आईसीसी अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 युवा क्रिकेटरों के लिए सबसे बड़ा मंच है, जहां भविष्य के अंतरराष्ट्रीय सितारे पहली बार दुनिया के सामने अपनी पहचान बनाने उतरेंगे।
अंडर-19 पुरुष वर्ल्ड कप का 16वां संस्करण (ICC Under-19 World Cup 2026) 15 जनवरी से शुरू हो चुका है। हर बार की तरह यह टूर्नामेंट दुनिया के बड़े क्रिकेट देशों के उभरते सितारों को उन टीमों के साथ मैदान में उतारेगा, जो अभी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रही हैं। तीन हफ्तों तक चलने वाले इस टूर्नामेंट में भविष्य के कई बड़े खिलाड़ी पहली बार वैश्विक मंच पर नजर आएंगे।
यह टूर्नामेंट सिर्फ ट्रॉफी जीतने की लड़ाई नहीं है, बल्कि आने वाले सालों के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की झलक भी देता है। इसी वजह से अंडर-19 वर्ल्ड कप को क्रिकेट की नर्सरी भी कहा जाता है।
कब और कहां खेला जाएगा अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 टूर्नामेंट?
इस बार अंडर-19 वर्ल्ड कप की मेजबानी जिम्बाब्वे और नामीबिया मिलकर कर रहे हैं। टूर्नामेंट 50 ओवर के फॉर्मेट में खेला जाएगा। उद्घाटन मुकाबला 15 जनवरी को भारत और यूएसए के बीच क्वींस स्पोर्ट्स क्लब, बुलावायो में खेला जाएगा।
ग्रुप स्टेज में कुल 24 मुकाबले खेले जाएंगे, जो दस दिनों में पूरे किए जाएंगे। सभी मैच स्थानीय समय अनुसार सुबह 9:30 बजे शुरू होंगे, जो भारतीय समय अनुसार दोपहर 1 बजे होंगे।
जिम्बाब्वे में मुकाबले क्वींस स्पोर्ट्स क्लब, हरारे स्पोर्ट्स क्लब और ताकाशिंगा स्पोर्ट्स क्लब में खेले जाएंगे। वहीं, नामीबिया में मैच विंडहोक के नामीबिया क्रिकेट ग्राउंड और एचपी ओवल में होंगे।
सुपर सिक्स और नॉकआउट का पूरा प्लान
ग्रुप स्टेज के बाद सुपर सिक्स और प्लेऑफ मुकाबले भी दोनों देशों में बांटे जाएंगे। सेमीफाइनल मुकाबले 3 और 4 फरवरी को जिम्बाब्वे में खेले जाएंगे। फाइनल 6 फरवरी को हरारे स्पोर्ट्स क्लब में होगा।
कौन सी टीमें ले रही हैं हिस्सा?
पिछले संस्करण की टॉप दस टीमें सीधे टूर्नामेंट के लिए क्वालीफाई कर चुकी थीं। इनमें भारत, ऑस्ट्रेलिया पाकिस्तान, इंग्लैंड, बांग्लादेश, न्यूजीलैंड, दक्षिण अफ्रीका, श्रीलंका, आयरलैंड और वेस्टइंडीज शामिल हैं।
इसके अलावा अफगानिस्तान, जापान, अंडर-19 वर्ल्ड कप और स्कॉटलैंड ने क्वालिफायर के जरिए जगह बनाई है। सबसे बड़ा सरप्राइज तंजानिया की टीम है, जो पहली बार किसी आईसीसी ग्लोबल टूर्नामेंट में खेलती नजर आएगी।
तंजानिया ने की ऐतिहासिक एंट्री
तंजानिया ने अफ्रीका क्वालिफायर में सभी पांच मुकाबले जीतकर वर्ल्ड कप का टिकट कटाया। इस दौरान उसने नामीबिया और केन्या जैसी मजबूत टीमों को पीछे छोड़ा। यह तंजानिया क्रिकेट के लिए एक ऐतिहासिक पल है।
जापान की टीम भी दूसरी बार अंडर-19 वर्ल्ड कप में हिस्सा ले रही है। अफगानिस्तान ने एशिया क्वालिफायर में नेपाल को पछाड़कर जगह बनाई, जबकि स्कॉटलैंड और अंडर-19 वर्ल्ड कप ने अपने अपने क्षेत्रीय क्वालिफायर जीते।
अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 टूर्नामेंट का फॉर्मेट
अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 में 16 टीमों को चार ग्रुप में बांटा गया है। हर ग्रुप में चार टीमें होंगी और सभी एक दूसरे से एक-एक मैच खेलेंगी। हर ग्रुप की टॉप तीन टीमें सुपर सिक्स में पहुंचेंगी।
सुपर सिक्स में टीमें अपने ग्रुप की कुछ टीमों के खिलाफ मिले अंक साथ लेकर जाएंगी। यहां हर टीम दो और मुकाबले खेलेगी। इसके बाद टॉप दो टीमें सेमीफाइनल में पहुंचेंगी।
क्या अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 में होगा DRS का इस्तेमाल?
अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 में हर मुकाबले में टीवी अंपायर मौजूद रहेगा, लेकिन इस टूर्नामेंट में DRS का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा।
अंडर-19 वर्ल्ड कप का इतिहास
अंडर-19 वर्ल्ड कप पहली बार 1988 में खेला गया था। उस समय ऑस्ट्रेलिया ने पाकिस्तान को हराकर खिताब जीता था। इसके बाद 1998 से यह टूर्नामेंट नियमित रूप से हर दो साल में होने लगा।
अब तक सबसे सफल टीम भारत रही है, जिसने पांच बार खिताब जीता है। ऑस्ट्रेलिया चार बार चैंपियन बना है। पाकिस्तान ने दो बार ट्रॉफी उठाई है। इंग्लैंड, दक्षिण अफ्रीका, वेस्टइंडीज और बांग्लादेश भी एक एक बार विजेता रह चुके हैं।
इस टूर्नामेंट से कई दिग्गज क्रिकेटरों ने अपने करियर की शुरुआत की। शुरुआती सालों में ब्रायन लारा, सनथ जयसूर्या और इंजमाम उल हक जैसे नाम सामने आए। बाद में विराट, रोहित शर्मा, केन विलियमसन, स्टीव स्मिथ, जो रूट और डेविड वॉर्नर जैसे सितारे भी यहीं से उभरे।
अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 में किन खिलाड़ियों पर रहेंगी नजरें?
भारत के ओपनर वैभव सूर्यवंशी इस टूर्नामेंट का सबसे बड़ा नाम माने जा रहे हैं। उन्होंने महज 14 साल की उम्र में टी20 क्रिकेट में शतक लगाकर दुनिया का ध्यान खींचा था।
इसके अलावा, पाकिस्तान के बल्लेबाज समीर मिन्हास ने हाल ही में अंडर-19 एशिया कप में भारत के खिलाफ 172 रनों की पारी खेली थी। ऑस्ट्रेलिया के कप्तान ओलिवर पीक भी पिछला खिताब जीतने के अनुभव के साथ उतरेंगे।
पाकिस्तान के तेज गेंदबाज अली रजा अपनी रफ्तार और बाउंस वाली गेंदबाजी के लिए जाने जाते हैं। वहीं, जापान के ऑलराउंडर चार्ली हारा हिंजे अपनी टीम के लिए अहम खिलाड़ी साबित हो सकते हैं।
भविष्य की झलक दिखाएगा यह वर्ल्ड कप
अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 सिर्फ एक टूर्नामेंट नहीं है, बल्कि यह आने वाले दशक के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की तस्वीर पेश करता है। यहां खेलने वाले कई खिलाड़ी जल्द ही सीनियर टीमों की जर्सी में नजर आ सकते हैं। इसी वजह से इस टूर्नामेंट पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी होंगी।
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