सोशल मीडिया एक वरदान भी है और अभिशाप भी है। आप इसका प्रयोग किस प्रकार से करना चाहते हैं, यह उस पर निर्भर करता है। आज के समय में सोशल मीडिया ऐसा माध्यम बन गया है जहाँ आप अपनी बात कह सकते हैं और अपनी स्किल्स को भी दिखा सकते हैं। अगर आपमें प्रतिभा होगी तो आप जल्द ही वायरल हो जाएंगे। कुछ ऐसा ही हुआ एक वायुसेना परिवार से आने वाले इज़ाज़ सावरिया के साथ।
इज़ाज़ सावरिया के लिए सोशल मीडिया किसी वरदान से कम नहीं है, क्योंकि इसने उनकी जिंदगी रातों-रात बदलकर रख दी है। 20 वर्षीय युवा स्पिन गेंदबाज इंस्टाग्राम पर अपनी गेंदबाजी की वीडियो बनाया करते थे और देखते ही देखते उनकी रील वायरल हो गई। इसके बाद उन्हें चेन्नई सुपर किंग्स और लखनऊ सुपर जायंट्स जैसी टीमों ने ट्रायल के लिए बुलाया और उन्हें ऑक्शन में भी रजिस्टर किया गया। उनकी सबसे खास बात यह है कि अब तक उन्होंने डोमेस्टिक क्रिकेट में डेब्यू भी नहीं किया है। इंस्टाग्राम से आईपीएल पहुँचने तक का उनका सफर काफी दिलचस्प है।
व्यक्तिगत जानकारी (Personal Information)

पूरा नाम: इज़ाज़ सावरिया
जन्म: 6 जून 2005 (कर्नाटक, इंडिया)
उम्र: 20 वर्ष
बैटिंग स्टाइल: राइट-हैंड बैट
बॉलिंग स्टाइल: राइट-आर्म लेगब्रेक
भूमिका: स्पिन गेंदबाज
टीमें: राजस्थान
इज़ाज़ ने बतौर तेज गेंदबाज सफर की शुरुआत की
सावरिया का बचपन उत्तरी कर्नाटक के छोटे से शहर बीदर में बीता। उन्होंने बताया कि वे वायुसेना परिवार से हैं। उनके पिता गोरखपुर में 27वीं स्क्वाड्रन (जगुआर) में तैनात हैं। पिता की पोस्टिंग की वजह से सावरिया बीदर में ही पले-बढ़े। साल 2017 में उन्होंने विजय क्रिकेट क्लब जॉइन किया। शुरुआत में वे तेज गेंदबाजी करते थे, लेकिन वहाँ के कोचों ने उन्हें लेग स्पिन गेंदबाजी पर ध्यान देने की सलाह दी।
तीन साल तक क्रिकेट खेलने के बावजूद जब उन्हें अंडर-15 टीम में जगह नहीं मिली, तो सावरिया ने अपने करियर को आगे बढ़ाने के लिए राजस्थान जाने का फैसला किया, क्योंकि उनका परिवार वहीं से संबंधित है। वे कहते हैं कि वहाँ भी टीम में जगह बनाना आसान नहीं था। कोविड के बाद साल 2022 में वे जयपुर आ गए।
कमलेश नागरकोटी के कोच की अकादमी में लिया एडमिशन
जयपुर में सावरिया एक पेइंग गेस्ट में रहने लगे और संस्कार क्रिकेट अकादमी में एडमिशन लिया। यहाँ वे कोच सुरेंद्र सिंह राठौर के मार्गदर्शन में अभ्यास करने लगे, जो पहले अंडर-19 वर्ल्ड कप विजेता कमलेश नागरकोटी को भी कोचिंग दे चुके हैं।
सावरिया बताते हैं कि शुरुआती दो साल उनके लिए बहुत कठिन रहे। वे जिला टीम में तो थे, लेकिन उन्हें खेलने के मौके नहीं मिल रहे थे। पिछले साल भी हालात कुछ ऐसे ही रहे। तब उन्होंने कुछ अलग करने का फैसला किया।
आदिल राशिद के कमेंट ने बदल दी किस्मत
उन्होंने इंस्टाग्राम का सहारा लिया। सावरिया कहते हैं कि उन्होंने बिना किसी उम्मीद के अपनी गेंदबाजी की रील्स डालनी शुरू कीं। हर दिन प्रैक्टिस के बाद थोड़ा समय निकालकर वे एक रील बनाते और पोस्ट कर देते थे। धीरे-धीरे यह उनकी आदत बन गई।
शुरुआत में ज्यादा प्रतिक्रिया नहीं मिली, लेकिन फिर इंग्लैंड के स्पिनर आदिल राशिद ने उनकी रील्स पर कमेंट करना शुरू किया। इससे सावरिया का आत्मविश्वास बढ़ा। दोनों के बीच इंस्टाग्राम पर कुछ मैसेज भी हुए, जिसमें आदिल राशिद ने उनकी गेंदबाजी की तारीफ की।
रील वायरल होने के बाद ट्रायल के लिए बुलाया गया
इसके बाद सावरिया की रील्स को और ज्यादा लोग देखने लगे। जल्द ही आईपीएल टीमों की नजर उन पर पड़ी। चेन्नई सुपर किंग्स ने उनसे संपर्क किया और एक स्काउट ने उन्हें कॉल किया। इसके बाद सुनील जोशी ने उनकी रील देखी और उनका नंबर मांगा। फिर पंजाब किंग्स ने उन्हें लखनऊ में ट्रायल के लिए बुलाया।
सावरिया ने ट्रायल में अच्छा प्रदर्शन किया। इसके बाद डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन हुआ और उनका नाम आईपीएल ऑक्शन के लिए भेज दिया गया।
सावरिया मानते हैं कि उनका सफर बाकी खिलाड़ियों से काफी अलग रहा है। वे कहते हैं कि शायद वे पहले खिलाड़ी हो सकते हैं जो सोशल मीडिया के जरिए सीधे आईपीएल नीलामी तक पहुँचे हों। अब वे देखते हैं कि कई युवा खिलाड़ी उनकी तरह रील्स बनाकर खुद को दिखाने की कोशिश कर रहे हैं।
परिवार और कोच ने दिया पूरा साथ
इस पूरे सफर में सावरिया अपने परिवार, खासकर अपने पिता और बड़ी बहन के बहुत आभारी हैं, जिन्होंने हर मुश्किल समय में उनका साथ दिया। वे अपने कोच सुरेंद्र सिंह राठौर को भी इसका पूरा श्रेय देते हैं, जिनकी वजह से उनकी लेग स्पिन, तकनीक और गेंदबाजी में काफी सुधार हुआ।
सावरिया राजस्थान के गेंदबाज रवि बिश्नोई को अपना आदर्श मानते हैं। इसके अलावा वे एमएस धोनी के भी बड़े प्रशंसक हैं। वे बचपन से ही चेन्नई सुपर किंग्स को सपोर्ट करते आए हैं और चाहते हैं कि अगर मौका मिले तो सीएसके के लिए खेलें, हालांकि वे किसी भी टीम के लिए अच्छा प्रदर्शन करना चाहते हैं।
इन दिनों उनकी दिनचर्या काफी सख्त है। सर्दियों में सुबह 8 बजे और गर्मियों में सुबह 6 या 6:30 बजे अभ्यास शुरू हो जाता है। दिन में दो बार प्रैक्टिस होती है और शाम को जिम में ट्रेनिंग करते हैं। रात के खाने के बाद उनका दिन खत्म होता है।
सावरिया का सपना बिल्कुल साफ है। वे कहते हैं कि वे अपने माता-पिता और परिवार के लिए अपनी कमाई से एक घर बनाना चाहते हैं। यही उनका सबसे बड़ा सपना है।
डोमेस्टिक क्रिकेट में नहीं हुआ डेब्यू
इज़ाज़ ने अब तक डोमेस्टिक क्रिकेट में भी डेब्यू नहीं किया है और उन्हें आईपीएल ऑक्शन में जगह मिल गई है। उन्होंने अपने टैलेंट से ट्रायल्स में काफी प्रभावित किया है, जिसके चलते वे इस ऑक्शन में बिक सकते हैं। उनका ऑक्शन में जाना यह भी बताता है कि जरूरी नहीं कि आप डोमेस्टिक क्रिकेट खेल रहे हों तभी आपको मौका मिलेगा। उनके ऑक्शन में आने से और भी खिलाड़ी प्रभावित होंगे।
करियर टाइमलाइन (Career Timeline)
T20I डेब्यू: नहीं हुआ
वनडे डेब्यू: नहीं हुआ
फर्स्ट-क्लास डेब्यू: नहीं हुआ
लिस्ट A डेब्यू: नहीं हुआ
टी20 डेब्यू: नहीं हुआ
खेलने का अंदाज और विशेषताएँ
इज़ाज़ एक मिस्ट्री लेग स्पिन गेंदबाज हैं, जिनकी स्टॉक बॉल गूगली है। उनके पास कई वैरिएशन्स हैं, जिससे बल्लेबाजों को मुश्किलें आती हैं। टी20 क्रिकेट में जब गेंदबाज स्टंप-टू-स्टंप लाइन पकड़कर गेंदबाजी करते हैं, तब भी वे काफी दिलेर हैं और गेंद को हवा देने से नहीं डरते। वे अपनी मिस्ट्री से बल्लेबाजों को परेशान करते हैं।
बैटिंग आंकड़े (Batting Stats)
| फॉर्मेट | मैच | रन | औसत | स्ट्राइक रेट | शतक | अर्धशतक | सर्वाधिक स्कोर |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| ODI | – | – | – | – | – | – | – |
| T20I | – | – | – | – | – | – | – |
| फर्स्ट क्लास | – | – | – | – | – | – | – |
| लिस्ट A | – | – | – | – | – | – | – |
| T20 | – | – | – | – | – | – | – |
बोलिंग आंकड़े (Bowling Stats)
| फॉर्मेट | मैच | गेंदें | रन | विकेट | औसत | इकॉनमी | सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| ODI | – | – | – | – | – | – | – |
| T20I | – | – | – | – | – | – | – |
| फर्स्ट क्लास | – | – | – | – | – | – | – |
| लिस्ट A | – | – | – | – | – | – | – |
| T20 | – | – | – | – | – | – | – |
