Dasun Shanaka Run Out Controversy in Super Over India vs Sri Lanka: एशिया कप 2025 के सुपर फोर में इंडिया और श्रीलंका के बीच खेला गया मुकाबला क्रिकेट फैंस के लिए किसी थ्रिलर से कम नहीं था। दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले गए इस मैच में दोनों टीमों ने 20-20 ओवरों में 202-202 रन बनाए और मैच सुपर ओवर में पहुंचा। टीम इंडिया ने सुपर ओवर में जीत दर्ज कर अजेय रहते हुए फाइनल में एंट्री की। लेकिन इस मैच में सबसे ज्यादा चर्चा सुपर ओवर के दौरान हुई एक घटना की रही, जब दासुन शनाका रन आउट होते-होते बच गए। इस घटना ने क्रिकेट के एक महत्वपूर्ण नियम को सुर्खियों में ला दिया।
सुपर ओवर का ड्रामा और विवाद
श्रीलंका की पारी में अर्शदीप सिंह ने अपनी गेंदबाजी से कमाल कर दिया। पहली गेंद पर कुसल परेरा आउट हो गए, जबकि दूसरी गेंद पर केवल एक रन बना। इसके बाद तीसरी गेंद डॉट रही, लेकिन असली ड्रामा चौथी गेंद पर हुआ।
दरअसल, अर्शदीप ने यॉर्कर लेंथ की गेंद फेंकी, जिसे शनाका ने डिफेंस करने की कोशिश की, लेकिन वह चूक गए। इस दौरान भारतीय खिलाड़ियों ने कैच आउट की अपील की और अंपायर ने तुरंत उंगली उठा दी।
इसी बीच शनाका रन के लिए दौड़ पड़े और विकेटकीपर संजू सैमसन ने सीधे थ्रो करके स्ट्राइकर एंड पर स्टंप्स उड़ा दिए। शनाका और भारतीय टीम को लगा कि वह रन आउट भी हो चुके हैं, लेकिन अंपायर गाज़ी सोहेल ने समझाया कि चूंकि अंपायर ने पहले ही कैच आउट का फैसला दे दिया था, गेंद डेड हो गई थी। बाद में अल्ट्राएज रिप्ले में साफ हुआ कि गेंद बल्ले से नहीं लगी थी और कैच आउट का फैसला पलट गया। नतीजा यह हुआ कि शनाका न केवल कैच आउट से बचे, बल्कि रन आउट भी नहीं माने गए।
जानिए क्रिकेट का नियम, गेंद कब डेड होती है?
आईसीसी के नियमों के अनुसार, जैसे ही अंपायर आउट का कोई फैसला सुनाता है, उसी क्षण गेंद डेड हो जाती है। इसका मतलब है कि उसके बाद जो भी रन आउट या अन्य डिसमिसल होती है, वह मान्य नहीं मानी जाएगी। इस दौरान बल्लेबाज चाहे क्रीज से बाहर ही क्यों न हो, उसे रन आउट नहीं किया जा सकता। लेकिन अगर अंपायर आउट का फैसला देने में देरी करते हैं और गेंद लाइव रहती है, तब रन आउट संभव है।
शनाका ने दिखाई चालाकी
हालांकि, पहले तो शनाका खुद को रनआउट समझकर पवेलियन किए लिए दौड़ने लगे, लेकिन जब उन्हें यह समझ आया कि अंपायर ने रन आउट से पहले कैच आउट का फैसला दे दिया है, तो उन्होंने तुरंत रिव्यू लिया क्योंकि उन्हें पता था कि अगर कैच आउट का फैसला पलटता है तो रन आउट भी मान्य नहीं होगा। यह उनकी खेल समझ और नियम की जानकारी का उदाहरण था। अगर अंपायर ने आउट देने में थोड़ी देरी की होती और रन आउट पहले हो जाता, तो फैसला रन आउट के पक्ष में जाता।
खिलाड़ियों और टीमों के लिए बड़ी सीख
यह घटना खिलाड़ियों को यह याद दिलाती है कि क्रिकेट में नियमों की सही जानकारी होना उतना ही जरूरी है, जितना बल्लेबाजी और गेंदबाजी का कौशल का होना। सही समय पर रिव्यू लेना और मैदान पर स्थिति को समझना मैच का नतीजा बदल सकता है।
दासुन शनाका का यह विवाद क्रिकेट में “गेंद डेड होने” के नियम को लेकर शानदार उदाहरण बन गया। भारतीय खिलाड़ियों को भले ही उस वक्त हैरानी हुई हो, लेकिन अंपायर ने साफ तौर पर नियम समझाया। सुपर ओवर जैसे हाई-प्रेशर मोमेंट्स में खिलाड़ियों को नियमों की जानकारी होना जरूरी है ताकि वे सही फैसले ले सकें।
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