रोहित शर्मा ने बताया कि भारत-पाक मैच हमेशा दबाव, भावनाओं और यादगार पलों से भरे होते हैं।
टी20 वर्ल्ड कप 2026 के एम्बेसडर बने रोहित शर्मा (Rohit Sharma) ने भारत और पाकिस्तान के बीच खेले गए पुराने मुकाबलों को याद करते हुए कई दिलचस्प बातें साझा कीं। 2007 से लेकर हाल के टूर्नामेंट तक इस हाई वोल्टेज प्रतिद्वंद्विता का हिस्सा रहे रोहित ने बताया कि इन मैचों का दबाव किसी भी सामान्य मुकाबले से बिल्कुल अलग होता है।
उन्होंने कहा कि हर भारत-पाक मैच सिर्फ क्रिकेट नहीं होता, बल्कि भावनाओं, उम्मीदों और इतिहास से जुड़ा होता है। एक युवा खिलाड़ी से लेकर कप्तान बनने तक का उनका सफर भी इन मुकाबलों के साथ गहराई से जुड़ा रहा है।
2007 फाइनल सबसे खास याद
रोहित ने कहा कि पाकिस्तान के खिलाफ उनका सबसे पसंदीदा टी20 वर्ल्ड कप मैच 2007 का फाइनल है, जिसे भारत ने जीतकर इतिहास रचा था।
रोहित शर्मा ने कहा, “पाकिस्तान के खिलाफ मेरा सबसे पसंदीदा मैच 2007 का फाइनल है। उससे बेहतर कुछ नहीं हो सकता क्योंकि हमने वही वर्ल्ड कप जीता था।”
उन्होंने यह भी याद किया कि उसी टूर्नामेंट में लीग मैच टाई हुआ था और उसका फैसला बॉल आउट से हुआ था, जो क्रिकेट इतिहास के सबसे अनोखे पलों में से एक है।
रोहित शर्मा ने कहा, “हमने उसी साल एक लीग मैच भी खेला था जो टाई हुआ और बॉल आउट से तय हुआ। उस साल के दोनों मैच बहुत खास थे।”
2022 का मेलबर्न मैच भी था काफी इमोशनल
रोहित ने 2022 टी20 वर्ल्ड कप में मेलबर्न में खेले गए मुकाबले को भी याद किया, जहां विराट कोहली की ऐतिहासिक पारी ने भारत को जीत दिलाई थी।
उन्होंने बताया कि जब वह आउट होकर ड्रेसिंग रूम में थे, तब मैच देखना बेहद मुश्किल हो रहा था।
रोहित शर्मा ने कहा, “मैं ड्रेसिंग रूम में था, फिर बाहर आया लेकिन इतना नर्वस था कि वापस अंदर चला गया। जब मैच इतने करीबी होते हैं और आप कुछ नहीं कर सकते, तो आप खुद को बेबस महसूस करते हैं।”
भारत उस मैच में मुश्किल स्थिति में था, लेकिन कोहली की पारी ने खेल का रुख बदल दिया।
रोहित शर्मा ने कहा, “हम जीतने की स्थिति में नहीं थे, लेकिन जिस तरह हमने मैच खत्म किया, वह शानदार था। वह हमारे द्वारा खेले गए सबसे महान मैचों में से एक है।”
“हर मैच से पहले नर्वस रहता हूँ” – रोहित शर्मा
160 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने के बाद भी रोहित ने स्वीकार किया कि दबाव कभी खत्म नहीं होता।
रोहित शर्मा ने कहा, “मैंने 160 टी20 मैच खेले हैं, लेकिन मुझे याद नहीं कि कोई भी मैच ऐसा हो जिसमें मैं नर्वस नहीं रहा हूँ।”
उन्होंने कहा कि यही घबराहट उन्हें बेहतर खेलने के लिए प्रेरित करती है।
रोहित शर्मा ने कहा, “यह भावना हमेशा रहती है और यही बताती है कि आप अभी भी खेल को लेकर उतने ही जुनूनी हैं।”
भारत-पाक मुकाबले क्यों होते हैं अलग
रोहित के मुताबिक, इन मैचों में सिर्फ खिलाड़ी ही नहीं बल्कि करोड़ों फैंस की भावनाएं भी जुड़ी होती हैं। यही कारण है कि हर गेंद और हर पल का महत्व कई गुना बढ़ जाता है।
उन्होंने साफ कहा कि जब तक खिलाड़ी मैदान पर उतरता है, यह दबाव कभी खत्म नहीं होता और शायद यही इन मुकाबलों की सबसे बड़ी खासियत भी है।
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