Test Cricket: क्रिकेट के सबसे लंबे और कठिन फॉर्मेट को टेस्ट क्रिकेट के नाम से जाना जाता है। वहीं इस फॉर्मेट में बल्लेबाज टिककर बल्लेबाजी करने के लिए जाने जाते हैं। इस बीच सभी बल्लेबाज कम जोखिम लेते हुए टिक कर खेलता है। क्यूंकि वह अपनी पारी में ज्यादा से ज्यादा रन बनाने की कोशिश करता है। इस बीच टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में अभी तक कुछ ही ऐसे बल्लेबाज भी हुए हैं जिन्होंने 450+ गेंदों का सामना किया है, लेकिन अपनी इस पारी में वो एक भी छक्का नहीं लगा पाए हैं। आइए ऐसे में बिना कोई छक्का लगाए मैराथन पारी खेलने वाले भारतीय बल्लेबाजों के बारे में भी जान लेते हैं।
1. चेतेश्वर पुजारा :-
साल 2017 में रांची टेस्ट में भारतीय टीम के पूर्व स्टार बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा ने ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम के खिलाफ दोहरा शतक लगाया था। अपनी इस पारी में उन्होंने 525 गेंदों का सामना करते हुए 202 रन बनाए थे। अपनी इस सधी हुई पारी में तब उनके बल्ले से 21 चौके भी आए थे।

लेकिन तब वह इस पारी में एक भी छक्का नहीं लगा पाए थे। लेकिन उस समय पुजारा की पारी के चलते हुए भारत ने अपनी इकलौती पारी 9 विकेट के नुकसान पर 603 रन बनाकर घोषित कर दी थी। इसके बाद अंत में यह टेस्ट मैच ड्रॉ पर समाप्त हुआ था।
2. सुनील गावस्कर :-
साल 1981 में पूर्व भारतीय दिग्गज कप्तान सुनील गावस्कर ने इंग्लैंड क्रिकेट टीम के खिलाफ बेंगलुरु में बड़ा शतक लगाया था। उस समय उन्होंने चिन्नास्वामी स्टेडियम में 472 गेंदों का सामना करते हुए 172 रन बनाए थे।

तब अपनी इस मैराथन पारी में उनके बल्ले से 19 चौके भी आए थे। लेकिन उस मैच में भारतीय टीम ने इंग्लैंड के 400 रन के जवाब में अपनी पहली और इकलौती पारी में कुल 428 रन बनाए थे। लेकिन अंत में यह मैच भी ड्रा पर समाप्त हुआ था।
3. राहुल द्रविड़ :-
साल 2002 में भारतीय क्रिकेट टीम ने इंग्लैंड की टीम के खिलाफ खेलते हुए ओवल टेस्ट को ड्रॉ कराया था। उस मैच में इंग्लैंड की टीम ने अपनी पहली पारी में 515 रन बनाए थे। इसके बाद इन रनों के जवाब में भारतीय टीम ने भी 508 रन बना दिए थे।

तब भारत के लिए पूर्व दिग्गज बल्लेबाज राहुल द्रविड़ के बल्ले से 217 रनों की मैराथन पारी भी आई थी। अपनी इस पारी के लिए उन्होंने तब 468 गेंदों का सामना किया था। वहीं उनकी इस पारी में तब 28 चौके भी देखने को मिले थे। इस मैच में उनके अलावा तब सचिन तेंदुलकर और सौरव गांगुली ने भी अर्धशतक लगाए थे।
4. वीवीएस लक्ष्मण :-
साल 2001 में भारतीय क्रिकेट टीम ने ईडन गार्डन टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम को 171 रनों से हराया था। वहीं तब इस मैच को भारतीय टीम ने फॉलो-ऑन खेलने के बाद जीता था। क्यूंकि भारतीय टीम के लिए दूसरी पारी में पूर्व दिग्गज बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण (281) और द्रविड़ (180) ने काफी शानदार प्रदर्शन किया था।

वहीं लक्ष्मण ने अपनी इस पारी के लिए तब 452 गेंदों का सामना किया था। लेकिन इस दौरान उनके बल्ले से एक भी छक्का नहीं आया था। अपने इस दोहरे शतक में उनके बल्ले से तब 44 चौके भी आए थे।
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