The Hundred 2026 के ऑक्शन से पहले रिपोर्ट आई है कि भारत से जुड़े फ्रेंचाइजी पाकिस्तानी खिलाड़ियों को साइन नहीं करना चाहतीं।
The Hundred 2026 सीजन शुरू होने से पहले ही बड़े विवाद में घिर गया है। एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भारत से जुड़े मालिकों वाली चार फ्रेंचाइजी अगले महीने होने वाले ऑक्शन में पाकिस्तानी खिलाड़ियों को साइन करने पर विचार नहीं करेंगी।
इस खबर के सामने आने के बाद क्रिकेट जगत में बहस छिड़ गई है, क्योंकि इस टूर्नामेंट को दुनिया भर के खिलाड़ियों के लिए खुला मंच माना जाता है।
The Hundred 2026 में भारतीयों की स्वामित्व वाली टीमों पर क्या आरोप लगे
रिपोर्ट के अनुसार Manchester Super Giants, MI London, Southern Brave और Sunrisers Leeds जैसी टीमें पाकिस्तानी खिलाड़ियों में रुचि नहीं दिखा सकतीं। इन फ्रेंचाइजियों में से कई कंपनियां ऐसी हैं जो आईपीएल टीमों से भी जुड़ी हुई हैं।
भारत और पाकिस्तान के बीच राजनीतिक तनाव को इस फैसले की बड़ी वजह माना जा रहा है। हालांकि आधिकारिक तौर पर किसी टीम ने ऐसा बयान नहीं दिया है।
ECB की पहले की नीति क्या थी
The Hundred के निजी निवेशकों को नियंत्रण मिलने से पहले ECB के मुख्य कार्यकारी रिचर्ड गोल्ड ने कहा था कि खिलाड़ियों को उनकी राष्ट्रीयता के आधार पर बाहर नहीं किया जाएगा।
इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड की एंटी-डिस्क्रिमिनेशन नीति भी यही कहती है कि किसी खिलाड़ी के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए। अगर ऐसा होता है तो कार्रवाई की जा सकती है।
पहले भी खेल चुके हैं पाकिस्तानी खिलाड़ी
The Hundred के 2021 से शुरू होने के बाद कई पाकिस्तानी खिलाड़ी इस लीग में हिस्सा ले चुके हैं। इनमें मोहम्मद आमिर, इमाद वसीम, शाहीन अफरीदी, शादाब खान और हारिस रऊफ जैसे नाम शामिल हैं।
इस साल पाकिस्तान की टेस्ट टीम वेस्टइंडीज दौरे पर रहेगी, लेकिन सीमित ओवरों के खिलाड़ी टूर्नामेंट के लिए उपलब्ध हो सकते हैं।
अन्य लीग में भी नहीं मिला मौका
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि आईपीएल से जुड़े मालिकों वाली टीमों ने दूसरी टी20 लीग में भी पाकिस्तानी खिलाड़ियों को साइन नहीं किया है।
दक्षिण अफ्रीका की SA20, यूएई की ILT20 और अमेरिका की Major League Cricket जैसी लीगों में भी भारतीय स्वामित्व वाली टीमों ने पाकिस्तान के खिलाड़ियों से दूरी बनाए रखी है।
बयान और प्रतिक्रियाएं
एक एजेंट ने दावा किया कि फ्रेंचाइजियां पाकिस्तानी खिलाड़ियों को लेना चाहती हैं, लेकिन राजनीतिक दबाव के कारण ऐसा नहीं कर पातीं। हालांकि इस तरह की बातों को सार्वजनिक रूप से स्वीकार नहीं किया जाता।
वहीं ECB के प्रवक्ता ने कहा कि The Hundred दुनिया भर के खिलाड़ियों का स्वागत करता है और उम्मीद है कि सभी टीमें अलग अलग देशों के खिलाड़ियों को शामिल करेंगी।
कुछ क्रिकेट विशेषज्ञों और कमेंटेटरों ने इस मुद्दे पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है और इसे खेल की भावना के खिलाफ बताया है।
The Hundred 2026 शुरू होने से पहले यह विवाद टूर्नामेंट की छवि पर असर डाल सकता है। अब देखना होगा कि ऑक्शन के दौरान वास्तव में पाकिस्तानी खिलाड़ियों को मौका मिलता है या नहीं और यह मामला आगे किस दिशा में जाता है।
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