दिलीप ट्रॉफी, घरेलू क्रिकेट के सबसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में से एक है। इस टूर्नामेंट को जीतना अपने आप में बेहद ख़ास होता है। क्योंकि, पूरे देश के बेस्ट परफार्मिंग खिलाड़ियों को इसमें मौका दिया जाता है। ये टूर्नामेंट जोन वाइस आयोजित किया जाता है। जिसमें 5 टीमें- वेस्ट जोन, नार्थ जोन, साउथ जोन, ईस्ट जोन और सेंट्रल जोन शामिल है।
हालाँकि कुछ बार इस टूर्नामेंट को जोन के आधार पर नहीं बल्कि कॉम्पीटीशन बढ़ाने के लिए इंडिया ए, इंडिया बी, की टीमों में बांटकर कराया जाता है। तो चलिए जानते हैं कि इस टूर्नामेंट को सबसे ज्यादा बार किस टीम ने अपने नाम किया है।
इन टीमों ने जीते हैं सबसे ज्यादा ख़िताब
वेस्ट जोन

दिलीप ट्रॉफी की सबसे सफल टीम वेस्ट जोन है। वेस्ट जोन ने इस टूर्नामेंट को अभी तक 19 बार अपने नाम किया है। यहीं नहीं उन्होंने ही सबसे ज्यादा इस टूर्नामेंट का फ़ाइनल भी खेला हुआ है। साल 1961/62 से शुरू हुए इस टूर्नामेंट में अब तक ये टीम 33 बार फाइनल खेल चुकी है।
वेस्ट जोन ने पहली बार हुए टूर्नामेंट में ही ख़िताब अपने नाम कर लिया था। नारी कांट्रेक्टर की कप्तानी में वेस्ट जोन ने फाइनल जीता था और उसके बाद से वो कभी रुके ही नहीं और लगातार ट्रॉफी जीतने का सिसिला चला आ रहा है। आखिरी बार इस टीम ने साल 2022/23 में साउथ जोन को हराकर ख़िताब पर कब्ज़ा किया था। तब, उन्होंने अजिंक्या रहाणे की कप्तानी में चैंपियनशिप जीती थी।
नार्थ जोन

नार्थ जोन दिलीप ट्रॉफी की सबसे सफल टीमों में से एक है। वो ख़िताब जीतने के ममले में मात्र वेस्ट जोन से एक कदम पीछे है। उन्होंने भी इस चैंपियनशिप को 18 बार अपने नाम किया है। जबकि, फ़ाइनल खेलने के मामले में वो सिर्फ वेस्ट जोन के पीछे आती है। इस टीम ने 26 बार फ़ाइनल में हिस्सा लिया है।
नार्थ जोन ने पहली बार ये ख़िताब 12 सालों के बाद जीता था। उन्होंने 1973/74 में हुए इस टूर्नामेंट को दिग्गज स्पिन गेंदबाज बिशन सिंह बेदी की कप्तानी में जीता था। एक बार जीत की शुरूआत होने के बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा है।
नार्थ जोन की टीम ने आखिरी बार ये ख़िताब साल 2007/08 में वेस्ट जोन को हराकर जीता था। तब मिथुन मनहास की कप्तानी वाली नार्थ जोन ने पार्थिव पटेल की कप्तानी वाली वेस्ट जोन की टीम को धूल चटाई थी। नार्थ जोन की टीम ने अभी तक इस टूर्नामेंट में 106 मुकाबले खेले हैं। जिसमें 51 जीते, 31 मैचों में हार का सामना करना पड़ा जबकि 24 मैच ड्रा रहे।
साउथ जोन

साउथ जोन दिलीप ट्रॉफी की तीसरी सबसे सफल टीम है। उन्होंने अभी तक इस टूर्नामेंट को 13 बार जीता है जबकि 23 बार वो फ़ाइनल खेलने में भी सफल हुई है। इस टीम ने अपना पहला ख़िताब साल 1965/66 में जीता था। जब एम जायसिम्हा की कप्तानी में साउथ जोन ने विजय मांजरेकर की कप्तानी वाली सेंट्रल जोन को हराकर ट्रॉफी पर कब्ज़ा किया था।
साउथ जोन ने आखिरी बार साल 2023 में ये महत्वपूर्ण ट्रॉफी अपने नाम की थी। उन्होंने हनुमा विहारी की कप्तानी में प्रियांक पांचाल की कप्तानी वाली वेस्ट जोन को हराया था।
सेंट्रल जोन

सेंट्रल जोन की टीम भी दिलीप ट्रॉफी की सफल टीमों में से आती है। उन्होंने ये चैंपियनशिप अब तक 6 बार अपने नाम की है। सेंट्रल जोन की टीम ने अपना पहला ख़िताब टूर्नामेंट शुरू होने के 11वें साल में जीता था। उन्होंने हनुमंत सिंह की कप्तानी में अजित वाडेकर की कप्तानी वाली वेस्ट जोन को हराकर ये ख़िताब अपने नाम किया था।
उसके बाद से ये टीम बीच बीच में अच्छा प्रदर्शन करती रही है। सेंट्रल जोन की टीम 16 बार फ़ाइनल में जगह बनाने में सफल हुई है। आखिरी बार इस टीम ने ये ट्रॉफी साल 2014/15 में जीती थी जब पियूष चावला की कप्तानी में उन्होंने साउथ जोन को मात दी थी।
ईस्ट जोन

ईस्ट जोन की टीम दिलीप ट्रॉफी में बहुत सफलता नहीं हासिल कर पाई है। वो इस टूर्नामेंट को सिर्फ 2 बार जीतने में सफल हुई है। उन्होंने इस टूर्नामेंट को शुरू होने के लगभग 4 दशक के बाद पहला खिवैतब जीता था। उन्होंने साल 2011/12 में नटराज बेहरा की कप्तानी में सेंट्रल जोन को हराया था जबकि दूसरा ख़िताब भी उन्होंने अगले साल ही अपने नामा कर लिया था। तब भी उन्होंने नटराज बेहरा की कप्तानी में मोहम्मद कैफ की अगुवाई वाली सेंट्रल जोन को धूल चटाई थी।







