Mitchell Starc set to lead Australia’s pace attack in Ashes 2025-26 Perth Test With Scott Boland and Brendan Doggett: ऑस्ट्रेलिया के अनुभवी तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क पर्थ में होने वाले एशेज 2025-26 के पहले टेस्ट में टीम की पेस अटैक की अगुवाई करने वाले हैं। पैट कमिंस और जोश हेजलवुड की गैरमौजूदगी के चलते स्टार्क अब टीम के सबसे अनुभवी पेसर हैं, इसलिए उनकी जिम्मेदारी और भी बढ़ गई है।
हालाँकि, इसके बावजूद स्टार्क टीम के माहौल को संतुलित मानते हैं और उन्हें भरोसा है कि स्कॉट बोलैंड और ब्रेंडन डॉगेट इस चुनौती को मजबूती से निभा सकते हैं।
स्टार्क का अनुभव और बोलैंड व डॉगेट पर भरोसा
स्टार्क लंबे समय से टीम के टिकाऊ खिलाड़ी रहे हैं और 2022 के बाद से किसी टेस्ट को चोट की वजह से नहीं छोड़ा है। वह 100 टेस्ट और 400 से ज्यादा विकेट का अनुभव लेकर मैदान पर उतरेंगे और उनका मानना है कि यह अनुभव टीम के लिए अहम साबित होगा।
उन्होंने बताया कि टीम में हर खिलाड़ी अपनी भूमिका समझता है और स्कॉट बोलैंड जैसे अनुभवी गेंदबाज के साथ किसी तरह की अतिरिक्त हिदायत की जरूरत नहीं होती। स्टार्क को विश्वास है कि बोलैंड और डॉगेट दोनों अपनी क्षमताओं के दम पर पर्थ की परिस्थितियों के अनुकूल प्रदर्शन करेंगे।
ब्रेंडन डॉगेट पर स्टार्क की खास राय
स्टार्क ने डॉगेट को पहली बार 2018 में पाकिस्तान दौरे के दौरान देखा था। उनका मानना है कि अब डॉगेट उम्र और अनुभव के साथ कहीं ज्यादा परिपक्व हो चुके हैं।
उन्होंने हाल ही में साउथ ऑस्ट्रेलिया के लिए अच्छी फॉर्म दिखाई है और टीम के माहौल में भी खुद को सहज महसूस कर रहे हैं। स्टार्क इस बात को लेकर उत्साहित हैं कि डॉगेट को यदि इस टेस्ट में मौका मिलता है तो वह खुद को साबित कर पाएंगे।
परफॉर्मेंस और ट्रेनिंग सेशन में स्टार्क की लय
ऑस्ट्रेलिया के नेट सेशन में स्टार्क और डॉगेट ने मिलकर शानदार गेंदबाजी की। पर्थ स्टेडियम के नेट्स इस सप्ताह बल्लेबाजों के लिए चुनौतीपूर्ण रहे हैं और स्टार्क ने उस कठिनाई को अपने नियंत्रण में बदल लिया। उन्होंने स्टीव स्मिथ समेत कई बल्लेबाजों को परेशान किया और अपने हालिया शेफील्ड शील्ड मैच के बाद अपनी लय वापस पाई।
हालांकि, उन्होंने मजाक में कहा कि वह कमिंस की तुलना में उतनी धार नहीं दिखा पाए, लेकिन उन्हें खुशी है कि कप्तान कमिंस भी अपनी फिटनेस की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं।
कमिंस की गैरमौजूदगी और निचले क्रम की बल्लेबाजी चुनौती
कमिंस की चोट टीम के लिए गेंदबाजी से ज्यादा बल्लेबाजी में कमी लेकर आई है। डॉगेट का फर्स्ट क्लास क्रिकेट में बल्लेबाजी औसत काफी कम (8.57) है और वह संभवतः नंबर 11 पर उतरेंगे।
इसके साथ ही बोलैंड 10 पर और स्टार्क फिर से नंबर 8 पर बल्लेबाजी करते दिखाई देंगे, जिसे लेकर स्टार्क ने मजाक करते हुए कहा कि वह हमेशा खुद को निचले क्रम में रखना चाहते हैं, क्योंकि निचले क्रम का दबाव कम होता है।
स्टार्क मानते हैं कि निचले क्रम के रन टेस्ट मैच की दिशा तय कर सकते हैं, इसलिए वह अपनी बल्लेबाजी पर और काम करेंगे।
पर्थ टेस्ट के लिए ऑस्ट्रेलिया का पेस अटैक भले ही नया रूप लेकर उतरेगा, लेकिन टीम का आत्मविश्वास मजबूत दिखाई दे रहा है। मिचेल स्टार्क अनुभव और नेतृत्व का जिम्मा लेकर उतरे हैं और उन्हें पूरा भरोसा है कि स्कॉट बोलैंड और ब्रेंडन डॉगेट जैसी जोड़ी टीम के लिए प्रभावी साबित होगी।
कमिंस और हेजलवुड के बिना यह एक नई चुनौती है, लेकिन स्टार्क का रवैया बताता है कि ऑस्ट्रेलिया इस टेस्ट में पीछे हटने के मूड में बिल्कुल नहीं है।
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