पूर्व भारतीय कप्तान विराट कोहली ने टेनिस और क्रिकेट की तुलना करते हुए एक दिलचस्प बयान दिया है। उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच वर्ल्ड कप मुकाबलों में जो दबाव होता है, वह वैसा ही होता है जैसा टेनिस खिलाड़ियों को ग्रैंड स्लैम के दौरान महसूस होता है। कोहली इन दिनों लंदन में हैं और हाल ही में उन्होंने विंबलडन 2025 में अपनी पत्नी अनुष्का शर्मा के साथ शिरकत की।
स्टार स्पोर्ट्स से बातचीत में कोहली ने कहा कि टेनिस खिलाड़ी जिस स्तर के मानसिक और शारीरिक दबाव में ग्रैंड स्लैम जैसे बड़े टूर्नामेंट खेलते हैं, वह काबिल-ए-तारीफ है। उन्होंने कहा,
“हम क्रिकेटर्स को कभी-कभार वर्ल्ड कप या भारत-पाकिस्तान जैसे मुकाबलों में इतना दबाव झेलना पड़ता है, लेकिन टेनिस खिलाड़ी यह दबाव हर ग्रैंड स्लैम में, खासकर क्वार्टरफाइनल से फाइनल तक लगातार झेलते हैं। यह बहुत बड़ा मानसिक बोझ होता है।”
“दबाव में पैर कांपने लगते हैं” – कोहली
विराट ने आगे कहा कि, “जब कोई खिलाड़ी भारत-पाक जैसे मुकाबलों में उतरता है, तो पैर कांपने लगते हैं। यह अनुभव काफी डराने वाला होता है।”
उन्होंने यह भी कहा कि टेनिस खिलाड़ी जिस शांति और फिटनेस के साथ मुकाबले में टिके रहते हैं, उसके लिए उन्हें बहुत सम्मान देता हूं।
कोहली के मुताबिक टेनिस खिलाड़ी न सिर्फ मानसिक रूप से मजबूत होते हैं, बल्कि उनकी फिटनेस और निरंतरता भी कमाल की होती है। उन्होंने कहा कि टेनिस का एकल फॉर्मेट खिलाड़ियों को लगातार खुद पर निर्भर करता है, जिससे दबाव और बढ़ जाता है।
जोकोविच को बताया फेवरेट, अल्काराज़ से फाइनल की उम्मीद
कोहली ने इस मौके पर यह भी बताया कि वह इस साल विंबलडन में नोवाक जोकोविच को सपोर्ट कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह जोकोविच के संपर्क में रहते हैं और दोनों के बीच मैसेज का आदान-प्रदान भी होता रहा है।
कोहली ने कहा, “मैं नोवाक से जुड़ा हुआ हूं, हम कुछ बार एक-दूसरे से मैसेज पर बात कर चुके हैं। वह काफी विनम्र और अच्छे इंसान हैं।”
भारतीय क्रिकेट स्टार ने यह भी कहा कि उनका ड्रीम फाइनल नोवाक जोकोविच और कार्लोस अल्काराज़ के बीच होना चाहिए, जिसमें जोकोविच 25वां ग्रैंड स्लैम जीतें।
“जोकोविच के लिए ये जीत ऐतिहासिक होगी” – कोहली
विराट ने कहा कि इस उम्र में जोकोविच अगर एक और ग्रैंड स्लैम जीतते हैं, तो यह उनके करियर के लिए बेहद खास और ऐतिहासिक पल होगा।
उन्होंने कहा, “अगर नोवाक यह खिताब जीतते हैं तो GOAT (ग्रेटेस्ट ऑफ ऑल टाइम) बनने की चर्चा और भी मजबूत होगी। वो इस सम्मान के हकदार हैं।”
क्रिकेट और टेनिस के बीच गहराता संबंध
विराट कोहली की यह टिप्पणी यह भी दिखाती है कि कैसे आधुनिक दौर में अलग-अलग खेलों के बीच सम्मान और समझदारी का रिश्ता बढ़ रहा है। क्रिकेट जैसे टीम स्पोर्ट में दबाव के पल कई बार बंट जाते हैं, लेकिन टेनिस एक ऐसा खेल है, जहां खिलाड़ी को हर चुनौती का सामना अकेले करना होता है।
विराट कोहली के इस बयान को खेल प्रेमियों और खिलाड़ियों ने सकारात्मक रूप में लिया है, और इससे क्रिकेट और टेनिस जैसे बड़े खेलों की आपसी समझ और भी गहरी हुई है।
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