India Women Fast Bowler Kranti Goud Journey and Success Story: सात साल पहले मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र के एक छोटे से शहर घुवारा में महिलाओं के लेदर बॉल क्रिकेट मैच में एक टीम को एक खिलाड़ी की जरूरत थी। इस दौरान वहां घूम रहीएक 14 वर्षीय लड़की से पूछा गया कि क्या वह खेलना चाहेगी, तो उसने इस मौके को हाथ से जाने नहीं दिया और हाँ में जवाब दिया।
हालाँकि, इससे पहले उसने टेनिस बॉल से तो क्रिकेट खेला था, लेकिन कभी लेदर बॉल से नहीं खेली थी। वह लड़की उस मैच में वह बल्ले और गेंद से चमकी और प्लेयर ऑफ द मैच का खिताब अपने नाम किया। वही लड़की आज भारत की युवा सनसनी क्रांति गौड़ है, जो एक फास्ट बॉलिंग ऑलराउंडर के रूप में पहले वीमेंस प्रीमियर लीग (WPL) में यूपी वॉरियर्ज़ की टीम में जगह बनाई और वहां सबको प्रभावित करके अन्तर्राष्ट्रीय क्रिकेट तक का सफर तय किया।
WPL 2025 का ऑक्शन और भावनात्मक पल
क्रांति गौड़ सीनियर वीमेंस वनडे ट्रॉफी के लिए चंडीगढ़ में थीं, जब उन्होंने अपने मध्य प्रदेश टीम के साथियों के साथ WPL 2025 का ऑक्शन देखा। उन्होंने एक दिन पहले ही छत्तीसगढ़ के खिलाफ 3/24 का प्रदर्शन किया था, लेकिन उन्हें ऑक्शन से कुछ ख़ास उम्मीद नहीं थी।
वह 2024 में मुंबई इंडियंस की नेट बॉलर रह चुकी थीं, जिससे उन्हें WPL का माहौल पसंद आया था। जब उनका नाम अनकैप्ड खिलाड़ियों की सूची में आया, तो यूपी वॉरियर्ज़ ने उन्हें 10 लाख रुपये की बेस प्राइस पर खरीद लिया।
गौड़ ने ऑक्शन के बारे में बात करते हुए कहा, “जब यूपी वॉरियर्ज़ ने मुझे चुना, तो मेरी आँखों में आंसू थे। मैंने अपने सबसे बड़े भाई मयंक सिंह को फोन किया। वह ऑक्शन देख रहे थे और बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। जब मैंने उन्हें बताया, तो वह भावुक हो गए और रोने लगे। हम दोनों काफी देर तक कुछ बोल ही नहीं पाए।”
बता दें कि, गौड़ अपने परिवार में सबसे छोटी हैं, उनके तीन भाई और तीन बहनें हैं। गाँव में लोग कहते थे कि लड़कियों को क्रिकेट नहीं खेलना चाहिए, लेकिन उनके भाई और परिवार ने हमेशा उनका समर्थन किया।
युवा ऑलराउंडर ने इस पर बताया कि, “अगर मेरा परिवार साथ नहीं देता, तो मैं यहां तक नहीं पहुंच पाती।”
क्रांति का गाँव से स्टेट लेवल तक का सफर
पहली बार लेदर बॉल से खेलने के बाद, उन्होंने टीकमगढ़ जिले के जतारा में एक और मैच खेला, जहां उनका प्रदर्शन शानदार रहा। वहीं उन्हें छतरपुर डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन (CDCA) के सचिव और सागर डिवीजन के कोच राजीव बिल्थरे ने देखा। वह साईं क्रिकेट अकादमी भी चलाते हैं।

बिल्थरे ने ESPN को दिए गए एक इंटरव्यू में गौड़ के बारे में बात करते हुए कहा, “वह तेज, चुस्त और बहुत एथलेटिक थी। मैंने महसूस किया कि वह बहुत आगे जा सकती है। इसलिए मैंने उसके पिता से कहा कि उसे छतरपुर में मेरे पास छोड़ दें। मैंने उनसे वादा किया कि मैं उसे एक अच्छी खिलाड़ी बनाऊंगा। उसका परिवार आर्थिक रूप से मजबूत नहीं था, इसलिए मैंने उसे क्रिकेट किट, बैट और ड्रेस जैसी जरूरी चीजें उपलब्ध कराईं।”
क्रांति गौड़ के तेज गेंदबाज बनने की कहानी
भारत में क्रिकेट खेलने वाले ज्यादातर बच्चे सबसे पहले बल्ला उठाते हैं, लेकिन गौड़ ने अपनी शुरूआत बतौर तेज गेंदबाज की। उन्होंने इसके बारे में बात करते हुए अपने भाई को इसका श्रेय दिया।
गौड़ ने इंटरव्यू में कहा, “मैंने जब टेनिस बॉल से खेलना शुरू किया, तो देखा कि सभी तेज गेंदबाजी कर रहे थे। स्पिनर तो टेनिस बॉल क्रिकेट में होते ही नहीं हैं। मेरे भाई ने भी मुझे मीडियम पेस से गेंदबाजी करने को कहा, तो मैंने वही किया। जब मैं एकेडमी में पहुंची, तो देखा कि वहां ज्यादा तेज गेंदबाज नहीं थे। मेरी दोस्त सुषमा विश्वकर्मा मीडियम पेसर थीं, उन्होंने भी मुझे तेज गेंदबाजी जारी रखने के लिए कहा और फिर मैंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।”
2017 के बाद गौड़ के करियर को मिली नई दिशा
2017 में जब भारतीय वीमेंस टीम वनडे वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंची, तो मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन ने अंडर-16 वीमेंस टूर्नामेंट शुरू किया। इसमें डिवीजन स्तर पर टीमें बनीं और एक टैलेंट पूल तैयार किया गया। सागर डिवीजन में महिलाओं की टीम बनाने के लिए सागर डिवीजन के क्रिकेट ऑपरेशन्स मैनेजर सत्यम त्रिपाठी और राजीव बिल्थरे ने स्कूलों में जाकर लड़कियों को क्रिकेट के लिए प्रेरित किया।

सत्यम त्रिपाठी ने एक इंटरव्यू में बताया, “हमने एक इंटर-डिस्ट्रिक्ट U16 टूर्नामेंट कराया, जिसमें क्रांति गौड़ छतरपुर जिले की कप्तान थीं। उन्होंने वहां शानदार प्रदर्शन किया, जिससे हमने उन्हें सागर डिवीजन की कप्तानी भी सौंप दी। 2018-19 में हमारी टीम पहली बार उपविजेता बनी। इससे पहले भोपाल, इंदौर और ग्वालियर जैसी टीमें ही जीतती थीं। क्रांति ने हमारे लिए बहुत योगदान दिया और वहीं से उनका करियर रफ्तार पकड़ने लगा।”
स्विंग और स्पीड ने दिलाई क्रांति को पहचान
क्रांति गौड़ के पास शुरू से ही गति थी, क्योंकि वह शुरू से ही तेज गेंद फेंकने की प्रैक्टिस कर रहीं थीं। वह अपनी फिटनेस और ताकत से बल्लेबाजों को चौंका देती थीं। उन्होंने गेंद को दोनों तरफ स्विंग कराना सीखा, जो इस साल सीनियर वीमेंस वनडे ट्रॉफी के फाइनल में दिखा। गौड़ ने उस मुकाबले में 4/25 का शानदार गेंदबाजी प्रदर्शन किया, जिसमें उन्होंने भारतीय विकेटकीपर ऋचा घोष को क्लीन बोल्ड किया।
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राजीव बिल्थरे ने उनके बारे में बताया, “जब वह छोटी थीं, तब भी उनकी रफ्तार लड़कों के बराबर थी। हमने उनकी फिटनेस पर ध्यान दिया और गेंदबाजी की तकनीक सुधारी। वह बहुत मेहनती हैं, तीन घंटे मैदान पर रहती हैं और हर मिनट प्रैक्टिस करती हैं।”
बता दें कि, बिल्थरे की एकेडमी में हर खिलाड़ी को ऑलराउंडर बनने की ट्रेनिंग दी जाती थी। वहां गौड़ ने बल्लेबाजी करनी शुरू की। उनकी ताकत और फुटवर्क अच्छा था, लेकिन वह धैर्य नहीं रख पाती थीं।
बिल्थरे ने इस बारे में बताया, “पहले वह हर गेंद को मारना चाहती थीं। हमने उन्हें मेडिटेशन कराया और धैर्य बढ़ाने के लिए मैदान से इशारों में समझाने का तरीका अपनाया। अब वह खुद परिस्थिति के हिसाब से खेलती हैं।”
WPL 2025 से क्रांति गौड़ को मिली नई उम्मीदें
WPL 2025 से क्रांति गौड़ को नई उमीदें मिली हैं, जहाँ वह अनुभवी खिलाड़ियों के साथ कई चीजें सीख सकती हैं। गौड़ को तेज गेंदबाज सायमा ठाकोर का समर्थन मिल रहा है, जो उन्हें मैच सिमुलेशन और अलग-अलग परिस्थितियों में गेंदबाजी के गुर सिखा रही हैं। गौड़ की सफलता से उनके गाँव और एकेडमी में कई लड़कियाँ क्रिकेट की ओर बढ़ रही हैं।
बिल्थरे ने गर्व से बताया कि, “लोग अब मानते हैं कि अगर क्रांति हमारे गाँव से WPL तक जा सकती है, तो उनकी बेटियाँ भी आगे बढ़ सकती हैं।”
क्रांति गौड़ ने 2025 में यूपी वॉरियर्ज़ के लिए किया WPL डेब्यू
Muskuraiye #WarriorzSena, kyunki Kranti Goud ka aaj @wplt20 debut hai😁#GGvUPW #TATAWPL pic.twitter.com/SNTgD5Skhz
— UP Warriorz (@UPWarriorz) February 16, 2025
क्रांति गौड़ ने 16 फरवरी को गुजरात जायंट्स के खिलाफ वड़ोदरा के कोटाम्बी स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में यूपी वॉरियर्ज़ के लिए अपना WPL डेब्यू किया। उस मुकाबले में उन्हें बल्लेबाजी करने का मौका नहीं मिला, लेकिन दो ओवर गेंदबाजी जरूर की। इस दौरान उन्होंने 2 ओवरों में 7.5 की इकॉनमी से 15 रन खर्च किए।
WPL 2025 में ऐसा था क्रांति गौड़ का प्रदर्शन
क्रांति गौड़ ने WPL 2025 में अपने शानदार प्रदर्शन से सभी का ध्यान खींचा। UPW की ओर से खेलते हुए उन्होंने 8 मैचों में 132 गेंदें फेंकते हुए 6 विकेट लिए। उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 4/25 रहा और उन्होंने कुल 208 रन खर्च किए।
WPL 2025 से अन्तर्राष्ट्रीय क्रिकेट तक का सफर

WPL 2025 में अपनी प्रतिभा दिखाने के बाद क्रांति गौड़ ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम में जगह बनाई। उन्हें मई 2025 में श्रीलंका के खिलाफ वनडे डेब्यू करने का मौका मिला। वह महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप 2025 में भी भारतीय महिला टीम का हिस्सा हैं और पाकिस्तान के खिलाफ 05 अक्टूबर को खेले गए मैच तक वह 9 वनडे मैचों में 6/52 के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ 18 विकेट ले चुकी हैं।
उनका आक्रामक अंदाज और विकेट लेने की क्षमता उन्हें टीम इंडिया के लिए अहम खिलाड़ी बनाती है। इस युवा गेंदबाज ने साबित कर दिया है कि वह बड़े मंच पर दबाव में भी शानदार प्रदर्शन कर सकती हैं। हाल ही में उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ वर्ल्ड कप मैच में 10 ओवरों में मात्र 20 रन खर्च करते हुए 3 विकेट हासिल किए और प्लेयर ऑफ़ द मैच भी बनीं। उन्होंने अपने स्पेल में तीन मेडन ओवर भी फेंके।
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कहते हैं कि किस्मत अपना रास्ता खोज लेती है और क्रांति गौड़ की कहानी भी कुछ अलग नहीं है। प्रोफेशनल क्रिकेट में उनका उदय बॉलीवुड की कहानियों से अलग नहीं है। क्रांति का सफर यह साबित करता है कि, गाँव की लड़कियाँ भी क्रिकेट खेल सकती हैं और नई ऊँचाइयों तक पहुंच सकती हैं।
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