ECB Set to Retire Pataudi Trophy: इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड (ECB) ने भारतीय और इंग्लिश टेस्ट टीमों के बीच खेले जाने वाले प्रतिष्ठित पटौदी ट्रॉफी को रिटायर करने का फैसला किया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह बदलाव आगामी 20 जून से शुरू होने वाली पांच टेस्ट मैचों की सीरीज से लागू हो सकता है।
हालांकि, बोर्ड की ओर से अभी तक इस फैसले का आधिकारिक कारण नहीं बताया गया है, लेकिन संभावना जताई जा रही है कि दोनों देशों के हालिया दिग्गज खिलाड़ियों के नाम पर एक नई ट्रॉफी शुरू की जा सकती है।
ECB ने दिया ‘नो कमेंट’ जवाब
क्रिकबज़ की रिपोर्ट के अनुसार, जब ECB से इस फैसले पर प्रतिक्रिया मांगी गई तो उन्होंने कहा, “यह कोई ऐसी चीज़ नहीं है जिस पर हम टिप्पणी कर सकते हैं।”
इस बयान से स्पष्ट है कि बोर्ड ने इस मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन ट्रॉफी को बदलने की योजना पहले ही बन चुकी है।
पटौदी परिवार को दी गई जानकारी
रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि पटौदी परिवार को ECB द्वारा इस फैसले की जानकारी दे दी गई है। एक सूत्र ने बताया, “ECB का मानना है कि कुछ समय बाद ट्रॉफियों को रिटायर कर देना चाहिए।”
पटौदी ट्रॉफी की शुरुआत 2007 में हुई थी और इसे भारत और इंग्लैंड के बीच टेस्ट सीरीज जीतने वाली टीम को दिया जाता था। यह ट्रॉफी भारत के महान क्रिकेटर और पूर्व कप्तान मंसूर अली खान पटौदी के नाम पर रखी गई थी, जिन्होंने 1961 से 1975 के बीच भारत के लिए 46 टेस्ट खेले थे।
शर्मिला टैगोर पहले भी जता चुकी हैं नाराजगी
पटौदी की पत्नी और मशहूर अभिनेत्री शर्मिला टैगोर पहले भी ECB द्वारा उनके परिवार के साथ किए गए व्यवहार पर असंतोष जता चुकी हैं।
उन्होंने 2018 में स्पोर्टस्टार को दिए गए एक इंटरव्यू में कहा था, “इंग्लैंड की टीम को फोटोशूट और सेलिब्रेशन के लिए ले जाया गया था, लेकिन टाइगर (पटौदी) को ट्रॉफी के पास अकेला खड़ा छोड़ दिया गया था।”
उन्होंने आगे बताया, “उस वक्त के इंग्लिश कप्तान एंड्रू स्ट्रॉस ने यह देखा और टाइगर के पास आए। पटौदी ने उन्हें ट्रॉफी सौंपी, लेकिन इस पल को ना तो कैमरे में कैद किया गया और ना ही टेलीविज़न पर दिखाया गया।”
क्रिकेट इतिहास में ट्रॉफी रिटायर करने के उदाहरण
हालांकि, क्रिकेट इतिहास में ट्रॉफी को रिटायर करने की घटनाएं कम ही हुई हैं, लेकिन यह पहली बार नहीं है। वेस्टइंडीज और इंग्लैंड के बीच खेली जाने वाली ‘विज्डन ट्रॉफी’ को भी कुछ समय पहले बंद कर दिया गया था और इसकी जगह ‘रिचर्ड्स-बॉथम ट्रॉफी’ शुरू की गई थी।
पटौदी ट्रॉफी को लेकर भी ऐसा ही कुछ होने की संभावना जताई जा रही है, और जल्द ही भारत और इंग्लैंड के लिए किसी नई ट्रॉफी का ऐलान किया जा सकता है। अब देखना यह होगा कि ECB इस फैसले को कब आधिकारिक रूप से घोषित करता है और इसके स्थान पर कौन-सी नई ट्रॉफी लाई जाएगी।
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