सलमान आगा ने साफ किया कि कोलंबो में सभी मैच खेलने से पाकिस्तान को भारत के खिलाफ कोई बड़ा फायदा नहीं मिलेगा।
भारत और पाकिस्तान के बीच टी20 वर्ल्ड कप का मुकाबला हमेशा दबाव और उम्मीदों से भरा होता है। इस बार मुकाबला कोलंबो में हो रहा है और पाकिस्तान अपने सभी मैच यहीं खेल रहा है। इसलिए यह सवाल उठ रहा है कि क्या पाकिस्तान को भारत के खिलाफ अतिरिक्त फायदा मिलेगा।
पाकिस्तान के कप्तान सलमान आगा ने इस धारणा को साफ शब्दों में खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि एक ही शहर में ठहरना या सभी मैच एक जगह खेलना जीत की गारंटी नहीं देता। उनके मुताबिक मैच वही टीम जीतेगी जो पूरे 40 ओवर बेहतर क्रिकेट खेलेगी और अपनी योजना सही तरीके से लागू करेगी।
क्या है बैकग्राउंड?
यह टूर्नामेंट भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में खेला जा रहा है। पिछले साल चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान भारत ने सुरक्षा कारणों से पाकिस्तान का दौरा नहीं किया था और तब पाकिस्तान को यूएई में भारत के खिलाफ खेलना पड़ा था। इस बार स्थिति अलग है और पाकिस्तान भारत नहीं गया है, जबकि बाकी टीमें दोनों देशों में खेल रही हैं।
इस कारण पाकिस्तान एक ही शहर कोलंबो में रुका हुआ है। कई लोगों को लगा कि इससे उन्हें स्थिरता और आराम मिलेगा, लेकिन सलमान आगा का कहना है कि फायदा सिर्फ मौसम की आदत तक सीमित है। उन्होंने कहा कि यहां की जलवायु से टीम परिचित है, लेकिन असली फर्क मैदान पर प्रदर्शन से पड़ेगा।
अभ्यास और तैयारी की स्थिति
पाकिस्तान की तैयारी सिर्फ एक मैदान तक सीमित नहीं रही। टीम ने R. Premadasa Stadium, Singhalese Sports Club और Colombo Cricket Club Ground तीन अलग-अलग मैदानों पर अभ्यास किया। ये तीनों कोलंबो के अलग हिस्सों में स्थित हैं।
अब तक पाकिस्तान ने अपने दोनों मुकाबले सिंगलीज स्पोर्ट्स क्लब मैदान पर खेले हैं। भारत के खिलाफ मैच आर प्रेमदासा स्टेडियम में होना है। इस मुकाबले से पहले पाकिस्तान को इस मैदान पर दो अभ्यास सत्र मिले, जबकि भारत को यहां केवल एक सत्र मिला क्योंकि टीम को यात्रा और इमिग्रेशन की प्रक्रिया पूरी करनी थी।
इस अतिरिक्त अभ्यास से पाकिस्तान को पिच की प्रकृति समझने का थोड़ा ज्यादा मौका मिला है। फिर भी कप्तान ने दोहराया कि केवल तैयारी से नहीं बल्कि सही क्रियान्वयन से जीत मिलती है।
पिच का मिजाज
आर प्रेमदासा स्टेडियम में इस वर्ल्ड कप में अब तक तीन मैच खेले जा चुके हैं। इन मुकाबलों में स्पिन गेंदबाजों को 20 विकेट मिले हैं जबकि तेज गेंदबाजों को 21 विकेट मिले हैं। इससे साफ है कि दोनों तरह के गेंदबाजों को मदद मिल रही है।
यहां स्पिनरों ने ज्यादा ओवर डाले हैं और बड़े बाउंड्री साइज के कारण बल्लेबाजों के लिए खुलकर रन बनाना आसान नहीं रहा है। पाकिस्तान ने इस टूर्नामेंट में अपनी प्लेइंग इलेवन में पांच तक स्पिन विकल्प रखे हैं और सभी अपना पूरा ओवर कोटा डाल सकते हैं।
सलमान आगा का मानना है कि स्पिनरों को यहां मदद मिल सकती है, लेकिन तेज गेंदबाजों की भूमिका भी अहम रहेगी। उनके अनुसार तेज गेंदबाजी ऐसी कला है, जिसे किसी भी पिच पर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
दबाव और जिम्मेदारी
सलमान आगा ने माना कि भारत के खिलाफ मुकाबला हमेशा खास होता है। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि भले ही नींद नहीं उड़ी हो, लेकिन कप्तानी की जिम्मेदारी के कारण दाढ़ी में कुछ सफेद बाल जरूर बढ़ गए हैं।
उन्होंने कहा कि जब आप अपने देश का प्रतिनिधित्व करते हैं और टीम की कप्तानी करते हैं, तो करोड़ों लोगों की उम्मीदें जुड़ जाती हैं। जिम्मेदारी से भागा नहीं जा सकता और टीम को उसका सामना करना ही होगा।
रिकॉर्ड और नई शुरुआत
टी20 वर्ल्ड कप में भारत का पाकिस्तान के खिलाफ रिकॉर्ड 7-1 का है। इसके अलावा सभी फॉर्मेट मिलाकर भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ अपने पिछले आठ पूरे मुकाबले जीते हैं। आंकड़े पाकिस्तान के पक्ष में नहीं हैं, लेकिन सलमान आगा का कहना है कि इतिहास से केवल सीख ली जा सकती है।
उनके अनुसार हर नया मैच नई कहानी लेकर आता है। अगर पाकिस्तान को जीतना है तो उसे पूरे 40 ओवर अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ खेलना होगा।
अंत में बात साफ है कि कोलंबो की परिस्थितियां चाहे जिस तरफ झुकें, असली फैसला मैदान पर प्रदर्शन से ही होगा।
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