टीम इंडिया और साउथ अफ्रीका के बीच टेस्ट सीरीज खत्म हो चुकी है। दो मैचों की टेस्ट सीरीज में भारतीय टीम को अपने घर में बुरी तरह से हार का सामना करना पड़ा है। भारतीय टीम को एक साल के अंदर लगातार दूसरी बार क्लीन स्वीप का सामना करना पड़ा है। इस हार के साथ ही टीम इंडिया का वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में पहुँचने का सपना भी टूटता हुआ नज़र आ रहा है।
भारतीय टीम को मिली करारी हार

भारतीय टीम को आखिरी दिन मैच बचाने के लिए 90 ओवर बल्लेबाज़ी करनी थी और उनके 8 विकेट बचे हुए थे। टीम इंडिया के लिए इस मुकाबले में जीतना मुश्किल था, क्योंकि अंत में उन्हें 522 रनों का पीछा करना पड़ता, जो कि असंभव था। भारतीय टीम इस मैच को ड्रा कराने के इरादे से खेल रही थी ताकि क्लीन स्वीप से बचा जा सके।
टीम इंडिया को शुरुआती पहले घंटे में नाइटवॉचमैन के रूप में भेजे गए कुलदीप यादव को साइमन हार्मर ने बोल्ड कर दिया। इस मुकाबले में शुभमन गिल की जगह नंबर 4 पर खेलने वाले ध्रुव जुरेल भी कुछ खास नहीं कर पाए। वे भी हार्मर का ही शिकार हुए।
सुदर्शन और जडेजा ने की मैच बचाने की कोशिश, रहे नाकामयाब
सुदर्शन एक तरफ टिके हुए थे और किस्मत भी उनका बखूबी साथ निभा रही थी। पहले तो उनके कुछ कैच छूटे और उसके बाद जब वे मार्क यांसेन की गेंद पर आउट हुए तो वह नो बॉल निकली। ऋषभ पंत ने भी काउंटर अटैक करने की कोशिश की, लेकिन हार्मर की गुड लेंथ से अतिरिक्त उछलती गेंद पर वे भी कुछ नहीं कर सके और आउट हो गए।
जडेजा और सुदर्शन ने लंच तक कोई विकेट नहीं गिरने दिया। हालांकि लंच के बाद सेनुरन मुत्थुस्वामी ने बल्ले के बाद अब गेंद से कमाल दिखाया और सुदर्शन को कैच आउट करा दिया।
साउथ अफ्रीका ने 2-0 से किया सूपड़ा साफ
सुंदर और जडेजा ने एक बार फिर विकेट पर टिकने की कोशिश की, लेकिन हार्मर की गेंदबाजी के आगे भारतीय बल्लेबाज बेबस नज़र आ रहे थे और सुंदर भी उन्हीं का शिकार हो गए। जडेजा एक छोर पर आराम से खेल रहे थे और इसी दौरान उन्होंने अपना पचासा भी पूरा कर लिया, लेकिन कोई भी उनका साथ देने को तैयार नहीं था।
वे भी काउंटर अटैक करने के चक्कर में स्टंप हो गए। अंत में मार्क यांसेन ने पीछे भागते हुए सिराज का कैच पकड़कर टीम इंडिया की पारी समाप्त कर दी। अफ्रीका ने 408 रनों से मैच जीतकर सीरीज 2-0 से अपने नाम कर ली। अफ्रीका ने आखिरी बार साल 2000 में टीम इंडिया को घर में हराया था।

