Cricket Kenya AOS Deal Cancelled: क्रिकेट केन्या में प्रशासनिक उठापटक एक बार फिर सुर्खियों में है। बोर्ड ने अचानक दुबई-इंडिया बेस्ड कंपनी एरीना ऑफ स्पोर्ट्स (AOS) के साथ अपनी पार्टनरशिप को खत्म कर दिया है।
यह वही कंपनी थी जो केन्या की पहली बड़ी टी20 लीग ‘CK T20 लीग’ आयोजित करने जा रही थी। इस फैसले ने न सिर्फ लीग के भविष्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं बल्कि बोर्ड के कामकाज और मैनेजमेंट को लेकर भी नई बहस छेड़ दी है।
गंभीर गवर्नेंस उल्लंघन के चलते खत्म हुआ करार
क्रिकेट केन्या बोर्ड ने 10 सितंबर को आधिकारिक बयान जारी करते हुए बताया कि AOS के साथ समझौता गंभीर गवर्नेंस उल्लंघन और रेगुलेटरी नॉन-कम्प्लायंस की वजह से खत्म किया गया है।
बता दें कि, इस लीग को 7 नवंबर 2025 से शुरू होना था और इसके लिए छह फ्रेंचाइजी टीमों नैरोबी चैलेंजर्स, सिम्बा रॉयल्स और किसुमू टस्कर्स जैसी टीमों के नाम तक फाइनल कर दिए गए थे। लेकिन CEO रोनाल्ड बुकुसी ने साफ कहा कि कंपनी की कई गतिविधियों से बोर्ड की साख को नुकसान हुआ है।
उन्होंने बताया कि बोर्ड ने बहुमत से फैसला लेकर यह करार खत्म किया। इसमें बोर्ड मेंबर्स को प्रभावित करने के लिए वित्तीय लालच देने और बाहरी दबाव बनाने जैसी कोशिशों का भी जिक्र किया गया। इसके अलावा कंपनी ने कई बार प्रक्रियागत नियमों का उल्लंघन किया और यही कारण है कि बोर्ड के पास यह पार्टनरशिप खत्म करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा।
ICC की मंजूरी नहीं मिलने से टूर्नामेंट हुआ डिसअप्रूव
क्रिकेट केन्या को इस लीग के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) से आवश्यक नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) भी नहीं मिला था। रोनाल्ड बुकुसी ने पुष्टि की कि जब तक ICC मंजूरी नहीं देता, यह टूर्नामेंट ‘डिसएप्रूव्ड क्रिकेट’ की कैटेगरी में आता है और इसे आयोजित नहीं किया जा सकता। इससे बोर्ड पर दबाव और बढ़ गया था।
बोर्ड ने निवेश की राशि वापस करने से किया इंकार
AOS ने इस प्रोजेक्ट के लिए 25,000 अमेरिकी डॉलर का शुरुआती भुगतान किया था, लेकिन बोर्ड ने साफ कर दिया है कि यह रकम वापस नहीं की जाएगी। बोर्ड का कहना है कि यह भुगतान कॉन्ट्रैक्ट के तहत आता है और इसके रिफंड का कोई प्रावधान नहीं है। हालांकि, बोर्ड ने संकेत दिए हैं कि वह जल्द ही एक नए स्पॉन्सर की घोषणा कर सकता है।
बयान में कहा गया, “हमें खुशी है कि हम जल्द ही ऐसे नए पार्टनर का नाम साझा करेंगे, जो गवर्नेंस प्रिंसिपल्स के अनुरूप काम करेगा।”
बुकुसी ने चेतावनी दी कि भविष्य के पार्टनर से अव्यावहारिक और बहुत अधिक निवेश के वादे नहीं किए जाएंगे। उन्होंने कहा, “हम चाहते हैं कि लोग क्रिकेट खेलें। बड़ी-बड़ी रकम और आंकड़े सुनकर अच्छा लगता है, लेकिन हमें यह देखना होगा कि यह व्यावहारिक और असली है या नहीं।”
बोर्ड के भीतर नेतृत्व विवाद जारी
यह पूरा विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब क्रिकेट केन्या पहले से ही प्रशासनिक अस्थिरता का सामना कर रहा है। जुलाई में बोर्ड ने पूर्व चेयरमैन मनोज पटेल को हटा दिया था, लेकिन पटेल और कोषाध्यक्ष कैनेडी ओबुया ने 27 अगस्त को सार्वजनिक रूप से लीग लॉन्च करके विवाद और बढ़ा दिया।
बोर्ड ने दोबारा यह स्पष्ट किया कि क्रिकेट केन्या के संविधान के अनुसार फैसले लेने का अधिकार सिर्फ बोर्ड के पास है और कोई भी तथाकथित सुप्रीम काउंसिल इस प्रक्रिया का हिस्सा नहीं है।
खेल मंत्रालय ने जताई चिंता
केन्या के खेल मंत्रालय ने भी इस मामले में दखल देते हुए कहा कि क्रिकेट केन्या को अपने गवर्नेंस ढांचे को सुधारने की जरूरत है। कैबिनेट सचिव ने मीटिंग में याद दिलाया कि अच्छे प्रशासन को केंद्र में रखना होगा और यही समय है जब क्रिकेट केन्या को अपने पुराने ढर्रे से बाहर आकर पारदर्शिता और जिम्मेदारी से काम करना चाहिए।
नई एथिक्स कमेटी का गठन
बोर्ड ने अपनी साख बहाल करने के लिए एक आंतरिक विवाद और आचार समिति (Internal Disputes and Ethics Committee) के गठन की भी घोषणा की है। यह समिति अगले सात दिनों में काम करना शुरू कर देगी और इसका मकसद आंतरिक विवादों को सुलझाना और बेहतर निगरानी तंत्र लागू करना है।
क्रिकेट केन्या का यह फैसला संगठन के भविष्य के लिए एक अहम मोड़ माना जा रहा है। फिलहाल, CK T20 लीग अधर में लटकी है, लेकिन उम्मीद है कि नए पार्टनर के आने के बाद इसे दोबारा शुरू करने की कोशिश की जाएगी।
सबसे बड़ी चुनौती बोर्ड के लिए अब संगठन में विश्वास बहाल करना और खिलाड़ियों व फैंस को यह भरोसा दिलाना है कि केन्या में क्रिकेट का भविष्य सुरक्षित है।
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