मुंबई के 18 साल के बल्लेबाज आयुष म्हात्रे ने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2025 में लगातार दो मैचों में नाबाद शतक लगाकर सबको चौंका दिया है।
मुंबई के युवा बल्लेबाज आयुष म्हात्रे इस समय सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2025 के सबसे चमकते सितारे बन चुके हैं और इसकी मुख्य वजह उनकी लगातार दो टी20 मैचों में आई शानदार शतक वाली पारियाँ हैं। विदर्भ के खिलाफ 53 गेंदों पर नाबाद 110 रन के बाद उन्होंने आंध्र के खिलाफ 59 गेंदों पर नाबाद 104 रन बनाकर घरेलू क्रिकेट में ऐसा असर छोड़ा है, जिसे नज़रअंदाज़ करना नामुमकिन है। उनकी बल्लेबाजी का अंदाज इतना सहज और भरोसेमंद दिख रहा है कि यह साफ महसूस होता है कि भारत को भविष्य में एक और बड़ा मैच विनर मिलने वाला है।
यह बात और भी दिलचस्प है कि आयुष अभी सिर्फ 18 साल के हैं और उन्हें घरेलू क्रिकेट में उतना अनुभव भी नहीं है, जितना अन्य बल्लेबाजों के पास होता है। इसके बावजूद वह जिस आत्मविश्वास के साथ मुंबई की पारी को संभालते हैं, वह यह दिखाता है कि उनमें किसी सीनियर खिलाड़ी जैसी परिपक्वता है। आयुष भारतीय अंडर-19 टीम के कप्तान भी हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर से पहले ही उन्होंने अपनी निर्णायक सोच और समझदार रणनीति से चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा है।
AP vs MUM मैच में 104* रनों की पारी ने बदल दिया माहौल
आंध्र के खिलाफ हुए मुकाबले में मुंबई ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला लिया और आंध्र को 159 रन पर रोक दिया। यह लक्ष्य बड़ा नहीं था, लेकिन रन चेज आसान भी नहीं माना जा सकता था। ऐसे समय में आयुष ने शुरुआत से ही बल्ला संभालकर खेल को सही दिशा में ले जाना शुरू किया। उन्होंने धैर्य के साथ पारी को आगे बढ़ाया और जैसे ही वह सेट होते गए वैसे ही उनके शॉट्स का दम भी बढ़ता गया। उनकी टाइमिंग इतनी शानदार थी कि हर बड़ा शॉट स्टेडियम की हवा चीरता हुआ सीधे दर्शकों तक पहुंचता दिख रहा था और इससे विपक्षी टीम पूरी तरह दबाव में आ गई।
आयुष ने इस मैच में 59 गेंदों पर 104* रन बनाए, जिसमें 5 चौके और 9 छक्के शामिल थे। उन्होंने पारी का अंत भी नाबाद रहते हुए किया, जिसने टीम को 9 विकेट से आसान जीत दिलाई। यह पारी सिर्फ एक रन चेज नहीं थी, बल्कि एक युवा बल्लेबाज का ऐसा प्रदर्शन था, जिसने यह संदेश दे दिया कि वह किसी भी परिस्थिति में टीम को जीत दिला सकते हैं।
लगातार दो प्रभावशाली पारियाँ, जिनसे आया आत्मविश्वास
सैयद मुश्ताक अली टी20 ट्रॉफी 2025 टूर्नामेंट में आयुष म्हात्रे की शुरुआत रेलवे के खिलाफ हुई, जहां उन्होंने 15 गेंदों पर 18 रन बनाए और यह छोटी पारी भी उनकी बल्लेबाजी की साफ झलक दे गई। इसके बाद विदर्भ के खिलाफ उनकी 53 गेंदों पर 110* रनों वाली पारी आई, जिसने उन्हें सुर्खियों में ला दिया।
इस पारी में उन्होंने जिस तरह स्पिन और तेज गेंदबाजी दोनों के खिलाफ शॉट चयन दिखाया वह बिल्कुल टॉप लेवल का लग रहा था। तीसरी और सबसे दमदार पारी आंध्र के खिलाफ आई, जिसमें उन्होंने 104* रन बनाकर अपनी चमक को एक अलग ही ऊंचाई दे दी।
इन लगातार सफल पारियों ने न केवल उनके आत्मविश्वास को बढ़ाया, बल्कि यह भी साबित कर दिया कि वह किसी एक मैच के खिलाड़ी नहीं हैं, बल्कि लगातार प्रदर्शन कर सकने वाली प्रतिभा हैं।
आईपीएल से लेकर अंडर-19 कप्तानी तक हर स्तर पर दिखाया टैलेंट
आयुष की चर्चा सिर्फ घरेलू टूर्नामेंट तक सीमित नहीं है, क्योंकि वह आईपीएल 2025 में भी शानदार प्रदर्शन कर चुके हैं। उन्हें चेन्नई सुपर किंग्स ने कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ के रिप्लेसमेंट के तौर पर टीम में शामिल किया था, लेकिन उन्होंने सिर्फ एक मौके का पूरा फायदा उठाकर सभी को अपनी ताकत से परिचित कराया था।
आरसीबी के खिलाफ 48 गेंदों पर 94 रनों की उनकी विस्फोटक पारी ने यह साफ कर दिया कि वह बड़े मंच पर भी उतने ही खतरनाक साबित हो सकते हैं जितने घरेलू मैदान पर होते हैं।
इसके अलावा वह भारतीय अंडर 19 टीम के कप्तान भी हैं और युवा खिलाड़ियों के बीच उनकी नेतृत्व क्षमता की भी काफी सराहना की जाती है। उनकी कप्तानी से यह पता चलता है कि वह न सिर्फ एक बल्लेबाज हैं बल्कि एक समझदार क्रिकेटर भी हैं, जो टीम की जरूरत को ध्यान में रखकर फैसले लेते हैं।
घरेलू क्रिकेट रिकॉर्ड से मिलता है मजबूती का प्रमाण
आयुष का घरेलू रिकॉर्ड यह बताने के लिए काफी है कि वह एक लंबी रेस के घोड़े हैं। उनके फर्स्ट क्लास करियर में 13 मैच में 660 रन हैं जिसमें दो शतक शामिल हैं। लिस्ट ए में उन्होंने सिर्फ 7 मैचों में ही 458 रन बना दिए हैं और इस प्रारूप में उनका औसत 65 से ऊपर है।
टी20 प्रारूप में भी उन्होंने 10 मैचों में 472 रन बनाए हैं और 185 की स्ट्राइक रेट से खेलते हुए दो शतक लगा चुके हैं। यह शुरुआती आँकड़े किसी बड़े खिलाड़ी की ओर बढ़ रहे करियर का संकेत देते हैं।
उनकी स्ट्राइक रेट, औसत और शतक लगाने की क्षमता यह साबित करती है कि वह किसी भी प्रारूप में ढल सकने वाला बल्लेबाज हैं और आधुनिक क्रिकेट की जरूरतों को अच्छी तरह समझते हैं।
यूथ टेस्ट में भी आयुष म्हात्रे का प्रदर्शन रहा है शानदार
आयुष म्हात्रे की प्रतिभा सिर्फ सफेद गेंद तक सीमित नहीं है, क्योंकि उन्होंने अंडर 19 टीमों के बीच खेले जाने वाले यूथ टेस्ट मैचों में भी बेहतरीन प्रदर्शन किया है। इंग्लैंड अंडर 19 के खिलाफ उन्होंने 4 पारी में 340 रन बनाकर यह दिखा दिया कि वह लंबी पारी खेलने और धैर्य से बल्लेबाजी करने की क्षमता रखते हैं।
इस फॉर्मेट में उनका औसत 54.00 है और उन्होंने 126 रन की अपनी सर्वश्रेष्ठ पारी भी यहीं खेली है। इंग्लैंड के मुश्किल हालात में 100 से ज्यादा की स्ट्राइक रेट के साथ लगातार रन बनाना यह साबित करता है कि वह तकनीकी रूप से मजबूत हैं और स्विंग तथा सीम दोनों को अच्छी तरह खेल सकते हैं।
दूसरी तरफ ऑस्ट्रेलिया अंडर 19 के खिलाफ उन्होंने कम रन बनाए, लेकिन इन अनुभवों ने उनकी बल्लेबाजी को और निखारा है। रेड बॉल क्रिकेट में उनकी यह परफॉर्मेंस बताती है कि वह भविष्य में बहुमुखी फॉर्मेट खिलाड़ी बन सकते हैं और लंबे समय तक भारतीय टीम के लिए एक भरोसेमंद विकल्प साबित हो सकते हैं।
आयुष म्हात्रे इस समय भारतीय क्रिकेट के सबसे चर्चित युवा खिलाड़ियों में शामिल हो चुके हैं, क्योंकि उन्होंने जिस निरंतरता और आत्मविश्वास के साथ बल्लेबाजी की है वह किसी भी टॉप खिलाड़ी में देखने को मिलता है। लगातार दो टी20 शतक, आईपीएल में शानदार प्रदर्शन और घरेलू क्रिकेट में मजबूत रिकॉर्ड उन्हें भारत के अगले बड़े स्टार की कतार में रखता है। आने वाले समय में अगर वह यही धैर्य और प्रदर्शन बनाए रखते हैं तो उनके अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू का इंतजार ज्यादा लंबा नहीं होगा।
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