एडिलेड टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया की ऐतिहासिक जीत ने न सिर्फ एशेज सीरीज तय की, बल्कि इंग्लैंड के ऑस्ट्रेलिया में लंबे हार के सिलसिले को और भी लंबा कर दिया।
ऑस्ट्रेलिया में इंग्लैंड का टेस्ट क्रिकेट संघर्ष एक बार फिर सामने आ गया। इस हार के साथ इंग्लैंड लगातार 18 टेस्ट मैचों से ऑस्ट्रेलिया में जीत दर्ज नहीं कर पाया है। यह सिलसिला 2013-14 की एशेज सीरीज से शुरू हुआ था, जब इंग्लैंड को 5-0 से करारी शिकस्त झेलनी पड़ी थी।
टेस्ट इतिहास में यह किसी भी टीम का ऑस्ट्रेलिया में सबसे लंबा जीतविहीन दौर है, जो न्यूजीलैंड के 1985 से 2011 तक चले 18 मैचों के रिकॉर्ड के बराबर है। इंग्लैंड ने आखिरी बार 2011 में सिडनी में ऑस्ट्रेलिया को हराया था, जिसके बाद से हर दौरा उनके लिए निराशाजनक साबित हुआ है।
एडिलेड टेस्ट में इंग्लैंड के आंकड़े क्या कहते हैं
एडिलेड में इंग्लैंड का कुल मैच स्कोर 638 रहा, जो 2011 के सिडनी टेस्ट के बाद ऑस्ट्रेलिया में उनका सबसे बड़ा मैच एग्रीगेट है। इसके बावजूद टीम जीत से दूर रही। वे चौथी पारी में 352 रन का लक्ष्य भी हासिल नहीं कर सके। हालांकि, यह 2017-18 मेलबर्न टेस्ट के बाद ऑस्ट्रेलिया में रन चेज करते हुए उनका सबसे बड़ा स्कोर था। यह साफ दिखाता है कि आंकड़ों में सुधार के बावजूद नतीजे इंग्लैंड के पक्ष में नहीं आ रहे हैं।
एशेज सीरीज कितनी जल्दी तय हुई
इस एशेज सीरीज में अब तक कुल 4719 गेंदें फेंकी गई हैं, जो पांच या उससे अधिक मैचों वाली एशेज सीरीज में दूसरी सबसे कम संख्या है, जिसमें सीरीज का फैसला हो गया। इससे पहले 2001 की एशेज में सिर्फ 3991 गेंदों में ऑस्ट्रेलिया ने सीरीज में निर्णायक बढ़त बना ली थी।
दिनों के लिहाज से भी यह एशेज बेहद जल्दी तय हो गई। 2025-26 की एशेज में सिर्फ 11 दिनों में ऑस्ट्रेलिया ने 3-0 की बढ़त बना ली, जो 1921 की एशेज के बाद संयुक्त रूप से दूसरा सबसे तेज फैसला है।
घर पर ऑस्ट्रेलिया का एशेज दबदबा
ऑस्ट्रेलिया ने घरेलू मैदान पर लगातार चौथी एशेज सीरीज अपने नाम की है। यह सिलसिला 2013-14 से शुरू हुआ था और हर बार ऑस्ट्रेलिया ने पहले तीन टेस्ट जीतकर सीरीज सील की है।
2000 के बाद से घरेलू एशेज में सात में से छह बार ऑस्ट्रेलिया ने तीसरे टेस्ट तक 3-0 की अजेय बढ़त बना ली है। केवल 2010-11 की सीरीज इसका अपवाद रही, जब इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलिया को 3-1 से हराया था।
एडिलेड ओवल बना ऑस्ट्रेलिया का किला
एडिलेड ओवल में ऑस्ट्रेलिया की यह लगातार सातवीं टेस्ट जीत है। 2018 में भारत से हार के बाद से यहां ऑस्ट्रेलिया ने कोई टेस्ट नहीं गंवाया है। 2013 के बाद से इस मैदान पर खेले गए 13 टेस्ट में से 12 में ऑस्ट्रेलिया ने जीत हासिल की है।
टेस्ट क्रिकेट में किसी एक मैदान पर इससे लंबा जीत का सिलसिला केवल वेस्टइंडीज और ऑस्ट्रेलिया के नाम दर्ज है।
एलेक्स कैरी का ऐतिहासिक टेस्ट
Alex Carey ने इस टेस्ट में इतिहास रच दिया। वे ऑस्ट्रेलिया के पहले विकेटकीपर बने जिन्होंने एक ही टेस्ट में शतक और अर्धशतक दोनों लगाए। पहली पारी में उन्होंने 106 रन बनाए और ओपनिंग डे पर टेस्ट शतक लगाने वाले पहले ऑस्ट्रेलियाई विकेटकीपर बने।
कैरी ने इस मैच में कुल सात शिकार भी किए, जिनमें पहली पारी में पांच डिसमिसल शामिल थे। टेस्ट इतिहास में केवल दो अन्य खिलाड़ी ही ऐसे रहे हैं जिन्होंने एक टेस्ट में शतक, अर्धशतक और एक पारी में पांच डिसमिसल का कारनामा किया है।
प्लेयर ऑफ द मैच में कैरी की खास जगह
यह टेस्ट क्रिकेट में कैरी का चौथा प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड था। विकेटकीपर के रूप में उनसे आगे केवल एडम गिलक्रिस्ट हैं। कैरी एशेज टेस्ट में प्लेयर ऑफ द मैच बनने वाले केवल तीसरे विकेटकीपर हैं और उनसे पहले यह सम्मान भी ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों को ही मिला था।
मिचेल स्टार्क का शानदार साल
Mitchell Starc ने 2025 में टेस्ट क्रिकेट में 51 विकेट पूरे किए। वे इस साल 50 से ज्यादा विकेट लेने वाले पहले गेंदबाज बने। इससे पहले वे 2016 में भी एक कैलेंडर ईयर में 50 विकेट ले चुके हैं।
स्टार्क की स्ट्राइक रेट 28.7 रही, जो किसी भी कैलेंडर ईयर में 50 या उससे अधिक विकेट लेने वाले गेंदबाजों में सर्वश्रेष्ठ है। इस एशेज में उन्होंने अब तक 22 विकेट और 150 रन बनाए हैं, जिसमें दो अर्धशतक भी शामिल हैं।
नाथन लायन का बड़ा रिकॉर्ड
Nathan Lyon ने टेस्ट क्रिकेट में 567 विकेट पूरे कर लिए हैं। इसके साथ वे टेस्ट इतिहास में छठे सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बन गए हैं। ऑस्ट्रेलिया के लिए वे अब केवल एक खिलाड़ी से पीछे हैं।
ट्रैविस हेड की एडिलेड में बादशाहत
Travis Head ने दूसरी पारी में 170 रन की शानदार पारी खेली। यह 2002 में जस्टिन लैंगर के 250 रन के बाद घरेलू एशेज में किसी ऑस्ट्रेलियाई ओपनर का सबसे बड़ा स्कोर है।
हेड ने एडिलेड ओवल में लगातार चार टेस्ट में शतक लगाए हैं। उनसे पहले यह उपलब्धि केवल माइकल क्लार्क के नाम थी।
कप्तान पैट कमिंस का खास मुकाम
Pat Cummins ने टेस्ट कप्तान के रूप में 151 विकेट पूरे किए। वे ऐसा करने वाले दुनिया के सिर्फ दूसरे खिलाड़ी हैं। उनसे पहले यह कारनामा केवल इमरान खान ने किया था।
जो रूट और इंग्लैंड की निराशा
Joe Root ने ऑस्ट्रेलिया में अब तक 17 टेस्ट खेले हैं और इनमें से किसी में भी जीत दर्ज नहीं कर पाए हैं। यह किसी खिलाड़ी का दूसरे देश में दूसरा सबसे लंबा जीतविहीन करियर है। इन 17 मैचों में वे 15 हार का हिस्सा रहे हैं।
इंग्लैंड की मेहनत, लेकिन नतीजा वही
एडिलेड टेस्ट में इंग्लैंड ने कुल 190.1 ओवर बल्लेबाजी की, जो मौजूदा कोचिंग दौर में उनका सबसे बड़ा प्रयास रहा। इसके बावजूद ऑस्ट्रेलिया की मजबूत गेंदबाजी और घरेलू हालात ने एक बार फिर इंग्लैंड की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
इस टेस्ट और पूरी सीरीज ने साफ कर दिया कि ऑस्ट्रेलिया में एशेज जीतना इंग्लैंड के लिए अब भी सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है। एलेक्स कैरी, मिचेल स्टार्क और ट्रैविस हेड जैसे खिलाड़ियों के दम पर ऑस्ट्रेलिया ने न सिर्फ सीरीज अपने नाम की, बल्कि एशेज इतिहास में अपने घरेलू दबदबे को और भी मजबूत कर लिया।
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