Thursday, March 19

इस वक्त भारतीय क्रिकेट पूरे विश्व में राज कर रहा है। आज भारतीय क्रिकेट बोर्ड परिषद (BCCI) दुनिया का सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड माना जाता है। ये बोर्ड ही भारतीय क्रिकेट को कंट्रोल करता है। ये ही कारण था कि साल 2008 में बीसीसीआई ने दुनिया के सामने आईपीएल जैसी नई लीग लाकर इस खेल की पूरी काया ही बदल कर रख दी। इस बारे में तो चर्चा विस्तार से करेंगे, लेकिन पहले ये जान लेते हैं कि आखिर विश्व क्रिकेट में टी-20 की शुरुआत कब हुई। साल 2007 में आईसीसी ने एक ऐसा फैसला लिया जिसने क्रिकेट के प्रति लोगों का नजरिया ही बदल कर रख दिया। ये वो ही साल था जब क्रिकेट के एक नए फॉर्मेट टी-20 ने जन्म लिया। ये फैसला आईसीसी के द्वारा लिया गया था। उस वक्त कई नामी क्रिकेटर इसके लिए रूची नहीं ले रहे थे।


इसके बाद साल 2007 में बीसीसीआई ने आईपीएल यानी इंडियन प्रिमियर लीग लाकर क्रिकेट के इस फॉर्मेट को काफी रोमांचक बना दिया। बता दें, इस लीग की स्थापना उस वक्त के बीसीसीआई के सदस्य ललित मोदी के ने की थी। इसके बाद 18 अप्रैल 2008 को इसका पहला मैच खेला गया। आईपीएल को देखकर कई अन्य देशों के बोर्ड ने भी उनके नाम की लीग बनाई। इसी कड़ी में पाकिस्तान ने भी भारत को देख साल 2015 में पीएसएल (पाकिस्तान सुपर लीग) के नाम एक लीग की शुरुआत की। इन सब के बाद अब बीते एक दो सालों कुछ पाकिस्तानी पीएसएल की तुलना आईपीएल से करने लगे हैं। यहां तक कुछ लोग तो पीएसएल को आईपीएल से बड़ी लीग बताने से भी बाज नहीं आ रहे है। इसी कड़ी में आज हम आपको आईपीएल मे पीएसएल में अंतर बताने जा रहे हैं। तो आइए जानते हैं कि आखिर भारत और पाकिस्तान के इन दोनों लीग्स में कितना अंतर है।

IPL 2023 में सबसे महंगे ये 5 खिलाड़ी, लिस्ट में एक भी भारतीय शामिल नहीं

IPL (Indian Premier League) और PSL (Pakistan Super League) में अंतर

ये सिर्फ एक सुनी सुनाई बात नहीं बल्कि सच्चाई है कि आईपीएल इस वक्त दुनिया की सबसे महंगी लीग है। लेकिन पाकिस्तान के कुछ बड़बोले लोग इस बात को मानने से इनकार करते हैं। इसी कड़ी में हम इन दोनों लीग्स की कुछ मुख्य बातों को आपके सामने रखने जा रहे हैं, जिससे आपको सरल तरीके से समझ में आ जाएगा कि आखिर इन दोनों में कितना अंतर है। सबसे पहले हम आईपीएल और पीएसएल में खिलाड़ियों को मिलने वाले पैसे के बार में आपको बताते हैं। अगर बात करें सैलरी की तो बता दें कि आईपीएल में जितना एक भारतीय खिलाड़ी को पैसा मिलता है, उतने पैसे से पीएसएल के 10 खिलाड़ियों का पूरा हो सकता है। यानी आईपीएल का एक खिलाड़ी पीएसएल के दस खिलाड़ियों पर भारी पड़ता है। इन दोनो लीग की प्राइज मनी में सात गुना का अंतर है। आईपीएल पीएसल से प्राइज मनी के आधार पर बहुत आगे है। एक तरफ जहां आईपीएल की चैंपियन टीम को 20 करोड़ रुपये मिलते हैं तो वहीं, पीएसल की चैंपियन टीम को सिर्फ 3.5 करोड़ से ही संतुष्टी करनी पड़ती है।

साल 2023 में आईपीएल और पीएसएल के सबसे महंगे खिलाड़ी 

साल 2023 के आईपीएल में सबसे महंगे इंग्लैंड के हरफनमौला खिलाड़ी सैम करन थे। सैम करन को किंग्स इलेवन पंजाब की टीम ने करीब 18.50 करोड़ की कीमत देकर खरीदा था। वहीं पीएसएल की बात करें तो उसमें आईपीएल की तरह ऑक्शन नहीं होता है। पीएसएल में ड्रॉफ्ट के जरिए खिलाड़ी को चुना जाता है। इस ड्रॉफ्ट में अलग-अलग प्रकार की कैटगरी होती  हैं। प्लेटिनम कैटगरी के खिलाड़ियों को सबसे ज्यादा पैसा मिलता है। इस कैटगरी के खिलाड़ियों को पीएसएल 1,30,000 अमेरिकी डॉलर यानी 3.4 करोड़ पाकिस्तानी और 1.2 करोड़ भारतीय रुपये मिलते हैं। साल 2023 में एक तरफ जहां आईपीएल का सबसे महंगा खिलाड़ी 18.50 करोड़ रुपये लेता है तो वहीं, पीएसएल का सबसे महंगा खिलाड़ी 1.2 करोड़ रुपये। ये एक बहुत बड़ा अंतर है।

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साल 2020 से स्पोर्ट्स पत्रकारिता में एक सिपाही के तौर पर कार्यरत हूं। प्रत्येक खेल में उसके सभी पहलुओं के धागे खोलकर आपके सामने रखने की कोशिश करूंगा। विराट व रोहित का बल्ला धोखा दे सकता है, लेकिन आपको यहां खबरों की विश्वसनियता पर कभी धोखा नहीं मिलेगा। बचपन से ही क्रिकेट के साथ-साथ अन्य खेलों में खास दिलचस्पी होने के कारण इसके बारे में लिखना बेहद पसंद है।

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