क्रिकेट में अगर कोई बल्लेबाज़ बिना रन बनाए पवेलियन लौट जाता है, और यह आउट पहली ही गेंद पर हो जाए, तो उसे गोल्डन डक कहा जाता है। क्रिकेट प्रेमी इसके बारे में इसलिए बात करते हैं क्योंकि यह किसी भी बल्लेबाज़ के लिए बुरे सपने जैसा होता है। इस घटना के बाद खेल की गति पूरी तरह से बदल सकती है। बड़े-बड़े खिलाड़ी भी पहली गेंद पर इसका शिकार हो चुके हैं। इस लेख में हम गोल्डन डक का मतलब, इसका इतिहास और इससे जुड़े रिकॉर्ड्स के बारे में विस्तार से बताएंगे।
डक क्या होता है?
क्रिकेट में डक(duck) का मतलब होता है बल्लेबाज़ का बिना कोई रन बनाए आउट होना। यह शब्द बत्तख के अंडे के आकार से लिया गया है, जो शून्य जैसा दिखता है। समय के साथ, यह शब्द क्रिकेट की भाषा का हिस्सा बन गया है, और आज यह आउट होने की स्थिति के लिए सबसे आम शब्दों में से एक बन चुका है। चाहे बल्लेबाज़ पहली गेंद पर आउट हो या दसवीं गेंद पर, अगर उसका स्कोर शून्य है, तो वह डक कहलाता है।
सिल्वर, ब्रॉन्ज और लाफिंग डक क्या होते हैं?
जब कोई बल्लेबाज़ दूसरी गेंद पर बिना रन बनाए आउट होता है, तो उसे सिल्वर डक कहा जाता है। अगर बल्लेबाज़ तीसरी गेंद पर शून्य के स्कोर पर आउट हो, तो उसे ब्रॉन्ज डक कहा जाता है। लाफिंग डक वह होता है जब बल्लेबाज़ बिना रन बनाए आउट हो जाता है और उसी के साथ टीम की पारी भी समाप्त हो जाती है। हालाकि यह शब्द कम ही सुनने को मिलते हैं।
क्रिकेट में गोल्डन डक क्या है?
जब कोई बल्लेबाज़ पहली ही गेंद पर बिना रन बनाए आउट हो जाए, तो इसे गोल्डन डक कहा जाता है। यह डक का सबसे तीव्र रूप होता है, क्योंकि खिलाड़ी को अपनी पारी जमाने या आगे बढ़ाने का कोई मौका नहीं मिलता।
डक से जुड़े प्रमुख बिंदु
- अगर कोई बल्लेबाज़ पहली गेंद पर आउट हो जाता है और रन नहीं बनाता, तो उसे गोल्डन डक (Golden Duck) कहा जाता है। आउट का तरीका कुछ भी हो सकता है बोल्ड, एलबीडब्ल्यू, कैच या रन आउट
- दूसरी गेंद पर बिना रन बनाए आउट होना सिल्वर डक (Silver Duck) कहलाता है।
- तीसरी गेंद पर शून्य पर आउट होने को ब्रॉन्ज डक (Bronze Duck) कहते हैं।
- अगर बल्लेबाज़ शून्य पर आउट हो और उसी के साथ पारी भी समाप्त हो जाए, तो यह लाफिंग डक (Laughing Duck) कहलाता है।
क्रिकेट इतिहास में गोल्डन डक पर आउट होने वाले प्रसिद्ध खिलाड़ी
- सचिन तेंदुलकर – 1999 विश्व कप में पाकिस्तान के खिलाफ शोएब अख़्तर की पहली गेंद पर बोल्ड हुए।
- रिकी पोंटिंग – 2011 वर्ल्ड कप फाइनल में भारत के खिलाफ गोल्डन डक पर आउट हुए।
- विराट कोहली – टी20 विश्व कप 2021 में पाकिस्तान के खिलाफ पहली ही गेंद पर कैच आउट हुए।
- क्रिस गेल – कई बार गोल्डन डक का शिकार हो चुके हैं।
क्रिकेट में कई खिलाड़ियों के नाम गोल्डन डक का रिकॉर्ड शामिल है।
टेस्ट में सबसे ज़्यादा गोल्डन डक
- मुथैया मुरलीधरन- 33
- कोर्टनी वॉल्श – 31
- जेम्स एंडरसन- 28
- क्रिस मार्टिन- 26
- ग्लेन मैकग्राथ- 25
वनडे में सर्वाधिक गोल्डन डक
- लसिथ मलिंगा- 13
- सनथ जयसूर्या- 11
- शाहिद अफरीदी- 10
- वसीम अकरम- 10
- महेला जयवर्धने- 9
टी20 इंटरनेशनल में सर्वाधिक गोल्डन डक
- तिलकरत्ने दिलशान- 9
- पॉल स्टर्लिंग- 8
- एरॉन फिंच- 8
- तमीम इकबाल- 7
- केविन ओ’ब्रायन- 7
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सभी प्रारूपों को मिलाकर सबसे ज्यादा डक प्राप्त करने वाले खिलाड़ी श्रीलंका के पूर्व दिग्गज मुथैया मुरलीधरन (59) हैं। कर्टनी वाल्श (54) और सनथ जयसूर्या (53) ही 50 से अधिक बार डक पर आउट हुए हैं। भारतीय खिलाड़ियों की बात करें तो जहीर खान (44) सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय मैचों में डक पर पवेलियन लौटे हैं। उनके बाद इस सूची में ईशांत शर्मा (40) हैं।

