Thursday, June 4

दुबई की होटल किचन में मजदूरी से लेकर T20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान की उम्मीद बनने तक, उस्मान तारिक का सफर जिद और जोखिम की कहानी है।

दुबई की एक होटल किचन में घंटों प्याज काटते हुए आंखों से आंसू बहना और उसी शहर की गलियों में रात के समय स्ट्रीट क्रिकेट खेलना, उस्मान तारिक की जिंदगी के दो अलग पहलू नहीं थे। यह उनकी रोजमर्रा की हकीकत थी, जहां एक तरफ परिवार चलाने की मजबूरी थी और दूसरी तरफ क्रिकेट का सपना, जो कभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ। हालात कितने भी मुश्किल क्यों न रहे हों, क्रिकेट उनके जीवन में कहीं न कहीं जिंदा रहा।

आज वही उस्मान तारिक पाकिस्तान की T20 टीम का अहम हिस्सा हैं और T20 वर्ल्ड कप 2026 में उनसे बड़े प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है। यह प्रोफाइल उस लंबे सफर को सामने रखती है, जहां गरीबी, मजदूरी, अधूरे मौके और जोखिम भरे फैसलों ने मिलकर एक ऐसे मिस्ट्री स्पिनर को जन्म दिया, जिसने इंटरनेशनल क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बना ली।

क्रिकेटर उस्मान तारिक की जानकारी

  • पूरा नाम: उस्मान तारिक
  • जन्म: 01 जनवरी 1998
  • उम्र: 28 वर्ष
  • जन्म स्थान: पेशावर, पाकिस्तान
  • बैटिंग स्टाइल: राइट हैंड बैट
  • बॉलिंग स्टाइल: राइट आर्म ऑफब्रेक
  • मुख्य भूमिका: मिस्ट्री स्पिनर
  • टीमें: पाकिस्तान, डेजर्ट वाइपर्स, क्वेटा ग्लैडिएटर्स, त्रिनबैगो नाइट राइडर्स, डेक्कन ग्लैडिएटर्स, खैबर पख्तूनख्वा 2nd XI

शुरुआती जीवन और पारिवारिक जिम्मेदारियां

उस्मान तारिक का जन्म पेशावर में हुआ। बहुत कम उम्र में उनके पिता का निधन हो गया, जिसके बाद परिवार की जिम्मेदारी अचानक उनके कंधों पर आ गई। घर की आर्थिक स्थिति कमजोर थी और पढ़ाई से ज्यादा जरूरी हो गया था किसी तरह घर का खर्च चलाना। इसी वजह से उस्मान को बहुत जल्दी यह समझ आ गया कि जिंदगी में उन्हें आसान रास्ते नहीं मिलने वाले।

कम उम्र में ही उन्होंने काम की तलाश शुरू कर दी। क्रिकेट का शौक बचपन से था, लेकिन उस दौर में यह सिर्फ एक सपना ही था। परिवार के हालात ऐसे नहीं थे कि वह सिर्फ क्रिकेट पर ध्यान दे पाते। यही कारण रहा कि उन्होंने कम उम्र में ही पाकिस्तान से बाहर जाकर काम करने का फैसला किया।

अफगानिस्तान से दुबई तक संघर्ष

काम की तलाश में उस्मान पहले अफगानिस्तान पहुंचे, जहां उनके कजिन और बचपन के दोस्त हसीब उर रहमान पहले से मौजूद थे। वहां कड़ाके की ठंड, बर्फ और अनजान माहौल में उन्होंने अलग अलग जगहों पर नौकरी ढूंढने की कोशिश की, लेकिन कोई स्थायी मौका नहीं मिला। हालात ने उन्हें वापस लौटने पर मजबूर कर दिया।

इसके बाद वह दुबई पहुंचे, जहां जिंदगी और भी मुश्किल हो गई। सोनापुर इलाके में लेबर अकॉमोडेशन में रहते हुए उन्होंने एक होटल की किचन में सब्जियां काटने का काम शुरू किया। घंटों खड़े रहना, आंखों में जलन और पीठ दर्द उनकी रोजमर्रा की परेशानी बन चुकी थी। यह काम शारीरिक रूप से बेहद थकाने वाला था, लेकिन परिवार की जिम्मेदारी के आगे वह चुपचाप सब सहते रहे।

नौकरी के साथ क्रिकेट की जिद

होटल की नौकरी ज्यादा समय नहीं चली, लेकिन उस्मान दुबई में टिके रहे। बाद में उन्हें एक कार पार्ट्स कंपनी में काम मिल गया, जिससे घर की आर्थिक स्थिति थोड़ी संभली। वह परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य थे, इसलिए नौकरी छोड़ने का सवाल ही नहीं उठता था।

इसी दौरान क्रिकेट फिर से उनकी जिंदगी में लौटा। देइरा इलाके में हयात रीजेंसी होटल के पास होने वाले स्ट्रीट क्रिकेट मैचों में वह नियमित रूप से खेलने लगे। यहीं उन्होंने फास्ट बॉलिंग छोड़कर स्पिन बॉलिंग अपनाई। उनकी लंबाई और अलग एक्शन ने बल्लेबाजों को परेशान करना शुरू कर दिया। धीरे धीरे यह साफ होने लगा कि उनकी स्पिन कुछ अलग है।

PSL ट्रायल और छूटा हुआ मौका

2017 में पेशावर ज़ल्मी ने दुबई में पाकिस्तान सुपर लीग के लिए टैलेंट हंट रखा। सैकड़ों खिलाड़ियों के बीच उस्मान को सिर्फ छह गेंदें डालने का मौका मिला। उन्हीं छह गेंदों में उन्होंने सेलेक्टर्स को प्रभावित किया और अगले राउंड के लिए चुन लिए गए।

अगला चरण दुबई में ही होने वाला था, लेकिन यह उनके लिए सबसे मुश्किल मोड़ था। नौकरी छोड़ना मुमकिन नहीं था, क्योंकि वही परिवार की इकलौती आमदनी थी। मजबूरी में उन्हें ट्रायल छोड़ना पड़ा और यह मौका हाथ से निकल गया। यह बात उन्हें अंदर ही अंदर खाती रही।

पाकिस्तान वापसी और सबसे बड़ा जोखिम

कुछ समय बाद उनकी मां की तबीयत खराब हो गई। इसके बाद उस्मान ने जिंदगी का सबसे बड़ा फैसला लिया और दुबई की सुरक्षित नौकरी छोड़कर पाकिस्तान लौट आए। यह फैसला बेहद जोखिम भरा था क्योंकि न कोई तय आमदनी थी और न ही यह गारंटी कि क्रिकेट में सफलता मिलेगी।

पाकिस्तान लौटने के बाद उन्होंने पूरी तरह क्रिकेट पर ध्यान दिया। दिन रात मेहनत, हर मौसम में अभ्यास और घरेलू क्रिकेट में खुद को साबित करने की जिद ने धीरे धीरे उन्हें आगे बढ़ाया। यह वही दौर था, जहां उनका असली संघर्ष शुरू हुआ।

फ्रेंचाइजी क्रिकेट से इंटरनेशनल पहचान

घरेलू क्रिकेट में प्रदर्शन के बाद उस्मान को फ्रेंचाइजी क्रिकेट में मौके मिलने लगे। कैरेबियन प्रीमियर लीग में त्रिनबैगो नाइट राइडर्स के लिए उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया और विकेट लेने की अपनी काबिलियत साबित की। इसके बाद ILT20 में डेजर्ट वाइपर्स के लिए खेलते हुए वह खिताब जीतने वाली टीम का अहम हिस्सा बने।

उनकी गेंदबाजी पर कई बार एक्शन को लेकर सवाल उठे, लेकिन उस्मान ने हर बार विकेट लेकर जवाब दिया। उनकी मिस्ट्री स्पिन ही उनकी सबसे बड़ी ताकत बन गई।

पाकिस्तान टीम और T20I में असरदार शुरुआत

नवंबर 2025 में उस्मान तारिक ने पाकिस्तान के लिए T20I डेब्यू किया। अपने दूसरे ही मैच में हैट्रिक लेकर उन्होंने इंटरनेशनल क्रिकेट में अपनी मौजूदगी दर्ज करा दी। बहुत कम मैचों में ही वह पाकिस्तान के सबसे भरोसेमंद मिस्ट्री स्पिनरों में गिने जाने लगे। अब T20 वर्ल्ड कप 2026 में वह पाकिस्तान की गेंदबाजी अटैक का अहम हिस्सा हैं और टीम को उनसे बड़े प्रदर्शन की उम्मीद है।

उस्मान तारिक के करियर आंकड़े एक नजर में

T20I क्रिकेट में उस्मान तारिक के आंकड़े

  • मैच: 5
  • विकेट: 12
  • औसत: 9.25
  • इकोनॉमी: 5.94
  • स्ट्राइक रेट: 9.3
  • बेस्ट: 4/18

ओवरऑल T20 क्रिकेट में उस्मान तारिक के आंकड़े

  • मैच: 43
  • विकेट: 71
  • औसत: 16.05
  • इकोनॉमी: 6.77
  • स्ट्राइक रेट: 14.2
  • बेस्ट: 4/17

उस्मान तारिक का डेब्यू

  • T20 डेब्यू: पेशावर रीजन vs कराची रीजन ब्लूज़, कराची, 24 नवंबर 2023
  • लिस्ट A डेब्यू: एशाल एसोसिएट्स vs सुई नॉर्दर्न, फैसलाबाद, 5 अक्टूबर 2024
  • फर्स्ट क्लास डेब्यू: एशाल एसोसिएट्स vs हायर एजुकेशन कमीशन, कराची, 8-11 जनवरी 2025
  • T20I डेब्यू: पाकिस्तान vs साउथ अफ्रीका, लाहौर, 1 नवंबर 2025

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Neetish Kumar Mishra Sports Digest Hindi में Editor के रूप में कार्यरत हैं और खेल पत्रकारिता में गहरा अनुभव रखते हैं। क्रिकेट, कबड्डी, टेनिस, फुटबॉल और अन्य खेलों की बारीकियों पर इनकी पकड़ बेहद मजबूत है।

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