पंडित देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि सनातन प्रीमियर लीग (SPL) 2026 के जरिए क्रिकेट को समाज सेवा से जोड़ते हुए हर रन पर 500 रुपये जरूरतमंदों के लिए समर्पित किए जाएंगे।
आज के दौर में युवा तेजी से आधुनिक जीवनशैली की ओर बढ़ रहे हैं, लेकिन इसी दौड़ में कई बार वे अपनी सांस्कृतिक जड़ों, नैतिक मूल्यों और अनुशासन से दूर होते जा रहे हैं। नशा, जुआ और गलत आदतें युवाओं के भविष्य के लिए गंभीर चुनौती बन चुकी हैं। इसी सोच के साथ भारत सनातन प्रीमियर लीग (SPL) की शुरुआत की गई है, जिसका उद्देश्य क्रिकेट के जरिए युवाओं को सही दिशा देना और समाज सेवा से जोड़ना है।
गौरतलब हो कि, भारत सनातन प्रीमियर लीग 2026 की आधिकारिक घोषणा 16 जनवरी 2026 को कंस्टीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया, नई दिल्ली में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में की गई। इस अवसर पर कथावाचक और टूर्नामेंट के मुख्य संरक्षक पंडित देवकीनंदन ठाकुर, सनातन क्रिकेट क्लब और SPL के संस्थापक विजय शर्मा और सह-संस्थापक देव जोशी के साथ आईसीसी क्रिकेट वर्ल्ड कप 1983 चैंपियन ऑलराउंडर मदन लाल मौजूद रहे। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सभी ने टूर्नामेंट के अलग-अलग पहलुओं पर अपने विचार रखे।
युवाओं को गलत रास्ते पर जाने से रोकने और समाज सेवा के लिए देवकीनंदन ठाकुर की बड़ी पहल
मुख्य संरक्षक होने के नाते पंडित देवकीनंदन ठाकुर ने सबसे पहले युवाओं की मौजूदा स्थिति और समाज की जरूरतों पर बात रखी। उन्होंने SPL को केवल खेल नहीं, बल्कि सुधार और समाज सेवा का एक बड़ा माध्यम बताया।
पंडित देवकीनंदन ठाकुर ने कहा, “आज का युवा सनातन संस्कृति से दूर होता जा रहा है और नशे, जुए व कई गलत रास्तों पर चल रहा है। हमारा उद्देश्य उन्हें क्रिकेट के जरिए खेल से जोड़ना है, ताकि उनका स्वास्थ्य बेहतर रह सके और वे बुरी आदतों से बच सकें।”
उन्होंने टूर्नामेंट से जुड़ी समाज सेवा की अवधारणा को स्पष्ट करते हुए कहा, “इस टूर्नामेंट के मैचों में खिलाड़ी के हर रन बनाने पर 500 रुपये गरीबों और समाज सेवा के कार्यों में लगाए जाएंगे। इसीलिए मैं खिलाड़ियों से अपील करता हूँ कि वे ज्यादा से ज्यादा रन बनाएं, ताकि समाज सेवा के लिए ज्यादा से ज्यादा राशि जुटाई जा सके।”
क्रिकेट के जरिए समाज सेवा के अपने पुराने अनुभव साझा करते हुए पंडित देवकीनंदन ने कहा, “इससे पहले हमने पंजाब में आई बाढ़ के दौरान पीड़ितों की मदद के लिए क्रिकेट मैच आयोजित कराए थे। वहीं से हमारे मन में यह विचार आया कि एक ऐसा बड़ा टूर्नामेंट होना चाहिए, जिससे लगातार और व्यापक स्तर पर लोगों की मदद की जा सके।”
युवाओं को सही दिशा देने पर चिन्मयानंद बापू का संबोधन
इस मौके पर उपस्थित श्री चिन्मयानंद बापू जी ने भारत सनातन प्रीमियर लीग को युवाओं के भविष्य से जोड़कर देखा। उन्होंने कहा कि आज के समय में युवाओं को केवल अवसर नहीं, बल्कि सही मार्गदर्शन की भी जरूरत है।
चिन्मयानंद बापू ने कहा, “युवा शक्ति ही राष्ट्र की सबसे बड़ी ताकत है, लेकिन जब यही शक्ति सही दिशा में न जाए, तो समाज को नुकसान भी पहुंच सकता है। खेल युवाओं को अनुशासन, संयम और लक्ष्य के प्रति समर्पण सिखाता है। भारत सनातन प्रीमियर लीग इसीलिए एक सराहनीय पहल है, क्योंकि यह खेल को संस्कार और समाज सेवा से जोड़ रही है।”
उन्होंने आयोजकों की सराहना करते हुए कहा कि, “इस तरह के आयोजनों से युवा यह सीखेंगे कि जीवन में आगे बढ़ते हुए समाज को लौटाना भी उतना ही जरूरी है। यही भाव उन्हें सच्चा खिलाड़ी और सच्चा नागरिक बनाता है।”
वर्ल्ड कप चैंपियन मदन लाल ने की भारत सनातन प्रीमियर लीग की तारीफ
अपने लंबे क्रिकेट अनुभव के चलते मदन लाल ने SPL को भविष्य के खिलाड़ियों के लिए एक मजबूत मंच बताया। उन्होंने गंभीर बातों के साथ हल्के-फुल्के अंदाज में भी अपनी राय रखी।
मदन लाल ने कहा, “मैं हमेशा से भगवान पर विश्वास करने वाला व्यक्ति रहा हूँ। मुझे खुशी है कि मुझे सनातन प्रीमियर लीग जैसे टूर्नामेंट से जुड़ने का मौका मिला। खेल न सिर्फ शरीर को फिट रखता है, बल्कि चरित्र निर्माण में भी अहम भूमिका निभाता है।”
उन्होंने टेनिस बॉल क्रिकेट के फायदे गिनाते हुए कहा, “टेनिस बॉल से खेलने से तेज गेंदबाजों को अपनी गति बढ़ाने में फायदा होता है। पहले हम लोग भी टेनिस बॉल से ही खेलते थे और बाद में लेदर बॉल से खेलना शुरू किया।”
मदन लाल ने आगे कहा, “मैं टीम इंडिया का खिलाड़ी, कोच और चयनकर्ता रह चुका हूँ, इसलिए मुझे खिलाड़ियों के अंदर प्रतिभा को पहचानने का अनुभव है। मुझे उम्मीद है कि सनातन प्रीमियर लीग से निकले खिलाड़ी आने वाले समय में बड़े मंचों तक पहुंचेंगे और मैं इसमें पूरा सहयोग देने के लिए तैयार हूँ।”
पूर्व भारतीय ऑलराउंडर ने अंत में मजाकिया अंदाज में कहा, “इस टूर्नामेंट में मैन ऑफ द सीरीज को कार दी जाएगी। अगर मैं आज इस टूर्नामेंट में खेल रहा होता, तो यह कार तो जरूर जीतता, क्योंकि मैं ऑलराउंडर रहा हूँ, इसीलिए मैं रन भी बनाता और विकेट भी लेता।”
टूर्नामेंट की संरचना और विजन पर विजय शर्मा का पक्ष
SPL के संस्थापक विजय शर्मा ने आयोजन के विजन, फॉर्मेट और उद्देश्य पर विस्तार से बात रखी। उन्होंने बताया कि यह लीग किस तरह युवाओं के लिए एक बड़ा मंच बनेगी।
विजय शर्मा ने कहा, “भारत सनातन प्रीमियर लीग को हमने एक छोटे लेकिन प्रभावी T10 फॉर्मेट में तैयार किया है। इसमें देश के अलग अलग राज्यों से आठ टीमें हिस्सा लेंगी और कुल 15 मुकाबले खेले जाएंगे। हमारा उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा युवाओं को अवसर देना और उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना है।”
उन्होंने ट्रायल और पुरस्कार राशि को लेकर कहा, “02 फरवरी से देश के आठ शहरों में ट्रायल्स आयोजित किए जाएंगे, ताकि हर राज्य से प्रतिभाशाली खिलाड़ियों का निष्पक्ष चयन हो सके। विजेता टीम को 31 लाख रुपये और उपविजेता को 15 लाख रुपये की प्राइज मनी दी जाएगी, जबकि मैन ऑफ द सीरीज को कार दिया जाएगा।”
चयन प्रक्रिया और टीम पहचान पर देव जोशी की सोच
SPL के सह-संस्थापक देव जोशी ने टूर्नामेंट की पारदर्शिता और टीमों की पहचान को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने इसे खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का माध्यम बताया।
देव जोशी ने कहा, “हम चाहते हैं कि भारत सनातन प्रीमियर लीग में ट्रायल से लेकर टीम चयन तक हर प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हो। इसीलिए, खिलाड़ियों का चयन केवल उनके प्रदर्शन के आधार पर किया जाएगा।”
उन्होंने आगे कहा, “टीमों के नाम देश के महान वीरों और महापुरुषों के नाम पर रखे गए हैं, ताकि खिलाड़ी जब मैदान पर उतरें, तो उनके भीतर अनुशासन, देशभक्ति और जिम्मेदारी की भावना अपने आप आए।”
इन सभी बयानों से साफ है कि भारत सनातन प्रीमियर लीग (SPL) केवल एक क्रिकेट टूर्नामेंट नहीं, बल्कि युवाओं को संस्कार, अनुशासन और समाज सेवा से जोड़ने का एक व्यापक अभियान है। SPL का लक्ष्य खेल के मैदान से निकलकर समाज और राष्ट्र निर्माण में सकारात्मक योगदान देना है।
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