टी20 वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप स्टेज के मुकाबले खत्म होने वाले हैं। अब सुपर 8 के मुकाबले शुरू होने वाले हैं। इस टूर्नामेंट की शुरुआत 7 फरवरी को हुई थी और 8 मार्च को इसका फाइनल खेला जाना है। ग्रुप स्टेज के 40 मुकाबलों के बाद सुपर 8 की टीमें तय हो चुकी हैं। तो चलिए जानते हैं कि सुपर 8 क्या होता है और इसमें कैसे डिसाइड होती हैं।
क्या होता है सुपर 8?
क्रिकेट को बढ़ावा देने के लिए लगातार नई टीमों को मौका दिया जा रहा है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोकप्रियता बढ़ सके। इस बार टूर्नामेंट में 20 टीमों को मौका दिया गया था, जिन्हें 5-5 के ग्रुप में बांटा गया था। टी20 वर्ल्ड कप में 4 ग्रुप (A, B, C, D) थे।
ग्रुप स्टेज में सभी टीमों को 4-4 मुकाबले खेलने थे। जो टीमें टॉप 2 में फिनिश करेंगी, वो सुपर 8 के लिए क्वालीफाई करेंगी।
सुपर 8 ग्रुप स्टेज की तरह ही फॉर्मेट होता है, जिसमें हर ग्रुप की टॉप 2 टीमें इसमें हिस्सा लेती हैं। सुपर 8 में भी टीमों को 2 ग्रुप में बांटा जाता है, जिसमें 4-4 टीमें होती हैं। हर टीम को 3 मैच खेलने होते हैं और टॉप 2 में रहने वाली टीम सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई करेगी।
कैसी होती है सुपर 8 की प्री-सीडिंग?
आपको बता दें कि आईसीसी ने सुपर 8 के लिए टीमों को पहले से ही तय कर रखा होता है। अगर वो अपने ग्रुप में टॉप 2 में क्वालीफाई करती हैं तो वो सुपर 8 में जगह बना लेती हैं।
आईसीसी ने सुपर 8 के ग्रुप पहले से ही तय कर लिए हैं। अगर कोई टीम ग्रुप स्टेज में अपने सभी मुकाबले जीतते हुए टॉप पर भी रहे, तो उसका फायदा नहीं होने वाला है, क्योंकि उनका ग्रुप पहले से ही डिसाइड है। वहीं अगर कोई टीम सुपर 8 के लिए क्वालीफाई नहीं कर पाती है, तो उस ग्रुप में जो दूसरी टीम क्वालीफाई करेगी, वो उसे आगे जाकर रिप्लेस करेगी।
जैसे इस बार ऑस्ट्रेलिया की टीम सुपर 8 में इंडिया, अफ्रीका और वेस्टइंडीज के ग्रुप में थी। लेकिन वो अपने 2 मुकाबले हार गए और उनकी जगह ज़िम्बाब्वे ने क्वालीफाई कर लिया है। तो अब ज़िम्बाब्वे उन्हें सुपर 8 में रिप्लेस करेगी।
सुपर 8 में किन टीमों ने किया है क्वालीफाई?
सुपर 8 के लिए इस बार इंडिया, साउथ अफ्रीका, वेस्टइंडीज और ज़िम्बाब्वे की टीम एक ग्रुप में रहेंगी। जबकि पाकिस्तान, इंग्लैंड, श्रीलंका और न्यूज़ीलैंड दूसरे ग्रुप के लिए क्वालीफाई किया है।

