गौतम गंभीर के हेड कोच बनने के बाद से लेकर अब तक टीम इंडिया को न्यूजीलैंड (0-3) और दक्षिण अफ्रीका (0-2) के खिलाफ घर पर क्लीन स्वीप होना पड़ा है।
भारतीय टेस्ट टीम में नंबर 3 की भूमिका बेहद अहम मानी जाती है, क्योंकि यह स्थान शुरुआती विकेट गिरने पर पारी को संभालने या मजबूत शुरुआत को बड़े स्कोर में बदलने की जिम्मेदारी निभाता है। गौतम गंभीर के हेड कोच बनने के बाद से अब तक 7 अलग-अलग बल्लेबाज टेस्ट क्रिकेट में नंबर 3 पर बल्लेबाजी कर चुके हैं।
यह दिखाता है कि चेतेश्वर पुजारा के बाद टीम इंडिया अब तक नंबर 3 का सही विकल्प नहीं खोज सकी है। चौंकाने वाली बात यह है कि गंभीर की कोचिंग में अब तक टीम इंडिया को टेस्ट क्रिकेट में 19 में से सिर्फ 7 मैचों में जीत मिली है और 2 मुकाबले ड्रॉ रहे हैं। यानी उन्हें 10 मैचों में हार झेलनी पड़ी है। इस बीच वह भारत में 9 मैचों में 4 जीत और विदेशों में 10 मैचों में 3 जीत हासिल कर सके हैं।
गौतम गंभीर की कोचिंग में भारत ने सितम्बर 2024 में बांग्लादेश के खिलाफ दो मैचों की घरेलू टेस्ट सीरीज में 2-0 से जीत दर्ज की। इसके बाद उन्हें अक्टूबर-नवंबर 2024 में घर पर ही न्यूजीलैंड के खिलाफ 0-3 से क्लीन स्वीप होना पड़ा। फिर वह दिसंबर-जनवरी में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर गए, जहाँ उन्हें 3-1 से हार झेलनी पड़ी। इस दौरे तक रोहित शर्मा टेस्ट क्रिकेट में आखिरी बार कप्तानी करने आए।
जून-जुलाई 2025 में भारत ने शुभमन गिल की कप्तानी में इंग्लैंड का दौरा किया, जहाँ उन्होंने पांच मैचों की सीरीज में 2-2 से बराबरी की। इसके बाद अक्टूबर में उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट सीरीज में 2-0 से क्लीन स्वीप किया। लेकिन नवंबर में उन्हें साउथ अफ्रीका के खिलाफ घर पर 0-2 से शर्मनाक हार झेलनी पड़ी।
टेस्ट क्रिकेट में सात भारतीय बल्लेबाजों ने 1 सितंबर 2024 के बाद कई बल्लेबाज नंबर 3 पर बल्लेबाजी की और उनके प्रदर्शन ने सिलेक्शन, कॉम्बिनेशन और भविष्य की योजनाओं को प्रभावित किया। यहां गौतम गंभीर के हेड कोच बनने के बाद से लेकर अब तक भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट में नंबर 3 पर बल्लेबाजी करने वाले बल्लेबाजों के प्रदर्शन की विस्तार से जानकारी दी जा रही है।
गौतम गंभीर के हेड कोच बनने के बाद से अब तक इन 7 खिलाड़ियों ने की टेस्ट में नंबर 3 पर बल्लेबाजी
1. शुभमन गिल – 13 पारियों में 401 रन
गंभीर के हेड कोच बनने के बाद से टेस्ट क्रिकेट में नंबर 3 पर शुभमन गिल को सबसे ज्यादा मौके मिले। उन्होंने इस अवधि में 13 पारियों में 33.4 की औसत से 401 रन बनाए, जिसमें एक शतक और एक अर्धशतक शामिल रहा।
हालाँकि, कप्तान बनने के बाद से गिल लगातार नंबर 4 पर बल्लेबाजी करने लगे हैं। उन्होंने नंबर 4 पर लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है। उन्होंने इस पोजीशन पर 13 पारियों में 85.36 की औसत से 939 रन बनाए हैं, जिसमें 5 शतक और एक अर्धशतक शामिल है। ऐसे में यह बदलाव टीम के हक में गया है।
2. साई सुदर्शन – 11 पारियों में 302 रन
साई सुदर्शन को इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट डेब्यू करने का मौका मिला। वहां उन्होंने एक मैच में अर्धशतक लगाया, लेकिन बाकी मैचों में वह उम्मीद के मुताबिक अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सके। वह अब तक नंबर 3 पर 11 पारियों में बल्लेबाजी कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने 27.5 की औसत से 302 रन बनाए हैं, जिसमें दो अर्धशतक शामिल हैं।
उन्होंने कई बार अच्छी शुरुआत को बड़े स्कोर में नहीं बदला, फिर भी चयनकर्ताओं ने उन्हें लगातार मौके देकर यह संकेत दिया है कि वे भविष्य की योजनाओं में शामिल हैं। लेकिन साउथ अफ्रीका के खिलाफ उन्हें पहले टेस्ट से बाहर करना और उनकी जगह पर वाशिंगटन सुंदर को नंबर 3 पर बल्लेबाजी कराना अभी भी सबके समझ से परे है।
3. करुण नायर – 4 पारियों में 111 रन
टेस्ट क्रिकेट में तिहरा शतक लगा चुके करुण नायर ने 2024-25 के घरेलू सीजन में लगातार रन बनाकर चयनकर्ताओं को उन्हें टीम में चुनने पर मजबूर कर दिया। इसके बाद उन्हें इंग्लैंड दौरे के लिए टेस्ट टीम में जगह मिली, जहाँ उन्हें चार मैच खेलने का मौका मिला। हालाँकि, उनकी पोजीशन तय नहीं रही और उन्हें 4 पारियों में नंबर 3 पर बल्लेबाजी की।
नायर ने नंबर 3 पर बल्लेबाजी करते हुए 4 पारियों में 27.8 के औसत के साथ 111 रन बनाए। लम्बे समय बाद वापसी करने वाले बल्लेबाज को ठीक अगले ही सीरीज (वेस्टइंडीज के खिलाफ भारत में) से ड्रॉप कर दिया गया, जो कि बेहद ही चौंकाने वाला रहा।
इसका परिणाम यह निकला कि भारत ने कमजोर कैरेबियन टीम को तो भले हरा दिया, लेकिन साउथ अफ्रीका टेस्ट सीरीज में वह घर पर ही शर्मांक तरीके से दोनों टेस्ट मैच हार गए, जबकि नायर इस समय भी घरेलू क्रिकेट में लगातार रन बना रहे हैं।
4. विराट कोहली – 2 पारियों में 70 रन
अब टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले चुके विराट कोहली अक्सर इस फॉर्मेट में नंबर 4 पर बल्लेबाजी करते रहे हैं। लेकिन कोच गंभीर ने उन्हें न्यूजीलैंड के खिलाफ अक्टूबर 2024 में बेंगलुरु टेस्ट में नंबर 3 पर बल्लेबाजी करने का मौका दिया। वह उस टेस्ट मैच में पहली पारी में 0 पर आउट हो गए, लेकिन दूसरी पारी में 70 रन बनाए। हालाँकि, इसके बाद उन्होंने दोबारा कभी नंबर 3 पर बल्लेबाजी नहीं की।
5. वॉशिंगटन सुंदर – 2 पारियों में 60 रन
ऑलराउंडर वॉशिंगटन सुंदर ने साउथ अफ्रीका टेस्ट सीरीज में कोलकाता में खेले गए पहले टेस्ट मैच में नंबर 3 पर बल्लेबाजी की। उन्होंने पहली पारी में 29 और दूसरी पारी में 31 यानी कुल मिलाकर 60 रन बनाए।
हालाँकि, उन्होंने क्रमशः 82 और 92 गेंदें जरुर खेली, लेकिन निचले क्रम में उन्होंने इससे भी बड़ी पारियां खेली है। एक शुद्ध बल्लेबाज की जगह नंबर तीन पर किसी ऑलराउंडर को खेलने का मौका देना और अगले मैच में उन्हें नंबर 8 पर बैटिंग करने भेजना ब्लंडर लगता है।
6. देवदत्त पडिक्कल – 2 पारियों में 25 रन
देवदत्त पडिक्कल को ऑस्ट्रेलिया दौरे पर पर्थ में खेले गए पहले टेस्ट मैच में प्लेइंग XI में शामिल किया गया, जो कि बल्लेबाजी के लिए उतना अच्छा विकेट नहीं माना जाता है। वहां वह पहली पारी में शून्य और दूसरी पारी में 25 रन पर आउट हो गए थे। हालाँकि, उस मैच में टीम इंडिया को जीत मिली थी, क्योंकि दूसरी पारी में जायसवाल और कोहली ने शतक लगाया था।
7. केएल राहुल – 2 पारियों में 24 रन
केएल राहुल 2025 के इंग्लैंड दौरे से लगातार भारतीय टेस्ट टीम में ओपनिंग की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। लेकिन इससे पहले उन्हें ऑस्ट्रेलिया दौरे पर मेलबर्न में नंबर 3 पर बल्लेबाजी करने के लिए भेजा गया था। उस दौरे पर टीम इंडिया नंबर 3 पर एक अच्छे बल्लेबाज की तलाश कर रही थी। हालाँकि, मेलबर्न टेस्ट में केएल राहुल कुछ खास नहीं कर सके और 24 एवं 0 रनों का ही योगदान दे सके।
ये ऊपर दिए गए संभी आंकड़े दिखाते हैं कि एक साल से ज्यादा समय से हेड कोच रह चुके गौतम गंभीर अब तक नंबर 3 पर टेस्ट क्रिकेट में एक सही बल्लेबाज की तलाश पूरी नहीं कर सके हैं। हालाँकि, बार-बार अलग-अलग खिलाड़ियों को मौके देना और किसी एक बल्लेबाज को लगातार मौके ना देना गंभीर की सबसे बड़ी गलती है।
भारतीय सरजमीं पर नंबर 3 पर करुण नायर को लगातार मौके देना और फिर उन्हें विदेश का दौरा कराना एक अच्छा विकल्प हो सकता था। 33 वर्षीय नायर अगले 3-4 सालों तक टीम इंडिया में चेतेश्वर पुजारा जैसा प्रदर्शन कर सकते थे, लेकिन इंग्लैंड दौरे के बाद घरेलू टेस्ट सीरीज से उन्हें ड्रॉ करना चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट के फैसले पर सवाल खड़े करता है।
(1 सितंबर 2024 से लेकर 26 नवंबर 2025 तक के आंकड़े)
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