2010 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ ग्वालियर में खेलते हुए सचिन तेंदुलकर वनडे क्रिकेट में दोहरा शतक लगाने वाले पहले बल्लेबाज़ बने थे। उस दौरान दक्षिण अफ्रीका के दिग्गज तेज़ गेंदबाज़ डेल स्टेन ने दावा किया था कि उन्होंने सचिन को 200 रन से पहले ही आउट कर दिया था, लेकिन अंपायर ने डर के कारण उन्हें आउट नहीं दिया।
सचिन ने 200 रनों की नाबाद पारी कब और कहाँ खेली
24 फरवरी 2010 को ग्वालियर के मैदान में सचिन ने अपना पहला दोहरा शतक दक्षिण अफ्रीका टीम के ख़िलाफ बनाया था। तेंदुलकर ने इस पारी के बाद क्रिकेट इतिहास में एक नया अध्याय लिखा।
क्या है सचिन के 200 नाबाद रन बनाने की कहानी
वर्ष 2010 में साउथ अफ्रीका की टीम भारत दौरे पर आई थी। इस दौरान ग्वालियर के मैदान पर दोनों टीमों के बीच वनडे मैच खेला जा रहा था। मैच में तेंदुलकर ने 147 गेंदों में 136.05 की स्ट्राइक रेट से नाबाद 200 रन बनाए। इस पारी के दौरान सचिन ने 25 चौके और 3 छक्के भी लगाए थे। वह वनडे में दोहरा शतक लगाने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बने।
डेल स्टेन का दावा: सचिन 190 पर ही आउट थे
डेल स्टेन ने स्काई स्पोर्ट्स के एक चैट शो में कहा कि जब सचिन तेंदुलकर ने ग्वालियर में पहला वनडे दोहरा शतक लगाया, उस दौरान वे उन्हें गेंदबाज़ी कर रहे थे।
उन्होंने कहा, “मुझे याद है कि वह 190 के आसपास ही आउट थे, तब मैंने उन्हें LBW कर दिया था। उस मैच में अंपायर इयान गूल्ड थे और उन्होंने मास्टर ब्लास्टर को नॉट आउट दिया।”
स्टेन ने आगे बताया कि जब उन्होंने अंपायर से पूछा, “आउट क्यों नहीं दिया? वह तो साफ़-साफ़ आउट थे।” तो अंपायर ने इशारा करते हुए कहा – “दोस्त, अपने चारों ओर देखो। अगर मैंने आउट दिया, तो मैं वापस होटल नहीं लौट पाऊँगा।”
उस मैच में सचिन के दोहरे शतक की बदौलत भारत ने 3 विकेट पर 401 रन बनाए थे, जिसके जवाब में दक्षिण अफ्रीकी टीम 248 रन पर ऑलआउट हो गई थी।
डेल स्टेन ने सचिन की तारीफ़ की
डेल स्टेन ने सचिन के बारे में कहा कि वह एक महान खिलाड़ी हैं। उन्होंने बताया, “सचिन इतने शानदार बल्लेबाज़ थे कि आप उन्हें एक भी खराब गेंद नहीं डालना चाहते थे, क्योंकि वह उन गेंदों को आसानी से चौका या छक्का बना देते थे। वह स्वभाव से काफी अच्छे और क्रिकेट के मैदान पर बेहद खतरनाक बल्लेबाज़ थे।”

