
हेडिंगली टेस्ट में सिराज का प्रदर्शन औसत से भी नीचे रहा। पहली पारी में उन्होंने 122 रन लुटाए और सिर्फ दो विकेट ही ले सके। दूसरी पारी में वह पूरी तरह फ्लॉप रहे और बिना कोई विकेट लिए 51 रन दे बैठे। उनका इकॉनमी रेट पूरे मैच में 4.22 रहा, जो कि जसप्रीत बुमराह से 1.01 अधिक था। हालांकि, बुमराह ने दबाव बनाए रखा और किफायती गेंदबाज़ी की, लेकिन सिराज की लयहीनता ने इंग्लैंड के बल्लेबाज़ों को खुलकर खेलने का मौका दे दिया।
टीम में भूमिका को लेकर ज़रूरी बदलाव
अश्विन के इन बयानों से यह साफ झलकता है कि टीम में हर गेंदबाज़ की भूमिका तय होनी चाहिए और सिराज जैसे खिलाड़ी को सिर्फ विकेट के पीछे नहीं भागना चाहिए, बल्कि रन रोकने के काम में भी कुशल होना चाहिए। मोर्ने मोर्कल जैसे गेंदबाज़ों से तुलना करना सिराज के लिए एक सकारात्मक चुनौती हो सकती है, अगर वह इस रोल को समझकर अपनी रणनीति में बदलाव लाएं।
अश्विन की आलोचना भले ही तीखी हो, लेकिन उसमें सीख छिपी है। सिराज अभी भी टीम के मुख्य तेज़ गेंदबाज़ों में से एक हैं और अगर वह अपने प्रदर्शन में स्थिरता और नियंत्रण ला पाते हैं, तो टीम इंडिया के लिए आने वाले मुकाबलों में वह एक वैल्युएबल एसेट साबित हो सकते हैं।
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