Friday, February 13

टी20 वर्ल्ड कप को शुरू होने में अब लगभग एक हफ्ते का समय बचा हुआ है। ऐसे में सभी टीमें ज़ोरों-शोरों से तैयारी में लगी हुई हैं। हालाँकि कुछ टीमों को खिलाड़ियों की चोट ने काफ़ी परेशान कर रखा है और उसमें भारतीय टीम भी पीछे नहीं है।

टीम इंडिया के दो खिलाड़ी अभी चोटिल चल रहे हैं। तिलक वर्मा तो इस टूर्नामेंट से पहले फिट हो जाएँगे, लेकिन वाशिंगटन को टीम में रखना है या नहीं, इसके लिए टीम के पास सिर्फ़ 24 घंटे का समय बचा हुआ है।

न्यूज़ीलैंड के खिलाफ पहले मैच में चोटिल हुए थे सुन्दर

Team Management Will Take A Final Decision On Washington Sundar In Next 24 Hours
Team Management Will Take A Final Decision On Washington Sundar In Next 24 Hours

टीम इंडिया के युवा ऑलराउंडर वाशिंगटन सुन्दर न्यूज़ीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज़ के दौरान चोटिल हो गए थे। पहले मैच के दौरान फील्डिंग करते समय वे चोटिल हो गए थे, जिसके चलते वे अपने कोटे के पूरे ओवर भी नहीं फेंक सके थे। हालाँकि बाद में वे बल्लेबाज़ी करने ज़रूर आए थे और टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी।

31 जनवरी को सभी देशों को सबमिट करनी है आईसीसी को फ़ाइनल स्क्वाड

वाशिंगटन न सिर्फ़ वनडे सीरीज़ से बाहर हुए थे, बल्कि टी20 सीरीज़ के भी सभी मुकाबलों से बाहर हो गए थे। सुन्दर के टी20 वर्ल्ड कप की शुरुआत तक फिट होने की ख़बरें आ रही थीं। उन्होंने अब ट्रेनिंग भी शुरू कर दी है, लेकिन सेलेक्टर्स के पास ज़्यादा वक्त नहीं है।

क्योंकि 31 जनवरी तक सभी देशों को अपना फ़ाइनल स्क्वाड आईसीसी को सबमिट करना है। उसके बाद कोई भी देश अपने स्क्वाड में बदलाव नहीं कर सकता है। हालाँकि सिर्फ़ मैच में चोटिल हुए खिलाड़ी को ही रिप्लेस किया जा सकता है।

4 फ़रवरी को फ़िटनेस टेस्ट देंगे वाशिंगटन

सुन्दर को टीम में रखने का फ़ैसला सेलेक्टर्स और टीम मैनेजमेंट को आज ही करना है। हालाँकि 4 फ़रवरी को वाशिंगटन को बेंगलुरु में फ़िटनेस टेस्ट देना है, जिसके बाद ही पता चलेगा कि वे पूरी तरह से फिट हुए हैं या नहीं।

सुन्दर की भूमिका टी20 वर्ल्ड कप में होगी अहम

टीम इंडिया को 4 फ़रवरी को साउथ अफ़्रीका के खिलाफ वार्म-अप मैच खेलना है। भारतीय टीम सुन्दर को लेकर पूरी तरह से संतुष्ट है कि वे उस टूर्नामेंट के शुरुआती मुकाबलों को छोड़कर फिट हो सकते हैं।

इस टूर्नामेंट में उनकी भूमिका बहुत अहम होने वाली है, क्योंकि वे बल्ले और गेंद के साथ टीम मैनेजमेंट को काफ़ी अच्छा विकल्प देते हैं। कई ऐसी टीमें भी हैं, जिनके पास लेफ़्ट हैंडेड बल्लेबाज़ों की भरमार है, इसलिए उनका प्लेइंग इलेवन में होना प्लस पॉइंट होगा।

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आकाश अवस्थी स्पोर्ट्स डाइजेस्ट हिंदी में बतौर कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और स्पोर्ट्स जर्नलिज्म में दो वर्षों का अनुभव रखते हैं। इससे पहले वे इंडिया न्यूज़ और स्पोर्ट्सविकी जैसे प्रतिष्ठित प्लेटफॉर्म्स के साथ भी काम कर चुके हैं। क्रिकेट, कबड्डी और अन्य खेलों की बारीकियों को गहराई से समझना और उन्हें आसान व रोचक अंदाज में पाठकों तक पहुंचाना उनकी खासियत है। खेल जगत के साथ साथ पॉलिटिक्स की हर हलचल पर उनकी पैनी नजर रहती है।

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