Injured Pratika Rawal to Receive Her World Cup Medal After Jay Shah’s Intervention: भारतीय महिला टीम की युवा सलामी बल्लेबाज प्रतिका रावल ने हाल ही में खेले गए ICC महिला वनडे वर्ल्ड कप 2025 में शानदार प्रदर्शन किया था। लेकिन चोट के चलते वह नॉकआउट मुकाबलों से बाहर हो गईं और टीम की ऐतिहासिक जीत के बाद भी उन्हें विजेता मेडल नहीं मिल पाया।
रावल ने टूर्नामेंट की शुरुआत में ही अपनी जबरदस्त बल्लेबाजी से भारत की जीत की नींव रखी थी, लेकिन एक एंकल इंजरी ने उनका अभियान बीच में ही रोक दिया। उनके स्थान पर शैफाली वर्मा को टीम में शामिल किया गया, जिससे रावल का नाम फाइनल 15 खिलाड़ियों की सूची में नहीं रहा। इसी चलते वह ICC के नियमों के तहत मेडल पाने की पात्र नहीं थीं।
जय शाह के हस्तक्षेप से बदला फैसला
जब इस घटना की चर्चा बढ़ी, तो कई क्रिकेट प्रेमियों ने सवाल उठाया कि जिस खिलाड़ी ने टीम को जीत की राह दिखाई, उसे सम्मान से क्यों वंचित रखा गया। मामले ने तब जोर पकड़ा जब रावल टीम के सम्मान समारोह में व्हीलचेयर पर पहुंचीं, लेकिन उन्हें मेडल नहीं दिया गया।
बाद में एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने के दौरान वह सपोर्ट स्टाफ वाला मेडल पहने नजर आईं, जिससे विवाद और गहरा गया।
लेकिन अब तस्वीर बदल गई है। प्रतिका रावल ने खुद CNN News18 से बातचीत में बताया कि जय शाह, जो इस समय ICC के चेयरमैन हैं, ने व्यक्तिगत रूप से मामले में हस्तक्षेप किया और यह सुनिश्चित किया कि उन्हें उनका असली मेडल मिले।
रावल ने कहा, “जय शाह ने कहा कि मैं यह सुनिश्चित करना चाहता हूं कि मुझे मेरा खुद का मेडल मिले। वह अब रास्ते में है, मुझे जल्द ही मिलेगा।”
ICC makes rare exception for India cricketer Pratika Rawal. Pratika confirmed to WION’s @athira_sasi3 that she has received her medal despite missing the final due to injury.
Catch full interview at 6:30 PM IST.@samikshaa3 brings you exclusive conversation with @PratikaRawal64 pic.twitter.com/qsKirukwng— WION (@WIONews) November 7, 2025
प्रतिका रावल ने शानदार प्रदर्शन से छोड़ी गहरी छाप
प्रतिका रावल का प्रदर्शन वर्ल्ड कप के शुरुआती मैचों में टीम इंडिया की सबसे बड़ी ताकत रहा। उन्होंने छह पारियों में 308 रन बनाए, जिसमें न्यूजीलैंड के खिलाफ 122 रन की शतकीय पारी भी शामिल थी।
उनका औसत 51.33 रहा और इस दौरान उन्होंने महिला क्रिकेट इतिहास में सबसे तेज़ 1000 वनडे रन पूरे करने वाली खिलाड़ियों में जगह बनाई। चोट के कारण भले ही वह नॉकआउट चरण में नहीं खेल सकीं, लेकिन उनके योगदान ने भारत को वर्ल्ड कप ट्रॉफी तक पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाई।
अब जब उनका मेडल आधिकारिक रूप से उन्हें मिलने जा रहा है, तो यह न सिर्फ प्रतिका रावल के लिए बल्कि पूरे भारतीय क्रिकेट परिवार के लिए गर्व का पल है। यह मामला यह भी दिखाता है कि किसी खिलाड़ी का योगदान सिर्फ मैदान में खेले गए आखिरी मैच से नहीं, बल्कि पूरे सफर से आंका जाना चाहिए।
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