Thursday, February 26

भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज ने इंग्लैंड के खिलाफ 2025 टेस्ट सीरीज में एक बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली है। सिराज ने इस सीरीज में न सिर्फ 1000 से ज्यादा गेंदें फेंकीं, बल्कि शानदार प्रदर्शन करते हुए 20 विकेट भी हासिल किए। वह इस सीरीज में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज भी रहे हैं।

यह कारनामा भारतीय क्रिकेट इतिहास में बेहद खास माना जाता है, क्योंकि टेस्ट क्रिकेट में एक ही सीरीज में किसी तेज गेंदबाज द्वारा 1000 गेंदें फेंकना अपने आप में बड़ी बात होती है। सिराज अब उस चुनिंदा सूची में शामिल हो गए हैं, जिसमें अब तक भारत के केवल चंद दिग्गज तेज गेंदबाजों के ही नाम दर्ज थे।

2025 में सिराज ने की जबरदस्त गेंदबाजी

इंग्लैंड की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में पांच टेस्ट मैचों की इस सीरीज में मोहम्मद सिराज ने लगातार लंबी गेंदबाजी की और हर पारी में विपक्षी बल्लेबाजों को परेशान किया। खास बात यह रही कि उन्होंने नई गेंद से लेकर रिवर्स स्विंग तक हर हालात में असरदार गेंदबाजी की।

उनकी लाइन-लेंथ में निरंतरता और विकेट लेने की क्षमता ने भारत को कई मौकों पर मजबूती दी। इस दौरान उन्होंने कुछ अहम बल्लेबाजों को बार-बार आउट कर इंग्लिश बल्लेबाजी क्रम को झकझोर दिया।

सिराज से पहले किन-किन भारतीय तेज गेंदबाजों ने यह उपलब्धि हासिल की है?

मोहम्मद सिराज से पहले भारत के लिए एक टेस्ट सीरीज में 1000 या उससे ज्यादा गेंदें फेंकने वाले तेज गेंदबाजों की सूची काफी दिलचस्प है। इस सूची में कई ऐसे नाम हैं जिन्होंने अपने दौर में भारतीय गेंदबाजी की रीढ़ मानी जाती थी:

किसी टेस्ट सीरीज़ में 1000 से ज्यादा गेंद फेंकने वाले भारतीय तेज़ गेंदबाज़

2025 – मोहम्मद सिराज बनाम इंग्लैंड
2021 – जसप्रीत बुमराह बनाम इंग्लैंड
2018 – मोहम्मद शमी बनाम इंग्लैंड
2014 – भुवनेश्वर कुमार बनाम इंग्लैंड
2011 – ईशांत शर्मा बनाम इंग्लैंड
2002 – आशीष नेहरा बनाम वेस्टइंडीज
2002 – जवागल श्रीनाथ बनाम वेस्टइंडीज
2002 – ज़हीर ख़ान बनाम वेस्टइंडीज
1997 – वेंकटेश प्रसाद बनाम वेस्टइंडीज
1997 – एबे कुरुविला बनाम वेस्टइंडीज
1991 – जवागल श्रीनाथ बनाम ऑस्ट्रेलिया
1991 – मनोज प्रभाकर बनाम ऑस्ट्रेलिया
1991 – कपिल देव बनाम ऑस्ट्रेलिया
1989 – मनोज प्रभाकर बनाम पाकिस्तान
1989 – कपिल देव बनाम पाकिस्तान
1983 – कपिल देव बनाम वेस्टइंडीज
1982 – कपिल देव बनाम पाकिस्तान
1981 – कपिल देव बनाम इंग्लैंड
1979 – कपिल देव बनाम पाकिस्तान
1979 – कर्सन घावरी बनाम पाकिस्तान
1979 – कपिल देव बनाम ऑस्ट्रेलिया
1979 – कर्सन घावरी बनाम ऑस्ट्रेलिया
1979 – कपिल देव बनाम इंग्लैंड
1978 – कर्सन घावरी बनाम वेस्टइंडीज
1960 – रमाकांत देसाई बनाम पाकिस्तान
1959 – सुरेंद्रनाथ बनाम इंग्लैंड
1959 – रमाकांत देसाई बनाम इंग्लैंड
1947 – लाला अमरनाथ बनाम ऑस्ट्रेलिया

क्यों खास है यह आंकड़ा?

टेस्ट क्रिकेट में किसी गेंदबाज के लिए 1000 से ज्यादा गेंदें फेंकना उसके फिटनेस, अनुशासन और रणनीतिक क्षमता का प्रतीक होता है। सिराज का यह प्रदर्शन दिखाता है कि वह अब भारत के मुख्य तेज गेंदबाजों में से एक बन चुके हैं, जो विदेशी परिस्थितियों में भी लंबी गेंदबाजी करने की क्षमता रखते हैं।

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Neetish Kumar Mishra Sports Digest Hindi में Editor के रूप में कार्यरत हैं और खेल पत्रकारिता में गहरा अनुभव रखते हैं। क्रिकेट, टेनिस, फुटबॉल और अन्य खेलों की बारीकियों पर उनकी पकड़ बेहद मजबूत है।

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