Friday, March 20

India Women Won By 52 Runs vs South Africa Women in ICC Women’s World Cup 2025 Final: आईसीसी महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप 2025 का फाइनल मुकाबला भारतीय महिला टीम और साउथ अफ्रीका महिला टीम के बीच नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम में खेला गया। इस ऐतिहासिक मुकाबले में भारतीय महिला टीम ने साउथ अफ्रीका को 52 रन से हराकर पहली बार वर्ल्ड चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। यह मैच उतार-चढ़ाव से भरा रहा और दोनों टीमों ने फाइनल जैसी फाइट दिखाई, लेकिन भारत की बल्लेबाजी और डेथ ओवरों में गेंदबाजी ने मैच को भारत की झोली में डाल दिया।

दर्शकों से भरे स्टेडियम में मैच की शुरुआत से ही एक चैंपियनशिप वाली गंभीरता नजर आई। भारत ने बैटिंग से शुरुआत करते हुए 298 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया और बाद में गेंदबाजी में साउथ अफ्रीका के एक के बाद एक विकेट चटकाए। भारत ने जब मैच जीता तो पूरे मैदान में जश्न और भारतीय खिलाड़ियों की खुशी का माहौल देखने लायक था।

भारत की पारी में टॉप ऑर्डर ने दिखाई मजबूती

टॉस हारकर बैटिंग के लिए उतरी भारतीय टीम ने पावरप्ले का पूरा फायदा उठाया। स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा की जोड़ी ने भारत को सपनों जैसी शुरुआत दिलाई। दोनों ने पहले विकेट के लिए 104 रन की साझेदारी कर एक मजबूत प्लेटफॉर्म तैयार किया।

स्मृति मंधाना ने 45 रन बनाए और उन्होंने अपनी पारी में 8 चौके जड़े। दूसरी ओर शेफाली वर्मा का अंदाज आज पूरी तरह मैच के हिसाब से था। उन्होंने अपने नेचुरल गेम को बरकरार रखते हुए 78 गेंदों पर 87 रन की शानदार पारी खेली, जिसमें 7 चौके और 2 छक्के शामिल थे। यह पारी भारत को बड़े स्कोर की दिशा में सेट करने में अहम रही।

जेमिमाह रोड्रिग्स और कप्तान हरमनप्रीत कौर के रूप में भारत ने कुछ अहम विकेट गंवाए, जिससे रन गति थोड़ी धीमी पड़ी। लेकिन दोनों ने मिलकर साझेदारी बनाने की कोशिश की। जेमिमाह 24 रन बनाकर आउट हुईं, जबकि हरमनप्रीत कौर 20 रन बनाकर पवेलियन लौटीं। उस समय भारत 38वें ओवर में 223 पर था और यह जरूरी था कि कोई खिलाड़ी पारी को डेथ ओवर तक ले जाए।

मिडिल ओवर में दीप्ति शर्मा का कमाल

दीप्ति शर्मा की नियंत्रित लेकिन मैच सिचुएशन के अनुसार जिम्मेदार पारी भारत की पारी का टर्निंग पॉइंट रही। दीप्ति ने 58 गेंदों पर 58 रन बनाए और भारत की पारी को स्थिरता से आगे बढ़ाया। उन्होंने एक छक्का और तीन चौके लगाए।

दीप्ति ने शुरुआत में स्ट्राइक रोटेट की और फिर डेथ ओवरों में शॉट खेलने शुरू किए। इस दौरान उन्होंने ऋचा घोष के साथ 47 रन की साझेदारी कर स्कोर को 250 के पार पहुंचाया। यह साझेदारी इसलिए अहम थी क्योंकि इसी ने अंतिम ओवरों में तेजी से रन जुटाने की नींव रखी।

डेथ ओवर्स में ऋचा घोष ने लाई तेजी

ऋचा घोष अपने टी20 अंदाज में खेलते हुए मैदान में उतरते ही रनगति बढ़ाने में सफल रहीं। उन्होंने 24 गेंदों पर 34 रन की तेज़ पारी खेली, जिसमें 3 चौके और 2 छक्के शामिल थे। ऋचा की यह पारी भारत को 300 के करीब स्कोर तक पहुंचाने में निर्णायक साबित हुई।

अंतिम ओवरों में भारत 298 रन तक पहुंच गया, जो फाइनल मुकाबले में मानसिक रूप से बेहद मजबूत स्कोर माना जाता है। साउथ अफ्रीका के लिए आयाबोंगा खाका ने 3 विकेट लेकर भारत की पारी को रोकने की भरपूर कोशिश की, लेकिन बाकी गेंदबाज रन रोकने में नाकाम रहे।

साउथ अफ्रीका की तरफ से रन चेज में अकेले लड़ीं लौरा वुल्वार्ट

299 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी साउथ अफ्रीका की शुरुआत अच्छी रही। ताजमिन ब्रिट्स ने 23 रन बनाए और वुल्वार्ट के साथ पहले विकेट के लिए 51 रन जोड़े। ब्रिट्स के रन आउट होते ही साउथ अफ्रीका की पारी लड़खड़ाने लगी।

एनेके बॉश बिना खाता खोले पवेलियन लौट गईं। इसके बाद सून लूस ने 25 रन की पारी खेली और टीम को संभालने की कोशिश की। लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने लगातार अंतराल में विकेट लेकर साउथ अफ्रीका को दबाव में रखा।

वुल्वार्ट का शतक, लेकिन बाकी खिलाड़ी फेल

साउथ अफ्रीका के लिए लौरा वुल्वार्ट ने कप्तानी पारी खेली और 98 गेंदों पर 101 रन बनाए। उन्होंने 11 चौके और 1 छक्का लगाया। वुल्वार्ट ने पूरी पारी में क्रीज संभाली रखी और एक छोर से रन बनाती रहीं।

हालांकि, उन्हें दूसरे छोर से वह सपोर्ट नहीं मिला जिसकी फाइनल मुकाबले में जरूरत होती है। एक समय जब डर्कसन ने 35 रन बनाए और टीम का स्कोर 209 पहुंच गया था तब भी साउथ अफ्रीका को मैच में बने रहने का मौका था, लेकिन वुल्वार्ट के आउट होते ही मुकाबला लगभग तय हो चुका था।

भारत की गेंदबाजी में दीप्ति शर्मा रही सबसे सफल

भारत की तरफ से सबसे सफल गेंदबाज दीप्ति शर्मा रहीं, जिन्होंने 9.3 ओवरों में 39 रन देकर 5 विकेट लिए। उन्होंने मिडिल ओवर्स में साउथ अफ्रीका की पारी तोड़ने में बड़ी भूमिका निभाई।

इसके अलावा, शेफाली वर्मा ने भी गेंदबाजी में योगदान दिया और 7 ओवर में 2 विकेट लिए। उन्होंने अपने लगातार दो ओवरों में सून लूस और मारिजान कप को आउट कर साउथ अफ्रीका को अहम झटका दिया। श्री चरणी ने 1 विकेट और राधा यादव व अमनजोत को कोई सफलता नहीं मिली। अंत में साउथ अफ्रीका 45.3 ओवरों में 246 रन बनाकर ऑल आउट हो गई और भारत 52 रनों से यह मुकाबला जीत लिया।

वुल्वार्ट का आउट होना रहा मैच का टर्निंग पॉइंट

मैच का सबसे अहम मोड़ 42वें ओवर में आया, जब दीप्ति शर्मा ने पहली ही गेंद पर वुल्वार्ट को अमनजोत कौर के हाथों कैच कराया। अमनजोत ने शानदार तरीके से कैच लिया और भारत की मैच में वापसी हो गई। उस समय साउथ अफ्रीका को जीत के लिए 79 रन चाहिए थे और उनके हाथ में 4 विकेट भी थे। वुल्वार्ट के आउट होते ही उसी ओवर की चौथी गेंद पर क्लोए ट्रॉयन भी आउट हो गईं, जिससे भारत की जीत लगभग सुनिश्चित हो गई थी।

दीप्ति शर्मा और शेफाली वर्मा रहीं स्टार परफॉर्मर

आईसीसी महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप 2025 के फाइनल मुकाबले में शेफाली वर्मा और दीप्ति शर्मा भारतीय महिला टीम के लिए स्टार परफॉर्मर रहीं। जहां एक ओर शेफाली ने बल्लेबाजी में 78 गेंदों पर 87 रनों का योगदान देने के साथ-साथ 7 ओवरों में 34 रन देकर दो कीमती विकेट चटकाए, वहीं दीप्ति ने भी बल्लेबाजी में 58 रन बनाने के साथ-साथ गेंदबाजी में 39 रन देकर पांच विकेट चटकाए। शेफाली वर्मा को फाइनल मैच में अच्छे प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।

दीप्ति शर्मा बनीं प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट

दीप्ति शर्मा ने इस टूर्नामेंट में बल्लेबाजी करते हुए 9 मैचों तीन अर्धशतकों के साथ 215 रन बनाए, जबकि गेंदबाजी में 22 विकेट चटकाए। फाइनल मुकाबले में उनकी 5/39 की स्पेल इस टूर्नामेंट में उनकी बेस्ट स्पेल रही। दीप्ति ने महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप के एक संस्करण में 200 से ज्यादा रन और 20 से ज्यादा विकेट चटकाने का रिकॉर्ड भी बनाया। उनके अलावा अन्य कोई भी खिलाड़ी यह कारनामा नहीं कर सका है। इसी के चलते उन्हें प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया।

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Neetish Kumar Mishra Sports Digest Hindi में Editor के रूप में कार्यरत हैं और खेल पत्रकारिता में गहरा अनुभव रखते हैं। क्रिकेट, टेनिस, फुटबॉल और अन्य खेलों की बारीकियों पर उनकी पकड़ बेहद मजबूत है।

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