भारत के 14 साल के युवा बल्लेबाज़ वैभव सूर्यवंशी जब भी ग्राउंड पर उतरते हैं, कोई न कोई रिकॉर्ड अपने नाम कर लेते हैं। अब वह अंडर-19 वर्ल्ड कप में खेलते हुए नज़र आएंगे, जिसकी शुरुआत 15 जनवरी से होनी है। यह टूर्नामेंट जिम्बाब्वे और नामीबिया की संयुक्त मेज़बानी में खेला जाएगा। भारत के मैचों में सभी की नज़रें एक बार फिर वैभव सूर्यवंशी पर टिकी होंगी।
इस अंडर-19 वर्ल्ड कप में वैभव के सामने दो बड़े रिकॉर्ड तोड़ने का मौका रहेगा। वह भारत के शिखर धवन और साउथ अफ्रीका के डेवाल्ड ब्रेविस के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ सकते हैं।
वैभव एक वर्ल्ड कप एडिसन में सबसे ज्यादा छक्के का रिकॉर्ड कर सकते हैं नाम

बिहार के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी एक आक्रामक ओपनर के तौर पर जाने जाते हैं। वह पारी की शुरुआत से ही बड़े शॉट खेलने में भरोसा रखते हैं और ज़्यादातर रन चौके-छक्कों की मदद से बनाते हैं।
अगर वैभव इस अंडर 19 वर्ल्ड कप में 19 छक्के लगा देते हैं, तो वह एक ही अंडर-19 वर्ल्ड कप में सबसे ज़्यादा छक्के लगाने वाले बल्लेबाज़ बन जाएंगे। अभी यह रिकॉर्ड साउथ अफ्रीका के बल्लेबाज डेवाल्ड ब्रेविस के नाम है, जिन्होंने 2022 के अंडर-19 वर्ल्ड कप में 18 छक्के लगाए थे।
सबसे ज्यादा रन का रिकॉर्ड भी तोड़ सकते हैं वैभव
इसके अलावा वैभव एक और बड़ा रिकॉर्ड तोड़ सकते है। अंडर-19 वर्ल्ड कप में सबसे बेहतर स्ट्राइक रेट से रन बनाने का रिकॉर्ड फिलहाल भारत के दिग्गज ओपनर शिखर धवन के नाम दर्ज है।
धवन ने साल 2004 के अंडर-19 वर्ल्ड कप में 93.51 की स्ट्राइक रेट से 505 रन बनाए थे। वैभव का स्ट्राइक रेट ज़्यादातर मैचों में 100 से ऊपर रहता है, ऐसे में वह इस रिकॉर्ड को भी तोड़ सकते हैं।
वैभव की हालिया फॉर्म भी है जबरदस्त
वैभव हाल ही में साउथ अफ्रीका के खिलाफ यूथ वनडे सीरीज़ में खेलते हुए दिखे थे, जहां उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया। सीरीज़ के आखिरी मैच में उन्होंने 127 रन की बेहतरीन पारी खेली थी।
वहीं स्कॉटलैंड के खिलाफ वार्म-अप मैच में उन्होंने 50 गेंदों पर 96 रन बनाए थे। हालांकि इंग्लैंड अंडर-19 के खिलाफ वार्म-अप मैच में वह सिर्फ 1 रन ही बना सके। वैभव की हालिया फॉर्म भी काफी शानदार हैं और वो अगर अपनी लय में रहते हैं तो वो एक एडिसन में सबसे ज्यादा रन बनाने के रिकॉर्ड को अपने नाम कर सकते हैं।
भारतीय टीम पिछली बार फाइनल में पहुंची थी जहाँ उन्हें ऑस्ट्रेलिया के हाथों हार का सामना करना पड़ा था लेकिन इस बार उनकी निगाह खिताब जीतने पर होगी। आयुष म्हात्रे की कप्तानी में टीम इंडिया ज़िम्बाब्वे और नामीबिया में परचम लहराना चाहेगी।

