टीम इंडिया ने साउथ अफ्रीका को खिताबी मुकाबले में हराकर पहला वर्ल्ड कप अपने नाम कर लिया है। इस मैच की हीरो स्मृति मंधाना और दीप्ति शर्मा रहीं, जिन्होंने गेंद और बल्ले से शानदार प्रदर्शन करते हुए भारतीय टीम को मैच जिताने में मदद की थी। दीप्ति ने कुछ ऐसे रिकॉर्ड बनाए हैं जिनकी बराबरी करना काफी मुश्किल है। तो नजर डालते हैं उन उपलब्धियों पर।
दीप्ति ने फाइनल में खेली शानदार पारी

दीप्ति शर्मा ने फाइनल में भारतीय टीम को संभालते हुए अर्धशतकीय पारी खेली थी। टीम इंडिया की शुरुआत भले ही अच्छी हुई थी, लेकिन उसके बाद लगातार विकेट गिरने के बाद वह 300 के आंकड़े को छूते हुए नहीं दिख रही थी। लेकिन अंत में दीप्ति ने ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए न सिर्फ अर्धशतक लगाया बल्कि टीम को 300 के जादुई आंकड़े तक पहुंचाने में भी मदद की।
दीप्ति ने 58 गेंदों में 3 चौकों और 1 छक्के की मदद से 58 रन बनाए थे। भारतीय टीम ने 7 विकेट के नुकसान पर 298 रन बनाए, जो कि विमेंस वर्ल्ड कप में दूसरा सबसे बड़ा स्कोर है। इसके पहले ऑस्ट्रेलिया ने पिछली बार इंग्लैंड के खिलाफ 356 रन बनाए थे।
पंजा खोलकर भारतीय टीम को दिलाई जीत
साउथ अफ्रीकी टीम आसानी से लक्ष्य का पीछा करती हुई दिखाई दे रही थी, लेकिन तभी दीप्ति शर्मा ने अपने पूरे अनुभव का फायदा उठाया। उन्होंने अहम समय पर विकेट चटकाए, जिससे टीम इंडिया जीत दर्ज करने में सफल रही।
उन्होंने अफ्रीका की कप्तान लौरा वुलफार्ट को अपने जाल में फंसाया था, जिसके बाद ही भारतीय टीम मैच जीतने में सफल हुई थी, वरना वह मैच पलट भी सकता था।
दीप्ति शर्मा ने शानदार गेंदबाजी करते हुए पंजा खोला था। वह ऐसा करने वाली मात्र दूसरी महिला खिलाड़ी बन गई हैं जिन्होंने फाइनल में 5 विकेट लिए हैं। इसके पहले इंग्लैंड की गेंदबाज आन्या श्रब्सोल ने 2017 के फाइनल में धारदार गेंदबाजी करते हुए 6 विकेट चटकाए थे।
फाइनल में पचासा और पंजा खोलने वाली पहली खिलाड़ी बनीं दीप्ति शर्मा
दीप्ति ने फाइनल मुकाबले में पहले बल्लेबाजी से धमाल दिखाते हुए पचासा लगाया और फिर गेंदबाजी से कमाल करते हुए 5 विकेट लिए।
वह ऐसा करने वाली पहली खिलाड़ी बन गई हैं जिन्होंने फाइनल में 50 रन बनाने के साथ-साथ 5 विकेट लिए हों। अब तक ऐसा कारनामा न तो मेन्स और न ही विमेंस क्रिकेट में हुआ है।

