Thursday, January 22

Paris Olympics: भारत ने पेरिस ओलंपिक 2024 में कई ऐतिहासिक उपलब्धियां प्राप्त की हैं। इस दौरान कई ऐसे मौके आए जब भारत पदक जीतने से मामूली अंतर से चूक गया, भारत ने इस ओलंपिक में कई शानदार रिकार्ड भी बनाएं हैं। आइए नजर डालते हैं भारत के द्वारा बनाएं गए इन रिकॉर्डो पर।

कौन कहता है कि आसमान में सुराग हो नहीं सकता, एक पत्थर तो तबीयत से उछालो यारो। यह केवल एक प्रेरणादायक वाक्य नहीं है बल्कि यह जज्बा है उन खिलाड़ियों का जो अपने देश के लिए जी-जाँ लगाकर मेडल के लिए खेलते हैं। दरअसल, पेरिस ओलंपिक में भारत की ओर से कुश्ती में चुनौती पेश कर रहे, एकमात्र पुरुष पहलवान अमन शेरावत ने शुक्रवार को 57 किलोग्राम फ्रीस्टाइल वर्ग में ब्रांज मेडल जीत कर इतिहास रच दिया। ओलंपिक में पर्दार्पण कर रहे अमन ने दमदार प्रदर्शन करते हुए डेरियन क्रम को एक तरफा मुकाबले में हरा दिया और साल 2008 से कुश्ती में भारत के पदक जीतने के क्रम को जारी रखा। 

Paris Olympics: इंडिविजुअल इवेंट में भारत के अमन शेरावत के नाम दर्ज हुआ यह रिकॉर्ड

Paris Olympics: पेरिस ओलंपिक में भारत के नाम दर्ज हुआ यह खास रिकॉर्ड
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21 वर्षीय अमन ओलंपिक में केडी यादव, सुशील कुमार, योगेश्वर दत्त, बजरंग पुनिया, रवी दहिया और साक्षी मलिक के बाद पदक जीतने वाले भारत के सातवें पहलवान है। 1952 में हेलेंस की ओलंपिक में केडी जाधव के ब्रांज जीतने के बाद भारत को दूसरा पदक साल 2008 बीजिंग ओलंपिक में मिला था, जब सुशील कुमार ने 56 साल बाद भारत को यह पदक दिलाया था और तब से भारत ने हर ओलंपिक में कुश्ती में पदक जीता है। इसे बरकरार रख अमन ने खुद को अनमोल साबित कर दिया। 21 साल 24 दिन के अमन ओलंपिक में पदक जीतने वाले सबसे कम उम्र के भारतीय खिलाड़ी बन गए।

 बता दें कि, पहले यह रिकॉर्ड पीवी सिंधु के नाम था, जिन्होंने साल 2016 रियो ओलंपिक में 21 वर्ष 1 महीने और 14 दिन की उम्र में सिल्वर मेडल भारत को दिलाया था। अमन ने गुरुवार को सेमीफाइनल में जापान के शीर्ष वरीय रे हिंगुची के विरुद्ध 10-0 से हार से पहले अपने दोनों मुकाबले बहुत ही बहादुरी से खेला लेकिन दुर्भाग्य से उनको इस मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा। भारत ने पेरिस में छह पहलवानों को भेजा था, जिनमें से सिर्फ अमन ही एक ऐसे  पहलवान थे जो भारत को इस इवेंट में पदक दिलाने में कामयाब रहे।

Paris Olympics: कुश्ती में ओलंपिक पदक :

ओलंपिक                      पहलवान                                                    पदक 

1952                           केडी जाधव                                             ब्रॉन्ज मेडल 

2008                         सुशील कुमार                                           ब्रॉन्ज मेडल 

2012                        सुशील कुमार                                             सिल्वर मेडल 

2012                        योगेश्वर दत्त                                                ब्रॉन्ज मेडल 

2016                        साक्षी मलिक                                             ब्रॉन्ज मेडल 

2021                        रवि दहिया                                                सिल्वर मेडल 

2021                        बजरंग पुनिया                                           ब्रॉन्ज मेडल 

2024                       अमन शहरावत                                         ब्रॉन्ज मेडल 

Paris Olympics: 1972 के म्यूजिक के बाद पहली बार भारत में पुरुष हॉकी में लगातार जीते दो ओलंपिक मेडल

Paris Olympics: पेरिस ओलंपिक में भारत के नाम दर्ज हुआ यह खास रिकॉर्ड
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भारतीय की टीम के सीनियर खिलाड़ी मनप्रीत सिंह ने शनिवार को कहा कि, ओलंपिक में स्वर्ण पदक नहीं जीत पाना निराशाजनक था लेकिन लगातार दूसरा ब्रांज मेडल जीतना बुरा नहीं है। आठ बार की ओलंपिक चैंपियन भारतीय टीम ने टोक्यो के बाद पेरिस ओलंपिक में भी ब्रांज मेडल जीता। 

भारत ने अंतिम बार ओलंपिक में हॉकी का स्वर्ण 1980 में जीता था

 मनप्रीत ने कहा बहुत अच्छा लग रहा है पिछली बार हमने ब्रांच मेडल जीता था और इस बार भी जीता टीम फाइनल खेलने के इरादे से गई थी लेकिन जीत नहीं सकी। हमने ब्रॉन्ज जीता और इतना प्यार पाकर अच्छा लग रहा है। मनप्रीत की टीम मानसिक रूप से बहुत मजबूत थी इसके कारण ब्रिटेन के विरुद्ध क्वार्टर फाइनल में 42 मिनट तक 10 खिलाड़ियों के साथ खेल कर जीत दर्ज की।

उसके बाद भारतीय हॉकी के कप्तान मनप्रीत सिंह ने यह भी कहा कि हमें इस तरह के हालात में खेलने की ट्रेनिंग मिली थी। अमित रोहिदास की कोई गलती नहीं थी लेकिन उन्हें रेड कार्ड मिला। उन्होंने कहा टीम ने डिफेंस में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया हमने उन्हें अधिक अवसर नहीं दिए।

पेनल्टी कार्नर भी हमने बखूबी बचाए, अपना अंतिम टूर्नामेंट खेल चुके गोलकीपर पीआर बृजेश के बारे में उन्होंने कहा कि बृजेश के बारे में क्या कहूं उनके साथ 13 वर्ष बिताएं हैं वह मेरे सीनियर थे और हमेशा उन्होंने मुझे गाइड किया है। 

Paris Olympics: एकल सेमीफाइनल में पहुंचने वाले पहले भारतीय पुरुष बैडमिंटन खिलाड़ी बने  

Paris Olympics: पेरिस ओलंपिक में भारत के नाम दर्ज हुआ यह खास रिकॉर्ड
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लक्ष्य सेन पहला गेम जीतने और दूसरे में बढ़त बनाने के बावजूद बैडमिंटन की पुरुष एकल स्पर्धा के ब्रांज मेडल के प्लेयर मुकाबले में मलेशिया की लीजा जिया के विरुद्ध दो गेम में हार कर इस स्पर्धा में पदक जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बनने से चूक गए। इस दौरान लक्ष्य सेन के दाहिने हाथ की कोने पर लगी चोट से खून निकलने लगा।

Paris Olympics: हालांकि मैच रोककर उनकी पट्टी की गई थी पर इससे पहले वह बहुत परेशान दिख रहे थे। सेमीफाइनल की तरह ब्रॉन्ज मेडल प्लेऑफ में भी विश्व के 22वें नंबर के खिलाड़ी लक्ष्य सेन ने बढ़त गवां दी और उन्हें 71वें मिनट तक चले इस मुकाबले में विश्व के सातवें नंबर खिलाड़ी लीग के विरुद्ध 21-13, 16-21, 11-13 से हार का सामना करना पड़ा था।

इस हार के साथ लक्ष्य साइना नेहवाल और पीवी सिंधु के बाद ओलंपिक पदक जीतने वाले तीसरे भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी बनने का अवसर भी गंवा दिया था। उन्होंने इससे पहले साइना के 2012 लंदन ओलंपिक में ब्रांज मेडल और पीवी सिंधु ने 2016 रियो ओलंपिक में रजत और टोक्यो ओलंपिक में ब्रांज मेडल जीता था। राष्ट्रमंडल खेलों के स्वर्ण पदक विजेता लक्ष्य की लीज के विरुद्ध 6 मैचों में यह दूसरी हार है। लक्ष्य रविवार को अंतिम चार के मुकाबले में स्वर्ण पदक विजेता एक लेसन के विरुद्ध भी हार का सामना करना पड़ा था। 

Paris Olympics: 52 वर्षों के ओलंपिक इतिहास में भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने पहली बार ऑस्ट्रेलिया को हराया

Paris Olympics: पेरिस ओलंपिक में भारत के नाम दर्ज हुआ यह खास रिकॉर्ड
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Paris Olympics: 1928 में भारतीय हॉकी टीम पहली बार ओलंपिक में उतरी थी तब हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की अगुवाई में एम्सरडम से शुरू हुआ। यूं तो जीतने का सिलसिला 1956 तक जारी रहा। यह दौरा भारतीय हॉकी का स्वर्णिम काल कहा जाता है, तब भारत ने लगातार 6 गोल्ड मेडल जीते थे इसके बाद हॉकी टीम ने 1960 में रजत, 1968 और 1972 में ब्रांज मेडल जीता था। 1976 मॉन्ट्रियल ओलंपिक में पहली बार घास की जगह एस्ट्रोटर्फ पर हॉकी खेली गई थी। यहां से यूरोपीय देशों का उदय शुरू हुआ। 

भारत ने अंतिम शौर्य 1980 में जीता था। पेरिस ओलंपिक में भारतीय हॉकी टीम ने जिस तरह से खेल का प्रदर्शन किया है वह बहुत ही शानदार रहा ग्रुप चरण में पहले मैच में न्यू को हराया तो दूसरे मैच में अर्जेंटीना के साथ एक-एक से ड्रा खेला वहीं तीसरे मैच की बात करें तो भारतीय हॉकी टीम ने आयरलैंड को भी हरा दिया था। तीन मैचों में अपराजेय रही भारतीय टीम को पहले हार बेल्जियम से मिली।

भारत ने ऑस्ट्रेलिया को हराया था। यह 52 सालों में उसकी ओलंपिक में ऑस्ट्रेलिया हॉकी टीम पर पहली जीत थी। इस जीत से 52 सालों के ओलंपिक इतिहास के पन्नों को भारतीय हॉकी टीम ने एक बार फिर से तख्ता पलट कर दिया।

ओलंपिक के संस्करण में किसी एक खेल में सर्वाधिक मेडल जीतने का रिकॉर्ड

Paris Olympics: पेरिस ओलंपिक में भारत के नाम दर्ज हुआ यह खास रिकॉर्ड
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Paris Olympics: भारतीय निशानेबाज महेश्वरी चौहान और अनंत जीत सिंह नरूका पेरिस ओलंपिक स्किट मिक्स टीम स्पर्धा में ब्रांज मेडल के मुकाबले में चीन की हिटिंग जियांग और लाइव ज्ञान लिंग की जोड़ी से सिर्फ एक अंक से हार का सामना करना पड़ा। भारतीय जोड़ी को 48 निशाने के फाइनल मैच में  हार का सामना करना पड़ा था। माहेश्वरी अपने 24 निशानों में से तीन में चूक गई थी जबकि नरूका दो निशाने चुक गई थी। 

वही जियांग ने अपने 24 में से 24 शॉट लगाकर इसकी भरपाई कर दी थी। भारतीय जोड़ी क्वालिफिकेशन के पहले चरण के बाद 49 अंक लेकर संयुक्त स्थान पर थी। पहले दौर में नरूका ने 25 में से 25 और माहेश्वरी ने 24 अंक बनाए थे, दूसरे दौर में माहेश्वरी ने 25 अंक बनाए लेकिन नरूका दूसरी ओर पांचवी सीरीज में 23 अंक ही बना सकी। इसी के साथ भारतीय जोड़ी से पदक मिलने की आशाएं पूरी तरह से ध्वस्त हो गई।

Paris Olympics: मनिका बत्रा बनी ओलंपिक सिंगल्स वर्ग के फ्री फाइटर फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय टेबल टेनिस खिलाड़ी 

स्टार खिलाड़ी मनिका बत्रा की अगवाई में भारत ने पेरिस ओलंपिक की महिला टेबल टेनिस की स्पर्धा में अपने से ऊंची रैंकिंग वाले रोमानिया को रोमांचक मुकाबले में तीन दिनों से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाया था। भारत ने 20 से आगे चल रहे इस मुकाबले में बढ़त बनाकर रखा था लेकिन रोमानिया ने वापसी करते हुए दो-दो से बराबरी प्राप्त कर ली थी। 

इस निर्णायक मुकाबले में मनिका ने जीत दर्ज करके टीम के आशाओं को जीवित रखा। श्रीजाअकुला और अर्चना कामत ने डबल्स मैच में एडिना दायकोनू और एलिजाबेटा समारा पर 11- 9, 12-10, 11-7, से जीत दर्ज करके मुकाबले की शुरुआत की थी।

Paris Olympics: अमन से बोले मोदी आपका जीवन प्रेरणा बनेगा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रांज मेडल जीतने वाले पहलवान अमन शेरावत से फोन पर बातचीत करके उनको शुभकामनाएं व्यक्त की:  

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि, “अमन आपको बहुत-बहुत बधाई आपने अपने नाम के अनुसार सारे देश का मन भर दिया है आपका जीवन देशवासियों के लिए बहुत प्रेरक है आपके पास अभी बहुत लंबा समय है और मुझे और पूरे भारतवासियों को उम्मीद है कि आप देश को खुशियों से भर देंगे आपने बहुत संघर्ष किया है माता-पिता को खोने के बाद आप बाद में भी डटे रहे आपका जीवन लोगों के लिए प्रेरणादायक बनेगा।”

Paris Olympics: आजादी के बाद एक ओलंपिक में दो पदक जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनी मनु भाकर 

Paris Olympics: पेरिस ओलंपिक में भारत के नाम दर्ज हुआ यह खास रिकॉर्ड
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पेरिस ओलंपिक में दो ब्रांज मेडल जीत कर इतिहास रचने वाली निशानेबाज मनु भाकर को होने वाले समापन समारोह में भारत की ध्वजवाहक होंगे। मनु ने पेरिस ओलंपिक 2024 के 10 मीटर एयर पिस्टल में ब्रांज मेडल जीतकर ओलंपिक में भारत का खाता खोला था।

इस तरह से वह ओलंपिक में पदक जीतने वाली पहली भारतीय निशानेबाज बनी थी इसके बाद उन्होंने सरबजीत सिंह के साथ मिलकर 10 मीटर एयर पिस्टल में मिक्स टीम का ब्रांज मेडल भी अपने नाम किया था।

Paris Olympics: भारतीय ओलंपिक संघ के एक अधिकारी ने कहा कि मनु को ध्वजवाहक के रूप में चुना गया है, उन्होंने बेजोड़ प्रदर्शन किया और वह इसकी हकदार भी हैं। बता दें कि मनु भाकर स्वतंत्र भारत की पहले एथलीट बनी जिन्होंने ओलंपिक के एक संस्करण में दो पदक जीते साथ ही मनु भाकर ओलंपिक में पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला शूटर भी बनी।

मनु भाकर सरबजीत सिंह ने ओलंपिक में भारत का पहला निशानेबाजी टीम पदक जीता यह भारत के लिए बहुत ही गर्व की बात है और इस जोड़ी से भारतीय फैंस और भारतवासियों को उम्मीद है कि आने वाले अगले ओलंपिक में यह भारत को और कई सारे मेडल दिला सकते हैं।

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Sports Content Writer शिव मंगल सिंह (Shiv Mangal Singh) एक स्पोर्ट्स कंटेंट राइटर हैं, जो खेलों की दुनिया की बारीकियों को समझने और उसे सरल, सटीक और प्रभावशाली अंदाज में पेश करने के लिए जाने जाते हैं। वे क्रिकेट, फुटबॉल, टेनिस और अन्य खेलों की ख़बरें लिखने में महारत रखते हैं। उनकी लेखनी का उद्देश्य पाठकों को ताजा और सटीक जानकारियों के साथ अपडेट रखना है।

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