Rishabh Pant says returning after injury is never easy but he is happy he made it back: टीम इंडिया के स्टार विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत एक बार फिर मैदान पर वापसी करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ यहां शुक्रवार से शुरू होने वाले पहले टेस्ट में वह लगभग चार महीने बाद सफेद जर्सी पहनकर उतरेंगे। लंबी रिकवरी और लगातार चुनौतियों के बीच पंत इस बात से बेहद खुश हैं कि उन्होंने एक कठिन दौर को पीछे छोड़ते हुए फिर से अपनी जगह हासिल की है।
चोट के बाद मानसिक मजबूती पर रहा पंत का फोकस
ऋषभ पंत ने बताया कि चोट के बाद वापसी का रास्ता हमेशा मुश्किल होता है, लेकिन उन्होंने खुद को मजबूत बनाए रखने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि इस पूरे सफर में उन्होंने बाहरी बातों पर ध्यान देने के बजाय अपनी मानसिक स्थिति को बेहतर बनाए रखने पर जोर दिया।
पंत ने बताया कि जब भी वह मैदान पर उतरते हैं, वह सबसे पहले खुद को ईश्वर का और अपने परिवार का शुक्रगुजार मानते हैं, क्योंकि कठिन समय में उन्होंने उन्हें लगातार संभाले रखा।
इंग्लैंड टेस्ट की चोट के बाद दोबारा मौके की तलाश
इंग्लैंड के खिलाफ मैनचेस्टर टेस्ट में फुट फ्रैक्चर की वजह से पंत को बीच सीरीज ही मैदान छोड़ना पड़ा था। इसके बाद उन्होंने बेंगलुरु में साउथ अफ्रीका ए के खिलाफ इंडिया ए की दो अनऑफिशियल टेस्ट मैचों में हिस्सा लेकर वापसी की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने न सिर्फ अपनी फिटनेस पर गहरी मेहनत की, बल्कि खुद को यह अहसास भी कराया कि वह अब फिर से प्रतिस्पर्धी क्रिकेट के लिए तैयार हैं।
पंत बोले, नियंत्रण में रहने वाली चीजों पर ही ध्यान देता हूं
पंत का मानना है कि जिंदगी में कई चीजें हमारे नियंत्रण से बाहर होती हैं, इसलिए वह हमेशा उन पहलुओं पर फोकस करते हैं जिन पर उनका कंट्रोल है। उन्होंने कहा कि किस्मत को बदलना किसी के हाथ में नहीं होता, लेकिन मन को एक सही जगह पर रखकर इंसान खुद को खुश रख सकता है। पंत ने कहा कि चोट के दौरान उन्होंने खुद से यही वादा किया कि वह केवल उन्हीं चीजों को महत्व देंगे जो उन्हें मानसिक रूप से मजबूत बनाती हैं।
मुश्किल दौर से सीख मिलती है
पंत ने जोर देते हुए कहा कि कठिन समय इंसान को बहुत कुछ सिखाता है। उन्होंने बताया कि वह हमेशा एक ऐसी ज़ोन में रहने की कोशिश करते हैं जहां उन्हें शांति और आत्मविश्वास महसूस हो। इसी वजह से वह मेहनत, अनुशासन और सीखने की प्रक्रिया को हमेशा अपनी पहली प्राथमिकता रखते हैं।
पंत के अनुसार जब इंसान हर पल को खुशी के साथ जीने लगता है तो वह अपने प्रदर्शन में भी स्वाभाविक रूप से सुधार महसूस करता है।
हर पल को एन्जॉय करने का पंत का मंत्र
पंत ने कहा कि वे अब हर मौके को पूरी ऊर्जा और खुशी के साथ जीना चाहते हैं। उनका मानना है कि चाहे ट्रेनिंग हो, रिकवरी हो या मैच की तैयारी, हर एक क्षण को आनंद के साथ जीना चाहिए। वह कहते हैं कि जब इंसान पूरे दिल से मेहनत करता है और साथ ही उसे महसूस भी करता है, तो उसकी यात्रा और भी खूबसूरत बन जाती है।
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