बांग्लादेश के दिग्गज विकेटकीपर बल्लेबाज और पूर्व कप्तान मुश्फिकुर रहीम टेस्ट क्रिकेट में बांग्लादेश की ओर से 100 मैच खेलने वाले पहले बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने बांग्लादेश के लिए बहुत से मैच जिताने में मदद की है। अपने करियर के दौरान इस खिलाड़ी ने कई शानदार पारियां खेली हैं। यही नहीं, अपनी कप्तानी के दौरान भी उनका प्रदर्शन शानदार रहा है। तो चलिए जानते हैं मुश्फिकुर रहीम के करियर के बारे में।
100 टेस्ट खेलने वाले पहले बांग्लादेशी बने मुश्फिकुर

मुश्फिकुर ने 2005 में इंग्लैंड के विरुद्ध क्रिकेट के मक्का लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर मात्र 18 साल की उम्र में डेब्यू किया था। वह लॉर्ड्स में सबसे कम उम्र में डेब्यू करने वाले खिलाड़ी बने थे। उनके लिए पहला मैच अच्छा नहीं गया था और वह मात्र 22 रन ही बना पाए थे।
मुश्फिकुर ने शुरुआती 30 टेस्ट मैचों में केवल 28.85 की औसत से रन बनाए और उस दौरान 1 शतक और 9 अर्धशतक लगा पाए थे। इस दौरान बांग्लादेश ने अपने 39 टेस्ट मैचों में से केवल दो जीते, वह भी 2009 में वेस्टइंडीज के खिलाफ।
2013 से करियर ने पकड़ा उफान
हालांकि 2013 से अब तक, मुश्फिकुर ने 69 टेस्ट मैचों में 42.53 की औसत से 11 शतक लगाए हैं। इस दौरान, बांग्लादेश न सिर्फ दुनिया में बल्कि एशिया में भी काफी अच्छी टीम बनी थी और उसका विनिंग प्रतिशत 26.25% तक पहुंच गया था।
मुश्फिकुर ने इस समय 40 से ज्यादा की औसत से 1000 से ज्यादा रन बनाए हैं। उसी साल उन्होंने अपना पहला दोहरा शतक भी लगाया था और उसके बाद इस विकेटकीपर ने अपने करियर में पीछे मुड़कर नहीं देखा।
मुश्फिकुर ने टेस्ट मैचों में 7 बार प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड जीता है, जो बांग्लादेश के लिए सबसे ज्यादा है। इनमें से तीन बार उन्होंने घर से बाहर टेस्ट मैचों में प्लेयर ऑफ द मैच का खिताब जीता है।
ऐसा रहा है मुश्फिकुर का करियर
मुश्फिकुर 2000 के दशक में डेब्यू करने के बाद 20 साल लंबा टेस्ट करियर बनाने वाले तीसरे क्रिकेटर बने हैं। उन्होंने इंग्लैंड के दिग्गज गेंदबाज जेम्स एंडरसन और जिम्बाब्वे के ब्रेंडन टेलर की बराबरी की थी।
मुश्फिकुर ने अपने 20 साल लंबे करियर में खेले 99 मैचों में 38.02 की औसत से 6351 रन बनाने के साथ-साथ 12 शतक और 27 अर्धशतक लगाए थे। उनका हाईएस्ट स्कोर नाबाद 219 है।

