Five Key Battles That Could Decide the India Women vs South Africa Women ICC Women’s Cricket World Cup 2025 Final: आईसीसी महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप 2025 का फाइनल एक ऐतिहासिक पल बनने जा रहा है, क्योंकि इस बार महिला क्रिकेट को एक नया वर्ल्ड चैंपियन मिलने वाला है। इस मुकाबले में जहां एक ओर भारतीय महिला टीम अपने घरेलू मैदान नवी मुंबई में इतिहास रचने के इरादे से उतरेगी, वहीं लौरा वुल्वार्ट की अगुवाई वाली दक्षिण अफ्रीका महिला टीम भी इस बार अपना पहला वर्ल्ड कप खिताब जीतने के सपने के साथ मैदान में उतर रही है। इस टूर्नामेंट में अब तक दोनों टीमों की यात्रा उतार-चढ़ाव भरी रही है, लेकिन अब आखिरी कदम सबसे कठिन और रोमांचक माना जा रहा है।
पिछले कुछ सालों में दक्षिण अफ्रीका कई ICC इवेंट्स में फाइनल के करीब पहुंचकर रह गया था, जबकि भारत भी नॉकआउट मैचों के दबाव को कई बार महसूस कर चुका है। इस बार मुकाबला केवल कौशल या रणनीति का नहीं होगा, बल्कि मानसिक मजबूती और फैसलों की तेजी भी परिणाम तय करेगी। इस फाइनल में कुछ खिलाड़ी आपस में ऐसी टक्कर देंगे, जो मैच का रुख कुछ ही ओवरों में बदल सकती है। चलिए अब एक नजर डालते हैं आईसीसी महिला वर्ल्ड कप 2025 फाइनल में देखने लायक उन पांच अहम भिड़ंतों पर जिनका असर सीधे ट्रॉफी पर पड़ेगा।
ये होंगी महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप 2025 फाइनल में जीत तय करने वाली 5 अहम भिड़ंतें
1. भारत की नई गेंदबाजी बनाम दक्षिण अफ्रीका का टॉप-ऑर्डर
भारतीय महिला टीम ने लीग मुकाबले में शानदार शुरुआत की थी और पॉवरप्ले में दक्षिण अफ्रीका को 18/2 पर रोक दिया था। इस प्रभावी शुरुआत ने भारत को मैच में बढ़त दिलाई थी और स्पिनर्स के लिए रास्ता तैयार कर दिया था, जिससे दक्षिण अफ्रीका महिला टीम को 81 पर 5 की स्थिति तक पहुंचना पड़ा था। यह प्रदर्शन भले ही जीत में नहीं बदल पाया, लेकिन भारत को यह आत्मविश्वास जरूर देगा कि फाइनल में भी तेज गेंदबाज यही दबाव दोहरा सकती हैं।
लीग मैच में कप्तान लौरा वुल्वार्ट दूसरे छोर पर सिर्फ देखती रह गईं, क्योंकि ताजमिन ब्रिट्स, सुने लूस, मारिजान कैप और ऐनेके बॉश जल्दी आउट होती गईं। हालांकि, वुल्वार्ट ने क्लोए ट्रायन के साथ 61 रनों की साझेदारी कर वापसी की शुरुआत की और दक्षिण अफ्रीका ने आखिरकार मैच जीत लिया। इस फाइनल में वुल्वार्ट सबसे अधिक रन बनाने वाली खिलाड़ी के रूप में उतरेंगी, जबकि ब्रिट्स का प्रदर्शन लगातार उतार चढ़ाव वाला रहा है। ब्रिट्स को भारत के खिलाफ अपने पिछले विकेट को थोड़ी बदकिस्मती मान सकती हैं, लेकिन युवा क्रांति गौड़ शायद इससे सहमत नहीं होंगी, क्योंकि उन्होंने शानदार रिटर्न कैच पकड़ा था।
फाइनल में भारत की ओर से एक और अहम बात यह रहेगी कि लीग मैच में रेणुका सिंह ठाकुर नहीं खेली थीं और उनकी वापसी दक्षिण अफ्रीका के टॉप ऑर्डर के लिए चुनौती बढ़ा सकती है। भारत की स्विंग और सीम गेंदबाजी दक्षिण अफ्रीका की शुरुआत कैसी होती है, यह मैच का टोन सेट करेगा।
2. मारिजान कैप बनाम स्मृति मंधाना
यह फाइनल की सबसे चर्चित भिड़ंत मानी जा रही है, क्योंकि महिला वर्ल्ड कप इतिहास की सबसे सफल गेंदबाज मारिजान कैप का सामना दुनिया की नंबर 1 महिला वनडे बल्लेबाज स्मृति मंधाना से होने वाला है। कैप सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ 5 विकेट लेकर शानदार फॉर्म में हैं और उन्होंने टूर्नामेंट में झूलन गोस्वामी का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। दूसरी तरफ मंधाना भारत के लिए लगातार रन बना रही हैं और उन्होंने सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तेज शुरुआत दी थी।
मंधाना ने टूर्नामेंट में दो अर्धशतक और एक शतक लगाया है और सिर्फ एक बार ही वह एकल अंक में आउट हुई हैं। कैप और मंधाना के बीच वनडे क्रिकेट में भिड़ंत भी काफी दिलचस्प रही है। कैप ने मंधाना को अब तक 116 गेंदों में केवल एक बार आउट किया है, लेकिन मंधाना का स्ट्राइक रेट कैप के खिलाफ सिर्फ 62 के आसपास रहता है। इसका मतलब यह है कि मंधाना कैप के सामने जोखिम कम लेती हैं और कैप उन्हें बांधे रखने में सक्षम रही हैं। फाइनल में यह बैटल ओपनिंग ओवर से ही दर्शकों को बांधे रखेगी क्योंकि अगर मंधाना टिक गईं तो भारत की नींव मजबूत होगी और यदि कैप जल्दी विकेट ले गईं तो मैच का संतुलन बदल जाएगा।
3. जेमिमाह रोड्रिग्स बनाम दक्षिण अफ्रीका की मिडिल ओवर्स की बॉलिंग
जेमिमाह रोड्रिग्स इस समय भारतीय मिडिल ऑर्डर का सबसे बड़ा स्तंभ हैं और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल में उनकी नाबाद 127 रन की पारी ने टूर्नामेंट की दिशा बदल दी। जेमिमाह सिर्फ रन नहीं बना रहीं बल्कि दबाव में मैच का रुख बदलने की क्षमता भी दिखा चुकी हैं। हालांकि, वह लीग स्टेज में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ बिना खाता खोले ही आउट हो गई थीं, लेकिन फाइनल में वह उस गलती को दोहराना नहीं चाहेंगी।
जेमिमाह के लिए चुनौती यह है कि दक्षिण अफ्रीका मिडिल ओवर्स में उन्हें रोकने के लिए लेफ्ट आर्म स्पिन का इस्तेमाल जरूर करेगी। खासतौर पर क्लोए ट्रायन और नोंकुलुलेको म्लाबा उनके लिए गेंदबाजी करेंगे क्योंकि ट्रायन ने लीग में उन्हें आउट किया था। भारत चाहेगा कि जेमिमाह एक बार सेट हो जाए, क्योंकि वह स्ट्राइक रोटेट करने और अंत में तेज रन बनाने में माहिर हैं। दक्षिण अफ्रीका की योजना होगी कि जेमिमाह को शुरुआत में ही बांधा जाए, ताकि भारत की मिडिल ऑर्डर पर दबाव बढ़े।
4. दीप्ति शर्मा बनाम दक्षिण अफ्रीका की दाएं हाथ की बल्लेबाजें
दीप्ति शर्मा पूरे टूर्नामेंट में भारत की सबसे भरोसेमंद गेंदबाजों में रही हैं और वह इस समय सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाजों की सूची में शीर्ष पर हैं। हालांकि, फाइनल उनके लिए सबसे बड़ी परीक्षा साबित हो सकती है क्योंकि दक्षिण अफ्रीका की दाएं हाथ की बल्लेबाजें स्पिन के खिलाफ अपनी खेलने की शैली में बदलाव लाती रही हैं। लीग मैच में दीप्ति ने ऐनके बॉश का विकेट जरूर लिया था, लेकिन उसके बाद प्रोटियाज बल्लेबाजों ने उनके खिलाफ रन बनाने के मौके निकाल लिए और दीप्ति के ओवर महंगे साबित हुए।
फाइनल में दीप्ति की भूमिका सिर्फ विकेट लेने की नहीं बल्कि रन रोकने की भी होगी। भारतीय कप्तान चाहेगी कि दीप्ति मिडिल ओवर्स में नियंत्रण बनाए रखें ताकि रन रेट न बढ़े। भारत यदि इस समय मैच को पकड़ लेता है तो दक्षिण अफ्रीका पर दबाव बढ़ेगा। दीप्ति के लिए यह भी मौका है कि वह टूर्नामेंट की सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाज के रूप में अपना नाम दर्ज कराएं।
5. नादिन डी क्लर्क बनाम भारत की डेथ ओवर गेंदबाजी
दक्षिण अफ्रीका की जीत की कहानी अगर एक खिलाड़ी से जोड़नी पड़े तो वह नादिन डी क्लर्क होंगी। लीग मैच में उनकी 84 रन की नाबाद पारी ने दक्षिण अफ्रीका को लगभग हारी हुई बाजी जिताई थी और भारतीय दर्शक आज भी उस ताबड़तोड़ बल्लेबाजी को याद रखते हैं। डी क्लर्क के पास डेथ ओवर्स में बड़े शॉट खेलने की क्षमता है और वह तेजी से मैच का रुख बदल सकती हैं।
भारत के लिए चुनौती यह होगी कि फाइनल में वह डी क्लर्क को डेथ में सेट होने से कैसे रोकता है। कप्तान हरमनप्रीत कौर को यह फैसला लेना होगा कि क्या वह आखिरी ओवरों के लिए लेफ्ट आर्म स्पिन बचाकर रखें या फिर तेज गेंदबाजों के साथ अटैक बनाकर रखें। भारत की रणनीति इस बात पर भी निर्भर करेगी कि दक्षिण अफ्रीका का टॉप ऑर्डर कैसी शुरुआत देता है। यदि डी क्लर्क बैटिंग में आते समय अच्छी साझेदारी पहले से चल रही होगी तो भारत का काम और मुश्किल हो जाएगा। डी क्लर्क की बल्लेबाजी भारत की डेथ बॉलिंग के लिए सबसे कड़ा इम्तिहान साबित हो सकती है।
भारतीय महिला टीम और दक्षिण अफ्रीका महिला टीम के बीच खेला जाने वाला आईसीसी महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप 2025 का फाइनल मैच सिर्फ बल्ले और गेंद का खेल नहीं होगा, बल्कि रणनीतिक मुकाबलों का भी संग्राम होगा। इन पांच भिड़ंतों में बढ़त हासिल करने वाली टीम की खिताब जीतने की संभावना ज्यादा रहेगी। भारत अपने घरेलू समर्थकों के सामने इतिहास रचने के इरादे से उतरेगा, जबकि दक्षिण अफ्रीका पहली बार वर्ल्ड चैंपियन बनने का सपना लेकर मैदान में उतरने वाली है। दर्शकों को फाइनल रोमांच, संघर्ष और भावनाओं से भरपूर देखने को मिलेगी।
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