विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 के पहले ही राउंड में उड़ीसा के स्वास्तिक समल ने सौराष्ट्र के खिलाफ 212 रनों की शानदार पारी खेली।
विजय हजारे ट्रॉफी भारतीय घरेलू क्रिकेट का वह बड़ा मंच है, जहां कई युवा खिलाड़ियों ने अपने करियर की दिशा बदलने वाली पारियां खेली हैं। इस टूर्नामेंट में दोहरा शतक लगाना आसान नहीं होता,क्योंकि इसके लिए लंबी पारी, धैर्य, फिटनेस और सही समय पर बड़े शॉट्स की जरूरत होती है। जब कोई बल्लेबाज दोहरा शतक लगाता है तो वह सिर्फ रन नहीं बनाता, बल्कि घरेलू क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बनाता है।
हाल ही में, विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 के पहले ही राउंड में उड़ीसा के स्वास्तिक समल ने सौराष्ट्र के खिलाफ 212 रनों की शानदार पारी खेली। इसी के साथ वह विजय हजारे ट्रॉफी इतिहास में सबसे बड़ी पारी खेलने वाले बल्लेबाजों की सूची में पांचवें स्थान पर आ गए। इसी कड़ी में यहाँ हम विजय हजारे ट्रॉफी इतिहास में खेली बड़ी सबसे बड़ी पारियों की जानकारी देने जा रहे हैं। इस लिस्ट में सिर्फ दोहरा शतक जड़ने वाले बल्लेबाजों को ही शुमार किया गया है।
ये हैं विजय हजारे ट्रॉफी इतिहास में खेली गईं टॉप 7 सबसे बड़ी पारियां
7. कर्ण कौशल (Karn Kaushal) – 202 रन बनाम सिक्किम (2018)
साल 2018 में उत्तराखंड और सिक्किम के बीच मुकाबले में कर्ण कौशल ने 135 गेंदों पर 202 रनों की शानदार पारी खेली। उन्होंने अपनी पारी में लगातार रन बटोरे और लंबे शॉट्स के साथ स्ट्राइक रोटेशन का उचित संतुलन दिखाया। ओपनिंग में उतरकर उन्होंने विकेट पर टिके रहने के साथ साथ रन तेजी से जोड़ते रहे जिससे टीम को बड़े स्कोर की दिशा मिल गई। विनीत सक्सेना के साथ उनकी लंबी साझेदारी विपक्षी गेंदबाजों के लिए परेशानी का सबब बनी।
उनकी इस ऐतिहासिक पारी की बदौलत उत्तराखंड 366 रन तक पहुंचा और सिक्किम को 367 रन का लक्ष्य मिला। सिक्किम की टीम 167 रनों तक ही पहुंच पाई और उत्तराखंड ने मुकाबला 199 रनों से जीत लिया। कर्ण कौशल की यह पारी विजय हजारे ट्रॉफी के शुरुआती दौर में दोहरा शतक लगाने वाली सबसे यादगार पारियों में से एक है।
6. यशस्वी जायसवाल (Yashasvi Jaiswal) – 203 रन बनाम झारखंड (2019)
साल 2019 में मुंबई और झारखंड के बीच मुकाबले में यशस्वी जायसवाल ने 203 रन बनाकर अपनी पहचान को एक नई दिशा दी। 154 गेंदों पर खेली गई इस पारी में उन्होंने 17 चौके और 12 छक्के लगाए। उनकी पारी में धैर्य और आक्रामकता दोनों का जबरदस्त संतुलन देखने को मिला। शुरुआत में विकेट संभालने के बाद उन्होंने मिडिल ओवर्स और डेथ ओवर्स में बड़े शॉट्स का सहारा लिया जिससे मुंबई का स्कोर लगातार बढ़ता गया।
उनकी इस पारी की मदद से मुंबई ने 358 रन बनाए और झारखंड को 359 रनों का लक्ष्य दिया। लक्ष्य का पीछा करते हुए झारखंड 319 रन बनाकर आउट हो गया और मुंबई ने मैच 39 रनों से जीत लिया। यह पारी यशस्वी जायसवाल के करियर में मील का पत्थर साबित हुई और इसके बाद उनकी पहचान पूरे देश में बनी।
5. स्वस्तिक समल (Swastik Samal) – 212 रन बनाम सौराष्ट्र (2025)
विजय हजारे ट्रॉफी 2025 में ओडिशा और सौराष्ट्र के बीच खेला गया यह मुकाबला स्वास्तिक समल की जिम्मेदारी, धैर्य और विस्फोटक बल्लेबाजी का परफेक्ट उदाहरण बन गया। ओडिशा ने इस मैच में पहले बल्लेबाजी की, लेकिन शुरुआत बिल्कुल वैसी नहीं रही जैसी टीम ने सोची थी। ओपनर ओम टी मुंडे और उसके बाद संदीप पटनायक जल्दी आउट होकर लौट गए और टीम का स्कोर अभी 50 तक भी नहीं पहुंचा था कि तीन विकेट गिर चुके थे। ऐसे समय में स्वास्तिक समल ने क्रीज पर कदम रखा और शुरुआत से ही एक तरफ विकेट को थामे रखा और दूसरी तरफ रन रेट को आगे बढ़ाते रहे।
शुरुआत में उन्होंने रन जुटाने में धैर्य दिखाया, लेकिन जैसे जैसे गेंदबाज थकते गए, उन्होंने अपने शॉट्स से मैच का पूरा मूड बदल दिया। स्वास्तिक ने 169 गेंदों में 212 रन बनाए, जिसमें 21 चौके और 8 छक्के शामिल थे। खास बात यह रही कि टीम के कप्तान बिप्लब समंतराय ने उनके साथ मिलकर चौथे विकेट के लिए 261 रनों की शानदार साझेदारी की, जिसने ओडिशा को मैच में एक मजबूत स्थिति दिलाई। जब तक यह साझेदारी चलती रही, ओडिशा धीरे-धीरे मजबूत टोटल की ओर बढ़ता गया और आखिर में टीम ने 50 ओवर में 345 रन का अच्छा स्कोर बोर्ड पर टांग दिया।
ओडिशा की बल्लेबाजी में गिरते विकेटों के बावजूद स्वास्तिक ने अपनी पारी को कभी बिखरने नहीं दिया। उन्होंने सिंगल डबल से स्ट्राइक रोटेट की, जरूरत पड़ने पर बड़े शॉट्स लगाए और आखिरी ओवरों में रन गति बढ़ाकर टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया। 49वें ओवर में स्वास्तिक समल का विकेट गिरा, लेकिन तब तक वह अपनी तरफ से पारी को एक ऐसा आकार दे चुके थे जिस पर कोई भी टीम गर्व महसूस करती।
लक्ष्य का पीछा करने उतरी सौराष्ट्र ने शुरू में लड़खड़ाने के बाद शानदार वापसी की। सम्मर गज्जर के नाबाद 132 रन और चीरा जानी के 86 रन की बदौलत सौराष्ट्र ने यह मैच 7 गेंद शेष रहते हुए 5 विकेट से जीत लिया। भले ही नतीजा ओडिशा के पक्ष में नहीं गया, लेकिन मैच का सबसे बड़ा आकर्षण स्वास्तिक समल की यह डबल सेंचुरी रही, जिसे घरेलू क्रिकेट में लंबे समय तक याद किया जाएगा।
4. संजू सैमसन (Sanju Samson) – 212 रन नाबाद बनाम गोवा (2019)
विजय हजारे ट्रॉफी 2019 में केरल और गोवा के बीच खेला गया यह मुकाबला संजू सैमसन की लिस्ट ए करियर की सबसे यादगार पारियों में से एक साबित हुआ। केरल ने इस मैच में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया, लेकिन टीम की शुरुआत बिल्कुल मजबूत नहीं रही। पहले तीन ओवरों के भीतर रॉबिन उथप्पा और फिर कुछ देर बाद विष्णु विनोद आउट होकर लौट गए और टीम का स्कोर केवल 31 रन पर दो विकेट हो चुका था। ऐसे मुश्किल हालात में संजू सैमसन तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने आए और शुरुआत में विकेट पर खुद को सेट करने के बाद उन्होंने अपनी प्राकृतिक आक्रामक शैली का प्रदर्शन करना शुरू किया।
संजू ने पहले स्ट्राइक रोटेट करके साझेदारी को मजबूत किया और फिर जैसे ही गेंदबाजों ने थोड़ी ढिलाई दिखाई, उन्होंने अपनी क्लासिकल टाइमिंग और ताकतवर शॉट्स से मैच का पूरा रुख बदल दिया। उन्होंने अपनी पारी में 129 गेंदों पर नाबाद 212 रन बनाए और इस दौरान 21 चौके और 10 छक्के जड़े। उनके साथ सचिन बेबी ने 127 रनों की शानदार पारी खेलकर एक मजबूत साझेदारी निभाई, जिसकी बदौलत केरल ने निर्धारित 50 ओवर में 377 रन का विशाल स्कोर बना दिया।
इस लक्ष्य का पीछा करते हुए गोवा ने बीच के ओवरों में अच्छी लड़ाई दिखाई, खासकर तुनीश सावकर और आदित्य कौशिक ने अर्धशतक बनाकर टीम को संभालने की कोशिश की। लेकिन लगातार अंतराल पर विकेट गिरते रहने से बड़ी साझेदारी बन नहीं सकी और गोवा 50 ओवर में 273 रन ही बना पाई। इस तरह केरल ने यह मुकाबला 104 रन से जीत लिया।
3. ऋतुराज गायकवाड़ (Ruturaj Gaikwad) – 220 रन नाबाद बनाम उत्तर प्रदेश (2022)
विजय हजारे ट्रॉफी 2022 में ऋतुराज गायकवाड़ ने उत्तर प्रदेश के खिलाफ एक ऐसी पारी खेली जिसने पूरे भारतीय क्रिकेट जगत को चकित कर दिया। यह मुकाबला अहमदाबाद में खेले गए क्वार्टर फाइनल में हुआ था और महाराष्ट्र ने पहले बल्लेबाजी करते हुए थोड़ी धीमी शुरुआत की। शुरुआती विकेट जल्दी गिरने के बाद पूरी पारी का भार कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ के कंधों पर आ गया। लेकिन उन्होंने इस दबाव को मैच का मोड़ बनाने का मौका बनाया और 159 गेंदों पर 220 रनों की अद्भुत नाबाद पारी खेल डाल़ी। इस दौरान उन्होंने 10 चौके और 16 छक्के लगाए और खास बात यह रही कि अपने आखिरी ओवरों में उन्होंने छक्कों की ऐसी बारिश कर दी जिसे भुलाना मुश्किल है।
ऋतुराज ने अपनी पारी की नींव पहले शांत अंदाज में रखी। टीम 41 रन पर दो विकेट खो चुकी थी और 123 रन तक आते आते तीन विकेट भी गिर चुके थे। लेकिन ऋतुराज ने विकेट पर जमे रहकर रन रफ्तार को बढ़ाने का जिम्मा उठाया। उन्होंने बीच के ओवरों में स्ट्राइक रोटेट करते हुए एंकर की भूमिका निभाई और फिर जैसे ही गेंदबाज थकने लगे, छक्कों का तूफान शुरू हो गया। इस मैच का सबसे चर्चित हिस्सा 49वां ओवर रहा, जहां ऋतुराज ने शिवा सिंह की गेंदों पर लगातार सात छक्के लगाए। एक नो बॉल के चलते यह संभव हुआ और इस ओवर में कुल 43 रन बने। उस ओवर ने न केवल दर्शकों को हैरत में डाल दिया बल्कि विपक्षी गेंदबाजी को पूरी तरह बिखेर दिया।
उनकी इस विस्फोटक बल्लेबाजी की बदौलत महाराष्ट्र ने निर्धारित 50 ओवर में 330 रन बनाए और उत्तर प्रदेश के सामने कड़ी चुनौती रखी। लक्ष्य का पीछा करते हुए उत्तर प्रदेश ने अच्छी शुरुआत तो नहीं की, लेकिन आर्यन जुयाल की शतकीय पारी ने मुकाबले को कुछ देर तक जीवंत रखा। हालांकि, ऋतुराज की पारी से मिले मजबूत स्कोर के सामने उत्तर प्रदेश 47.4 ओवर में 272 रन पर सिमट गया और महाराष्ट्र ने 58 रन से यह मुकाबला जीतकर सेमीफाइनल में जगह बना ली।
2. पृथ्वी शॉ (Prithvi Shaw) – 227 रन नाबाद बनाम पुद्दुचेरी (2021)
साल 2021 में मुंबई और पुद्दुचेरी के मुकाबले में पृथ्वी शॉ ने 227 रनों की नाबाद पारी खेलकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने 152 गेंदों की इस पारी में 31 चौके और 5 छक्के शामिल रहे। उनकी पारी की सबसे खास बात यह थी कि उन्होंने पूरी पारी में रनगति को कम नहीं होने दिया और शुरुआत से अंत तक क्रीज पर टिके रहे।
उनकी इस नाबाद पारी ने मुंबई को 457 रनों तक पहुंचाया और पुद्दुचेरी के सामने मुश्किल लक्ष्य रखा। जवाब में पुद्दुचेरी की टीम 224 रन पर आउट हो गई और मुंबई ने 233 रनों से यह मैच जीत लिया।
1. नारायण जगदीशन (Narayan Jagadeesan) – 277 रन बनाम अरुणाचल प्रदेश (2022)
साल 2022 में तमिलनाडु और अरुणाचल प्रदेश के मैच में नारायण जगदीशन ने 277 रनों की ऐतिहासिक पारी खेलकर विजय हजारे ट्रॉफी का सबसे बड़ा रिकॉर्ड बना दिया। 141 गेंदों पर खेली गई इस पारी में उन्होंने 25 चौके और 15 छक्के लगाए। उनकी पारी में शुरुआत से लेकर अंत तक रनगति लगातार ऊंची रही और साई सुदर्शन के साथ उनकी लंबी साझेदारी ने स्कोर को आगे बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाई।
उनकी इस रिकॉर्ड पारी की वजह से तमिलनाडु 506 तक पहुंचा और अरुणाचल प्रदेश लक्ष्य का पीछा करने में पूरी तरह असफल रहा। अरुणाचल प्रदेश की टीम सिर्फ 71 रन ही बना पाई और तमिलनाडु ने यह मैच 435 रनों से जीत लिया। नारायण जगदीशन की यह पारी सिर्फ विजय हजारे ट्रॉफी ही नहीं, बल्कि लिस्ट A क्रिकेट की सबसे बड़ी पारी है।
क्रिकेट से जुड़ी ताजा खबरों के लिए Sports Digest Hindi पर विजिट करते रहें और हमें फेसबुक, इंस्टाग्राम और ट्विटर (X) पर भी फॉलो करें।

