क्रिकेट में मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार उस खिलाड़ी को दिया जाता है, जो मैच में सबसे श्रेष्ठ प्रदर्शन करता है। यह पुरस्कार प्रायः सबसे अधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज़ या सबसे अधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज़ को दिया जाता है। आमतौर पर यह सम्मान किसी एक खिलाड़ी को ही प्रदान किया जाता है। हालाँकि, कुछ विशेष अंतरराष्ट्रीय मैचों में ऐसा भी हुआ है, जब किसी एक खिलाड़ी के योगदान को सर्वोत्तम नहीं माना गया, बल्कि पूरी टीम ने सामूहिक रूप से ऐसा प्रदर्शन किया कि सभी 11 खिलाड़ियों को मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार दिया गया। ये निर्णय उत्कृष्ट टीम प्रदर्शन के आधार पर लिए गए, जहाँ जीत केवल एक खिलाड़ी के कारण नहीं, बल्कि पूरी टीम की मेहनत से मिली थी।
ऐसे 5 ऐतिहासिक मैचों के बारे में जानते हैं, जिनमें पूरी टीम को मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार दिया गया
1. न्यूजीलैंड बनाम वेस्टइंडीज (1996)
क्रिकेट के इतिहास में पहली बार सभी 11 खिलाड़ियों को मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार 1996 में न्यूजीलैंड और वेस्टइंडीज के बीच खेले गए मैच में दिया गया। इस मुकाबले में न्यूजीलैंड ने वेस्टइंडीज को 4 रनों से हराया था। न्यूजीलैंड की इस जीत में बल्लेबाज़ों और गेंदबाज़ों—दोनों ने अहम भूमिका निभाई थी। हालांकि, वेस्टइंडीज की पूरी टीम ने भी अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन न्यूजीलैंड की टीम का संयुक्त प्रयास इतना प्रभावशाली था कि मैच अधिकारियों ने टीम के सभी 11 खिलाड़ियों को मैन ऑफ द मैच से सम्मानित किया।
2. पाकिस्तान बनाम इंग्लैंड (1996)
यह मैच पाकिस्तान के इंग्लैंड और स्कॉटलैंड दौरे के दौरान खेला गया था। तीन मैचों की वनडे सीरीज़ के आखिरी मुकाबले में पाकिस्तान ने इंग्लैंड को 2 विकेट से हराया। इस निर्णायक मैच में पाकिस्तान के सभी खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया—बल्लेबाज़ी और गेंदबाज़ी, दोनों विभागों में टीम ने एकजुट होकर खेला। इस सामूहिक प्रयास के कारण सभी 11 खिलाड़ियों को मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार दिया गया।
3. वेस्टइंडीज बनाम दक्षिण अफ्रीका (1999)
1999 में वेस्टइंडीज और दक्षिण अफ्रीका के बीच टेस्ट सीरीज़ के आखिरी मैच में दक्षिण अफ्रीका ने वेस्टइंडीज को 351 रनों से करारी शिकस्त दी। इस जीत के साथ अफ्रीकी टीम ने सीरीज़ में 5-0 की क्लीन स्वीप की। इस ऐतिहासिक जीत में पूरी दक्षिण अफ्रीकी टीम ने शानदार प्रदर्शन किया, जिससे मैच अधिकारियों ने पूरी टीम को मैन ऑफ द मैच से सम्मानित किया। यह वेस्टइंडीज की टेस्ट क्रिकेट इतिहास में सबसे बड़ी हारों में से एक थी।
4. जिम्बाब्वे बनाम पाकिस्तान (2005)
2005 में खेले गए इस टेस्ट मैच में पाकिस्तान ने जिम्बाब्वे को एक पारी और 64 रनों से हराया। इस मैच में न कोई एक बल्लेबाज़ चमका, न कोई गेंदबाज़ अकेले दम पर बाज़ी मार सका। बल्लेबाज़ों और गेंदबाज़ों दोनों ने टीम वर्क दिखाया और पूरी टीम ने संतुलित प्रदर्शन किया। मैच के बाद कप्तान और मैच रेफरी ने यह निर्णय लिया कि पूरी टीम को मैन ऑफ द मैच दिया जाए।
5. इंग्लैंड बनाम ऑस्ट्रेलिया (महिला वनडे, 2005)
यह मुकाबला 2005 की नेटवेस्ट महिला सीरीज़ का फाइनल था, जो महिला एशेज सीरीज़ का भी हिस्सा था। इस मैच में इंग्लैंड की महिला टीम ने असाधारण क्षेत्ररक्षण और गेंदबाज़ी करते हुए ऑस्ट्रेलिया को बेहद कम स्कोर पर समेट दिया। लक्ष्य का पीछा करते हुए भी पूरी टीम ने मिलकर जिम्मेदारी निभाई और मैच आसानी से जीत लिया। इस बेहतरीन सामूहिक प्रदर्शन के लिए इंग्लैंड की पूरी महिला टीम को मैन ऑफ द मैच पुरस्कार दिया गया।

