टी20 वर्ल्ड कप 2026 में अब तक काफी रोमांचक मुकाबले तो देखने को मिले ही हैं। इसके साथ एसोसिएट हो या फिर आईसीसी रैंकिंग में लोअर रैंक टीम, सभी ने बाकी टीमों को कड़ी टक्कर दी है।
ज़िम्बाब्वे ने ऑस्ट्रेलिया को हराकर उन्हें 2009 के बाद पहली बार टी20 वर्ल्ड कप के ग्रुप स्टेज से बाहर कर दिया है। तो चलिए जानते हैं कि इससे पहले कब-कब और कौन सी टीमें टी20 वर्ल्ड कप के ग्रुप स्टेज से ही बाहर हो गई हैं।
अब तक टी20 वर्ल्ड कप के ग्रुप स्टेज से बाहर हुई हैं इतनी टीम

वेस्टइंडीज (2007)
साल 2007 में पहली बार टी20 वर्ल्ड कप का आयोजन किया जा रहा था। वेस्टइंडीज की टीम उस समय दुनिया की सबसे मजबूत टीमों में से थी और उनके पास छोटे फॉर्मेट के लिए अच्छे खिलाड़ी भी थे। इसलिए उन्हें खिताब जीतने के प्रबल दावेदारों में से एक माना जा रहा था।
पहले ही मैच में गेल ने टी20 इंटरनेशनल का पहला शतक लगाकर बताया कि वह आगे चलकर इस फॉर्मेट में बादशाहत बना सकते हैं। क्रिस के शतक के चलते विंडीज ने 206 रन बनाए, लेकिन साउथ अफ्रीका ने आसानी से यह मैच जीत लिया। अगले ही मैच में उन्हें बांग्लादेश ने 165 रन चेस करते हुए 6 विकेट से हरा दिया। इन हार के साथ ही वेस्टइंडीज का सफर ग्रुप स्टेज में ही खत्म हो गया।
ऑस्ट्रेलिया (2009)
फॉर्मेट और आईसीसी इवेंट कोई भी हो, ऑस्ट्रेलिया की टीम उससे पहले कैसे खेल रही है, यह मायने नहीं रखता है क्योंकि आईसीसी टूर्नामेंट आते ही वह अलग लेवल पर पहुंच जाते हैं। साल 2009 के टी20 वर्ल्ड कप से पहले भी ऑस्ट्रेलियाई टीम की फॉर्म कुछ खास नहीं थी, लेकिन वह ग्रुप स्टेज से ही बाहर हो जाएंगे, यह किसी ने नहीं सोचा था।
पहले मैच में ऑस्ट्रेलिया को क्रिस गेल की तूफानी पारी के चलते हार का सामना करना पड़ा, तो वहीं अगले मैच में श्रीलंका के खिलाफ एक समय वह 94 रनों पर 6 विकेट गंवाकर संघर्ष कर रही थी, लेकिन जैसे-तैसे उन्होंने 159 रन बनाए। लेकिन लंका ने कुमार संगकारा के अर्धशतक की बदौलत वह टोटल आसानी से चेस कर लिया।
न्यूज़ीलैंड (2024)
न्यूज़ीलैंड की टीम भी आईसीसी टूर्नामेंट में अपने लेवल को अप करके लगातार सेमीफाइनल और फाइनल में जगह बनाती है। साल 2015 से लेकर 2023 तक जितने भी आईसीसी इवेंट हुए, उसमें वह नॉकआउट के लिए क्वालीफाई जरूर करती थी। साल 2024 में न्यूज़ीलैंड की टीम वेस्टइंडीज और अफगानिस्तान के साथ ग्रुप ऑफ डेथ में थी।
अफगानिस्तान के खिलाफ 140 रनों का पीछा करते हुए कीवी टीम 75 रनों पर ही ऑलआउट हो गई। अगले मैच में उन्हें वेस्टइंडीज ने हराकर टूर्नामेंट से बाहर कर दिया।
ऑस्ट्रेलिया (2026)
ऑस्ट्रेलिया इस टी20 वर्ल्ड कप को जीतने की टॉप कंटेंडर में से थी। उनकी टीम भी अच्छी थी, लेकिन पहले मुख्य खिलाड़ियों की चोट और श्रीलंका की मुश्किल परिस्थितियों में सामंजस्य न बिठा पाने के चलते उन्हें ग्रुप स्टेज से ही बाहर होना पड़ा है।
पहले मैच में ऑस्ट्रेलिया ने शुरुआत काफी अच्छी की थी और आयरलैंड को बड़े अंतर से हराया था। लेकिन अगले मैच में उन्हें ज़िम्बाब्वे ने 23 रनों से हराकर श्रीलंका के खिलाफ मैच डू ऑर डाई बना दिया।
श्रीलंका के खिलाफ भी ऑस्ट्रेलिया की शुरुआत काफी शानदार थी और वह 8 ओवरों में ही 100 से ज्यादा रन बना चुके थे, लेकिन बाद में उनकी टीम ताश के पत्तों की तरह बिखर गई। श्रीलंका ने पाथुम निसंका की पारी के चलते मैच आसानी से जीत लिया।







