मल्लिका सागर भारतीय खेल जगत में एक ऐसे नाम के रूप में उभरकर सामने आई हैं, जिन्होंने ऑक्शन जैसे खास और चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। उनकी शांत शैली, सटीक कमांड और प्रत्येक बोली को सहजता से संभालने की क्षमता ने उन्हें क्रिकेट और कबड्डी दोनों की दुनिया में खास स्थान दिलाया है।
WPL 2026 ऑक्शन में उनकी वापसी एक बार फिर यह दर्शाती है कि वह आज भारत की सबसे सफल और भरोसेमंद महिला ऑक्शनियर मानी जाती हैं।
IPL और WPL में ऐतिहासिक शुरुआत
मल्लिका सागर ने 2023 में पहला बड़ा इतिहास रचा जब वह IPL में ऑक्शन की मेजबानी करने वाली पहली महिला बनीं। दुबई में हुए मिनी ऑक्शन में उन्होंने जिस आत्मविश्वास और पेशेवर अंदाज में यह जिम्मेदारी निभाई, उसने दर्शकों और क्रिकेट विशेषज्ञों दोनों को प्रभावित किया।
इसके बाद उन्होंने नवंबर 2024 में जेद्दाह में हुए IPL 2025 मेगा ऑक्शन में भी बड़ी कुशलता के साथ ऑक्शन का संचालन किया। इसी बीच वह WPL के पहले सीजन से ही इसऑक्शन का अहम हिस्सा बनीं और लगातार अपनी भूमिका को और मजबूत करती चली गईं।
कबड्डी से क्रिकेट तक की यात्रा
मल्लिका सागर की खेल ऑक्शन की यात्रा 2021 से शुरू हुई जब वह प्रो कबड्डी लीग की पहली महिला ऑक्शनियर बनीं। यह वह दौर था जब खेल ऑक्शन में महिलाओं की उपस्थिति लगभग नहीं थी और मल्लिका ने अपनी क्षमता और मेहनत से रास्ता खुद बनाया।
इसके बाद जब 2023 में पहली बार महिला प्रीमियर लीग ऑक्शन हुई तो उन्होंने इसे बड़ी सहजता से संभाला और क्रिकेट जगत में अपनी पहचान को एक नए स्तर पर पहुंचाया।
मुंबई से अमेरिका तक की शिक्षा और शुरुआती प्रेरणा
मल्लिका सागर का जन्म मुंबई के एक बिजनेस परिवार में हुआ और उन्हें बचपन से ही कला और संस्कृति के माहौल का अनुभव मिलता रहा। उन्होंने अमेरिका के Bryn Mawr College से आर्ट हिस्ट्री की पढ़ाई की, जिसने उनके पेशेवर जीवन की बुनियाद और मजबूत की।
दिलचस्प बात यह है कि उनका ऑक्शन की दुनिया से पहला परिचय एक किताब के माध्यम से हुआ, जिसमें मुख्य किरदार एक अनुभवी ऑक्शनियर था और इसी कथा ने उन्हें इस क्षेत्र में कदम रखने की प्रेरणा दी।
क्रिस्टीज से अंतरराष्ट्रीय सफर की शुरुआत
उनके करियर की शुरुआत 2001 में न्यूयॉर्क के प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय ऑक्शन हाउस क्रिस्टीज से हुई। मात्र 26 वर्ष की उम्र में वह क्रिस्टीज के अंतरराष्ट्रीय आर्ट और लग्जरी बिजनेस में काम करने वाली पहली भारतीय महिला ऑक्शनियर बनीं जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि थी।
अंतरराष्ट्रीय स्तर का यह अनुभव उनके आत्मविश्वास और ऑक्शन कौशल को और गहरा करता गया। बाद में वह भारत लौटीं और मुंबई के Pundole’s Art Gallery जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं के साथ भी जुड़ीं, जहां उन्होंने भारतीय कला जगत में ऑक्शन के अपने अनुभवों को आगे बढ़ाया।
क्यों खास है मल्लिका सागर की उपस्थिति
आज जब भारतीय खेल उद्योग तेज़ी से बढ़ रहा है, ऐसे में एक महिला ऑक्शनियर का टॉप लेवल पर जगह बनाना बहुत बड़ी उपलब्धि है। मल्लिका सागर न केवल अपनी प्रोफेशनलिटी के लिए जानी जाती हैं, बल्कि उनकी शांत शैली, सटीक निर्णय क्षमता और हर बोली को पारदर्शी तरीके से संचालित करने की क्षमता उन्हें खास बनाती है।
WPL 2026 में उनकी वापसी दर्शाती है कि उनकी विशेषज्ञता और नेतृत्व आज भी ऑक्शन प्रक्रिया की सबसे बड़ी ताकत है।
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