भारतीय टीम के पूर्व गेंदबाज़ हरभजन सिंह ने कहा कि भारत को पाकिस्तान के साथ क्रिकेट खेलने से पहले अपने आपसी रिश्ते सुधार लेने चाहिए। इसके बाद, सरकार ने पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय खेल और व्यापारिक संबंधों पर बैन लगा दिया था। एशिया कप में 14 सितम्बर को भारत और पाकिस्तान के बीच मुक़ाबला दुबई में खेला जाना है।
भारत और पाकिस्तान मैच पर भज्जी ने दी प्रतिक्रिया
हरभजन सिंह ने एशिया कप में भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले मैच से पहले दोनों देशों के बीच डिप्लोमैटिक संबंधों में सुधार करने की अपील की है। यह बयान 14 सितम्बर को दुबई में होने वाले एशिया कप मुक़ाबले से पहले आया है। 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने जवाब में ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान में घुसकर आतंकी ठिकानों को तबाह किया था। इस घटना के बाद से यह दोनों देशों के बीच पहला मैच हो रहा हैं ।
हरभजन सिंह ने कहा कि वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ़ लीजेंड्स टूर्नामेंट में भारत और पाकिस्तान के बीच कोई मैच नहीं हुआ । लीजेंड्स सीरीज़ का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि हमने पाकिस्तान टीम के साथ वह मैच नहीं खेला था। शिखर धवन ने साफ मना कर दिया था कि हम पाकिस्तान के ख़िलाफ़ नहीं खेलेंगे।
हरभजन सिंह ने क्या कहा
“भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मैच हमेशा सुर्खियों में रहता है। मगर ऑपरेशन सिंदूर के बाद सभी ने कहा कि दोनों देशों के बीच क्रिकेट और व्यापार नहीं होना चाहिए। हम वर्ल्ड चैंपियनशिप्स ऑफ़ लीजेंड्स खेल रहे थे, लेकिन हमने पाकिस्तान के ख़िलाफ़ मुक़ाबला नहीं खेला।”
“हर किसी के सोचने का अपना अलग तरीका है, लेकिन मेरा मानना है कि जब तक दोनों देशों के बीच संबंध सुधर नहीं जाते, तब तक क्रिकेट और व्यापार दोनों नहीं होना चाहिए। मगर यह मेरा विचार है। अगर सरकार कहती है कि मैच होना चाहिए तो फिर यह खेला जाना चाहिए। मगर दोनों देशों के बीच संबंध बेहतर होने चाहिए।”
चार लॉ के छात्रों की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने क्या जवाब दिया
याचिका में यह लिखा गया था कि पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान के साथ एक हाई-प्रोफाइल खेल आयोजन भारतीय सैनिकों के बलिदान का अपमान होगा और पीड़ित परिवारों की भावनाओं को ठेस पहुँचाएगा। याचिका में कहा गया था, “राष्ट्र की गरिमा और नागरिकों की सुरक्षा मनोरंजन से पहले आती है।”
इस पर जवाब देते हुए न्यायमूर्ति जे.के. माहेश्वरी और न्यायमूर्ति विजय बिश्नोई की पीठ ने मामले पर सुनवाई करते हुए कहा कि “आख़िर इतनी जल्दी क्या है? यह मैच है, इसे होने दीजिए।” जब पीठ को बताया गया कि मैच रविवार को होना है, तो पीठ ने जवाब दिया, “हम इसमें क्या कर सकते हैं।

