भारत और पाकिस्तान की टीमें जब भी क्रिकेट मैदान पर आमने-सामने होती हैं, तब हर मुकाबले में नया किस्सा देखने को मिलता है। मैच जीतने के लिए दोनों ही टीमें पूरी जान झोंक देती हैं। इस दौरान कई बार कुछ ऐसा भी हो जाता है, जो खेल भावना से बिलकुल हटकर होता है। पाकिस्तान की टीम तो मैच जीतने के लिए हर तरह के हथकंडे अपनाने के लिए हमेशा से बदनाम रही है। ऐसा ही कुछ 1978-79 में भारत की टीम के ख़िलाफ भी किया गया था।
बिशन सिंह बेदी ने कब और कहाँ किया था गुस्से में मैच ना खेलने का फैसला
1978-79 में भारतीय टीम पाकिस्तान के दौरे पर थी। इस सीरीज़ में भारत की कप्तानी बिशन सिंह बेदी कर रहे थे। भारत ने क्वेटा में खेला गया अपना पहला वनडे मुकाबला जीता था। इसके बाद सियालकोट में जीत दर्ज कर पाक टीम ने सीरीज़ में बराबरी कर ली। तीसरा और निर्णायक वनडे मैच साहीवाल में खेला गया था।
भारत को 14 गेंद में चाहिए थे 23 रन, तब क्यों भारतीय कप्तान ने खेलने से मना कर दिया
इस मैच में पाकिस्तान की टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 40 ओवर में 7 विकेट के नुकसान पर 205 रन बनाए थे। भारतीय टीम ने भी 37.4 ओवर में 2 विकेट पर 183 रन बना लिए थे। अब भारत को 14 गेंदों में 23 रन बनाने थे।
तभी 38वें ओवर में गेंदबाज़ी करने आए सरफराज नवाज ने लगातार 4 बाउंसर गेंदें फेंकी, लेकिन अंपायर ने एक भी गेंद को वाइड नहीं दिया। इससे भारतीय कप्तान काफी नाराज़ हो गए। पाकिस्तान का प्लान साफ नजर आ रहा था कि गेंदें ऐसी फेंकी जाएँ, ताकि भारतीय बल्लेबाज चाहकर भी उन्हें खेल न पाएं।
बिशन सिंह ने बल्लेबाजों को ड्रेसिंग रूम में बुला लिया
सरफराज नवाज के बाउंसर गेंद फेंकने के बाद, जब अंपायर ने उन गेंदों को वाइड करार नहीं दिया, तब गुस्से में ड्रेसिंग रूम में बैठे कप्तान बिशन सिंह बेदी और पाकिस्तान टीम के कप्तान मुश्ताक मोहम्मद के बीच इस मुद्दे पर बहस हो गई। इसके बाद भारतीय कप्तान ने बल्लेबाज़ अंशुमान गायकवाड़ और गुंडप्पा विश्वनाथ को वापस ड्रेसिंग रूम में बुला लिया।
भारत के मैच ना खेलने के कारण पाकिस्तान टीम को विजेता घोषित कर दिया गया
इस घटना के बाद पाकिस्तान टीम के कप्तान भारत के ड्रेसिंग रूम में आए और बिशन सिंह बेदी से गायकवाड़ और विश्वनाथ को बल्लेबाजी के लिए भेजने का अनुरोध किया। लेकिन बेदी ने आगे मैच खेलने से इनकार कर दिया। अंपायर ने भी भारतीय कप्तान को मनाने की कोशिश की। आखिरकार मेज़बान टीम को उस मैच में विजेता घोषित कर दिया गया और पाकिस्तान ने 2-1 से सीरीज़ जीत ली। यह मैच पाकिस्तान ने जीता नहीं था, बल्कि उन्हें जीत अवार्ड हुई थी, क्योंकि भारत ने आगे उस मैच में खेलने से मना कर दिया था।

