IPL 2026 Retention Deadline and Team-wise Updates: IPL 2026 की रिटेंशन डेडलाइन जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे सभी फ्रेंचाइजी अपने स्क्वॉड का भविष्य तय करने में जुट गई हैं। मिनी ऑक्शन होते हुए भी इस बार कई टीमें बड़े स्तर पर रीबिल्ड मोड में दिखाई दे रही हैं।
ट्रेड विंडो में जडेजा और संजू सैमसन को लेकर चर्चा पहले ही काफी तेज हो चुकी थी और अब लगभग हर टीम अपने स्क्वॉड में नई दिशा तय करने के लिए अहम फैसले ले रही है। इसी वजह से रिटेंशन से पहले माहौल काफी दिलचस्प हो गया है और हर टीम अपने लिए सबसे बेहतर संतुलन बनाने की कोशिश कर रही है।
नीचे टीम-दर-टीम विस्तार से जानिए कि कौन क्या सोच रहा है और आने वाले दिनों में किन बड़े फैसलों की उम्मीद की जा सकती है।
CSK: क्या जडेजा को खोना पड़ेगा?
CSK का पिछला सीजन बेहद निराशाजनक रहा था क्योंकि टीम सबसे नीचे खत्म हुई थी और ऐसे में बदलाव लगभग तय हैं। बीच सीजन में कुछ खिलाड़ियों ने अच्छा असर दिखाया था, जिसमें आयुष म्हात्रे, डेवाल्ड ब्रेविस और उर्विल पटेल जैसे नाम शामिल थे।
अगर संजू सैमसन टीम में आते हैं तो टॉप ऑर्डर और भी मजबूत हो जाएगा, लेकिन जडेजा के जाने की संभावना टीम के लिए एक बड़ा झटका साबित हो सकती है। जडेजा जैसा ऑलराउंडर टीम को संतुलन देता है और उन्हें बदलने के लिए दो खिलाड़ियों की जरूरत पड़ सकती है।
CSK इस बार बड़े पर्स के साथ ऑक्शन में उतरने की तैयारी में है और कई खिलाड़ियों को वापस पूल में भेजा जा सकता है ताकि टीम एक नई दिशा बना सके।
दिल्ली कैपिटल्स (DC): KL राहुल पर भरोसा बरकरार
दिल्ली ने भले ही प्लेऑफ में जगह नहीं बनाई, लेकिन टीम अपनी कोर स्ट्रक्चर से छेड़छाड़ के मूड में नहीं है। उन्होंने KL राहुल के लिए आई ट्रेड ऑफर्स को ठुकरा दिया जिससे पता चलता है कि वे राहुल पर भरोसा बनाए रखना चाहते हैं।
हालांकि, फाफ डु प्लेसी, जेक फ्रेजर-मैक्गर्क और शायद टी नटराजन को रिलीज किया जा सकता है, क्योंकि नटराजन की हालिया फॉर्म को लेकर चिंताएं हैं। कुछ अनकैप्ड खिलाड़ियों को भी छोड़ा गया तो दिल्ली करीब 25 से 30 करोड़ के पर्स के साथ वापस ऑक्शन में आ सकती है।
गुजरात टाइटंस (GT): मिडिल ऑर्डर को चाहिए मजबूती
GT का टॉप ऑर्डर शुभमन गिल, बी साई सुदर्शन और जोस बटलर की वजह से काफी मजबूत रहा, लेकिन टीम को सीजन के आखिरी हिस्से में मिडिल ऑर्डर की कमी का नुकसान उठाना पड़ा। शेरफन रदरफोर्ड के MI जाने के बाद फिनिशिंग रोल भी खाली है।
ऐसे में GT को बैटिंग रीइन्फोर्समेंट की जरूरत है और इसके लिए उन्हें कुछ खिलाड़ियों को रिलीज कर पर्स बढ़ाना पड़ सकता है। वॉशिंगटन सुंदर पर भरोसा बढ़ाने की भी चर्चा चल रही है, लेकिन टीम को संतुलन बनाने के लिए कई छोटे-बड़े फैसले लेने ही होंगे।
कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR): नए कप्तान और भारतीय स्टार की तलाश
KKR की सबसे बड़ी जरूरत एक ऐसे खिलाड़ी की है जो विकेटकीपर भी हो, कप्तान भी बन सके और बड़े भारतीय बल्लेबाज की भूमिका भी निभा सके। इस वजह से उन्होंने राहुल और संजू सैमसन में दिलचस्पी दिखाई थी, लेकिन बात नहीं बनी।
टीम का संतुलन पिछले सीजन में कमजोर दिखा था और वेंकटेश अय्यर को 23.75 करोड़ में खरीदना भी बैलेंस बिगाड़ गया था। अब उन्हें वापस ऑक्शन पूल में भेजना एक समझदारी भरा कदम हो सकता है ताकि टीम उन्हें कम कीमत पर वापस खरीद सके।
आंद्रे रसेल को रिलीज करना भी एक बड़ा लेकिन संभावित फैसला हो सकता है अगर KKR किसी नए ऑलराउंडर जैसे कैमरन ग्रीन के लिए जगह बनाना चाहे।
लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG): बड़े नाम पूल में जा सकते हैं
LSG के दो महंगे भारतीय खिलाड़ी, मयंक यादव और रवि बिश्नोई, मिलकर करीब 22 करोड़ का बजट खा रहे हैं और टीम दोनों को रिलीज करने पर विचार कर रही है। आवेश खान और डेविड मिलर को लेकर भी सोच-विचार चल रहा है।
अगर LSG यह कदम उठाती है तो वे करीब 30 करोड़ के पर्स के साथ मिनी ऑक्शन में प्रवेश कर सकते हैं और टीम में कई अहम बदलाव संभव हो जाएंगे।
मुंबई इंडियंस (MI): स्पिन विभाग पर फोकस
MI के पास ज्यादातर विभाग मजबूत हैं और इसलिए वे बड़े बदलाव नहीं करेंगे। हालांकि, स्पिन सेक्शन को और पुख्ता करने की जरूरत महसूस की जा रही है। दीपक चहर को रिलीज कर सस्ती ऑप्शन तलाशना टीम का अगला कदम हो सकता है, क्योंकि शार्दुल ठाकुर पहले ही शामिल किए जा चुके हैं।
MI छोटी पर्स के साथ ऑक्शन में जाएगी, लेकिन उनकी स्काउटिंग टीम हमेशा की तरह कुछ नए टैलेंट ढूंढ सकती है।
पंजाब किंग्स (PBKS): इस बार नहीं होगा रीसेट
PBKS हर साल बड़े बदलाव करती है, लेकिन इस बार वे स्थिरता बनाए रखने के मूड में हैं, क्योंकि वे पिछले सीजन के फाइनल में पहुंचे थे। हालांकि, ग्लेन मैक्सवेल और मार्कस स्टोइनिस को रिलीज कर कैमरन ग्रीन को लक्ष्य बनाने की चर्चा तेज है।
ग्रीन को पाने की होड़ को देखते हुए उन्हें युजवेंद्र चहल जैसे महंगे खिलाड़ी को भी पूल में भेजना पड़ सकता है। टीम कुछ अनकैप्ड खिलाड़ियों को भी बाहर करने की तैयारी में है।
राजस्थान रॉयल्स (RR): बॉलिंग यूनिट का रीबूट जरूरी
RR की संभावित प्लानिंग में रवींद्र जडेजा और सैम करन की एंट्री काफी अहम होगी। टीम मानती है कि संजू सैमसन की कमी को ध्रुव जुरेल और वैभव सूर्यवंशी की मौजूदगी संभाल सकती है, लेकिन बॉलिंग यूनिट में बड़े बदलाव की आवश्यकता है।
जोफ्रा आर्चर की फिटनेस और उपलब्धता चिंता का विषय है जबकि हसरंगा और थीक्षाना को भी रिलीज किया जा सकता है। शिमरोन हेटमायर का भविष्य भी फिलहाल अनिश्चित है।
रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB): चैंपियन टीम स्थिर दिखती है
RCB ने पिछले सीजन में खिताब जीता था और इसलिए टीम स्थिरता बनाए रखना चाहती है। लियाम लिविंगस्टोन को रिलीज कर मिडिल ऑर्डर में बेहतर विकल्प खोजने की संभावना है। कुछ घरेलू खिलाड़ियों को भी बाहर किया जा सकता है, लेकिन बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं है।
सनराइजर्स हैदराबाद (SRH): क्या क्लासन को छोड़ना सही होगा?
SRH हेनरिक क्लासन और मोहम्मद शमी दोनों को रिलीज करने की तैयारी में दिख रही है। शमी को लेकर चिंताएं समझी जा सकती हैं, लेकिन क्लासन जैसा मैच-विनर को छोड़ना बड़ा जोखिम हो सकता है क्योंकि बाकी टीमें भारी पर्स के साथ उन्हें निशाना बना सकती हैं।
SRH को एक भरोसेमंद भारतीय तेज गेंदबाज चाहिए और राहुल चाहर को भी रिलीज करने की संभावना है। कुछ अनकैप्ड खिलाड़ियों को हटाया जाना तय माना जा रहा है।
क्रिकेट से जुड़ी ताजा खबरों के लिए Sports Digest Hindi पर विजिट करते रहें और हमें फेसबुक, इंस्टाग्राम और ट्विटर (X) पर भी फॉलो करें।

