आईसीसी ने 23 सितंबर को यूएसए क्रिकेट बोर्ड को सस्पेंड कर दिया है। इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल ने यह फैसला “अपने संविधान के तहत एक सदस्य के रूप में यूएसए क्रिकेट द्वारा अपने दायित्वों के बार-बार और निरंतर उल्लंघन” के बाद लिया है। तो चलिए जानते हैं कि उनकी सदस्यता क्यों रद्द कर दी गई है।
अमेरिकी क्रिकेट बोर्ड को आईसीसी ने किया सस्पेंड

संयुक्त राज्य अमेरिका क्रिकेट प्रशासन में संरचना और पारदर्शिता की कमी के बारे में लगातार शिकायतें मिल रही थी, जिसके बाद कई महीनों से संयुक्त राज्य अमेरिका क्रिकेट बोर्ड की गतिविधियों पर नजर रख रही थी। जून 2024 में सिंगापुर में हुई आईसीसी की वार्षिक बैठक में, बोर्ड को सभी कमियों को दूर करने के लिए तीन महीने का समय दिया गया था।
हालाँकि, कोई सुधार न दिखने पर आईसीसी को यह कठोर कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ा। आईसीसी ने स्पष्ट रूप से कहा कि सदस्यता का निलंबन दुर्भाग्यपूर्ण तो है, लेकिन इस खेल को लम्बे समय तक स्थिर बनाए रखने के लिए यह जरुरी था। उसने सुधारों की निगरानी के लिए एक विशेष समिति गठित करने का भी निर्णय लिया है।
आईसीसी सदस्यता का उल्लंघन करने के चलते लिया गया फैसला
आईसीसी ने बयान में कहा कि, “हमने पिछले साल मामलों की जांच की और प्रमुख हितधारकों के साथ व्यापक बातचीत के बाद आज यूएसए क्रिकेट की सदस्यता को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जा रहा है।”
आईसीसी के संविधान के तहत एक सदस्य के रूप में यूएसए क्रिकेट अपने दायित्वों का बार-बार उल्लंघन कर रहा था। अमेरिकी क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष वेणु पीसीके को भी आईसीसी द्वारा पहले संगठन के भीतर पारदर्शिता और संरचना में सुधार के लिए ठोस कदम उठाने में विफल रहने के लिए चेतावनी दी गई थी।
आईसीसी का मानना है कि जब तक बोर्ड प्रशासनिक सुधारों को गंभीरता से लागू नहीं करता, तब तक यूएसए क्रिकेट को भविष्य में प्रमुख टूर्नामेंटों में एक विश्वसनीय भागीदार नहीं माना जा सकता।
ओलंपिक्स और आईसीसी टूर्नामेंट में भाग लेने पर नहीं पड़ेगा असर
यह सस्पेंशन अमेरिकी क्रिकेट के वर्ल्ड कप और ओलंपिक में भाग लेने की उम्मीदों के लिए भी एक बड़ा झटका है। 2028 में लॉस एंजिल्स में होने वाले ओलंपिक में क्रिकेट को भी जगह दी गई है। दरअसल, ओलंपिक का आयोजन अमेरिका में ही होगा, तो होस्ट होने के नाते, उन्हें इस आयोजन में भाग लेना था।
यहीं नहीं, साल 2024 में हुए टी20 वर्ल्ड कप में भी वेस्टइंडीज के साथ अमेरिका सह- मेजबान था। होस्ट होने की वजह से वहां भी उन्हें हिस्सा लेने का मौका दिया गया था।
हालाँकि, आईसीसी ने इस बात की भी पुष्टि की है कि यूएसए की टीम आईसीसी टूर्नामेंट में भाग ले सकती है। उनके द्वारा जारी बयान में कहा गया, “आईसीसी बोर्ड ने फैसला किया है कि वो लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक गेम्स में भाग ले सकती हैं। लेकिन अब से उनकी टीम के मैनेजमेंट की जिम्मेदारी आईसीसी या उनके नामित प्रतिनिधियों के द्वारा की जाएगी।
सस्पेंड करने का कारण?
आईसीसी ने अपनी रिलीज़ में बताया कि कैसे यूएसए बोर्ड को सस्पेंड किया गया है। उन्हें आईसीसी सदस्यता मानदंडों का पालन न करने के लिए साल 2024 में इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल की वार्षिक बैठक में ‘नोटिस’ पर रखा गया था और गैर-अनुपालन को ठीक करने के लिए 12 महीने का समय दिया गया था।
आईसीसी सदस्यता मानदंडों का लगातार पालन न करने के कारण, यूएसए क्रिकेट को 2025 की वार्षिक आम बैठक (एजीएम) में निलंबित करने पर विचार किया जाना था। समिति ने यूएसए क्रिकेट को प्रतिनिधित्व और उसके बाद जुलाई में बोर्ड को दी गई प्रतिबद्धताओं के कारण ही उनकी सदस्यता को ‘नोटिस पर’ रखने के लिए मतदान किया गया जिसके बाद उन्हें सस्पेंड कर दिया गया।
अमेरिका में क्रिकेट का भविष्य
अमेरिकी क्रिकेट बोर्ड का सस्पेंशन उनके लिए एक बड़ा झटका तो है, लेकिन यह सुधार का एक अवसर भी है। आईसीसी की निगरानी में एक नया ढाँचा अमेरिका में क्रिकेट के संचालन को और मजबूत कर सकता है। अगर वो अपनी गलतियों से सीख लेकर पारदर्शिता और बेहतर प्रबंधन की ओर बढ़े, तो भविष्य में अमेरिका क्रिकेट में एक नई ताकत बन सकता है।







