गौतम गंभीर पर आलोचना के बीच रहमानुल्लाह गुरबाज ने उनका समर्थन करते हुए कहा कि वह मेरे करियर के सबसे बेहतरीन कोच और इंसान हैं।
टीम इंडिया की टेस्ट क्रिकेट में हालिया खराब फॉर्म ने हेड कोच गौतम गंभीर को कठोर आलोचनाओं के घेरे में ला दिया है, लेकिन इस माहौल में अफगानिस्तान के विकेटकीपर बल्लेबाज रहमानुल्लाह गुरबाज पूरी मजबूती से उनके समर्थन में सामने आए हैं। गुरबाज का मानना है कि गंभीर न केवल एक बेहतरीन कोच हैं बल्कि अपने खिलाड़ियों के लिए एक शानदार इंसान भी साबित हुए हैं। उन्होंने कहा कि गंभीर की आलोचना एक सीरीज की हार पर आधारित नहीं होनी चाहिए, क्योंकि टीम इंडिया हाल के समय में कई बड़ी ट्रॉफियां अपने नाम कर चुकी है।
गुरबाज ने यह भी साफ किया कि गंभीर के नेतृत्व में खिलाड़ियों का माहौल हमेशा सकारात्मक और सहज रहा है। उन्होंने बताया कि जिस तरह गंभीर टीम को एकजुट रखते हैं और खिलाड़ियों को अपने तरीके से खेलने की आजादी देते हैं, वही उनकी सफलता की सबसे बड़ी वजह है। गुरबाज का दावा है कि गंभीर की संतुलित और अनुशासित अप्रोच ने न केवल IPL 2024 में कोलकाता नाइट राइडर्स को खिताब दिलाया बल्कि हर खिलाड़ी को बेहतर बनने का मौका दिया।
रहमानुल्लाह गुरबाज ने क्यों कहा कि गंभीर हैं उनके करियर के सबसे अच्छे कोच
रहमानुल्लाह गुरबाज ने भारत टुडे से बातचीत में कहा कि अगर देश की आबादी 1.4 अरब है, तो 2 से 3 मिलियन लोग किसी भी मुद्दे पर विरोध में हो सकते हैं, लेकिन बाकी लोग टीम और गंभीर के साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि गंभीर जैसा कोच और मेंटर उन्हें अपने पूरे करियर में नहीं मिला, और वह जिस तरह अपने खिलाड़ियों को समझते हैं, प्रेरित करते हैं और आगे बढ़ाते हैं, वह वास्तव में काबिले तारीफ है।
उन्होंने याद दिलाया कि टीम इंडिया गंभीर के नेतृत्व में हाल ही में चैंपियंस ट्रॉफी (ODI) और एशिया कप (T20) जीत चुकी है। गुरबाज के मुताबिक, जब टीम इतने बड़े टूर्नामेंट जीत सकती है, तो सिर्फ एक टेस्ट सीरीज हारकर गंभीर को दोष देना उचित नहीं है। यह बयान गंभीर की आलोचना कर रहे लोगों के लिए एक बड़ा संदेश है कि कोच को आंकने के लिए एक लंबा समय जरूरी है।
KKR में गंभीर की भूमिका और अनुशासन ने कैसे बदली टीम की किस्मत
गुरबाज ने अपने KKR अनुभव को भी खुलकर साझा किया। वह बोले कि गंभीर ने कभी टीम पर अनावश्यक दबाव नहीं बनाया बल्कि सभी खिलाड़ियों को आरामदायक माहौल दिया। उन्होंने बताया कि टीम में तनाव का कोई माहौल नहीं होता था, सभी खिलाड़ी सहज महसूस करते थे, और यही एकता IPL 2024 में खिताब जीतने का सबसे बड़ा कारण बनी।
गुरबाज ने कहा कि गंभीर सख्त तभी होते हैं जब कोई खिलाड़ी अनुशासन के खिलाफ जाता है। बाकी समय वह खिलाड़ियों को खुलकर खेलने देते हैं और उन्हें संभालकर रखते हैं। यह संतुलन टीम को मजबूत बनाने और खिलाड़ियों से बेहतर परफॉर्मेंस निकलवाने में सबसे अहम भूमिका निभाता है।
टेस्ट क्रिकेट में भारत की हालत और गंभीर पर बढ़ता दबाव
टेस्ट क्रिकेट की बात करें तो भारत ने गंभीर के कार्यकाल में अब तक 17 में से 10 टेस्ट मैच गंवाए हैं। लगातार टीम संयोजन में बदलावों ने भी सवाल खड़े किए हैं, जिसके कारण सोशल मीडिया पर और पूर्व क्रिकेटरों के बीच गंभीर की आलोचना और बढ़ गई है।
हाल ही में भारत को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज में क्लीन स्वीप का सामना करना पड़ा, जिससे आलोचनाएं और तेज हो गईं। इसी बीच टीम फिलहाल दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ आठ मैचों की व्हाइट बॉल सीरीज खेल रही है, जो 19 दिसंबर को खत्म होगी।
रहमानुल्लाह गुरबाज का बयान इस समय गंभीर के लिए काफी राहत लेकर आया है। जब आलोचनाओं का दौर चल रहा हो, तब एक खिलाड़ी का ऐसा मजबूत समर्थन यह दर्शाता है कि ड्रेसिंग रूम में गंभीर की कितनी इज्जत है। भारत की टेस्ट हारें फिलहाल चिंता का कारण हैं, लेकिन टीम के हालिया उपलब्धियों और खिलाड़ियों के अनुभवों को देखते हुए यह स्पष्ट है कि गंभीर की कोचिंग शैली को लंबे समय में ही सही तरीके से परखा जा सकता है।
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