FIFA World Cup 2026: ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव का अब फीफा फुटबॉल विश्व कप 2026 पर भी असर पड़ सकता है। क्यूंकि इस साल फुटबॉल विश्व कप का आयोजन होने वाला है। लेकिन इससे पहले अब इजराइल और अमेरिका द्वारा ईरान पर हमले के बाद बढ़े तनाव के चलते अब इसका असर वैश्विक टूर्नामेंट पर भी पड़ सकता है। वहीं इस बीच आ रही मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ईरान इस टूर्नामेंट का बहिष्कार कर सकता है।
जारी तनाव को लेकर ईरान कर सकता है फुटबॉल विश्व का बहिष्कार :-
ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव का अब फीफा फुटबॉल विश्व कप 2026 पर भी असर पड़ सकता है। क्यूंकि इसी साल फीफा विश्व कप 2026 का आयोजन अमेरिका, मैक्सिको और कनाडा में 11 जून से 19 जुलाई तक होना है।

इससे पहले अब अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव उस समय ज्यादा बढ़ गया था जब इस्राइल और अमेरिका ने बीते शनिवार को ईरान पर हमला कर दिया। इसके बाद बीते दिन रविवार को ईरान ने बताया कि इस हमले में उसके सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई की मृत्यु हो गई है।
जारी तनाव को लेकर बढ़ी सभी की चिंता :-
इसके चलते हुए अब इजराइल और अमेरिका ने ईरान के खिलाफ संयुक्त सैन्य अभियान दूसरे दिन भी जारी रखा था। इसके अलावा ईरान ने भी इन हमलों के जवाब में पश्चिम एशिया क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया है। वहीं अब खामेनेई की मृत्यु के बाद जिस तरह से इस संघर्ष ने नया मोड़ ले लिया है उससे ऐसा माना जा रहा है कि तीनों ही देश कई दिनों तक जंग में उलझे रह सकते हैं।

इसके अलावा एक तरफ जहां इस्राइल-अमेरिका क्षेत्र में अपने फाइटर जेट्स, ड्रोन्स और नौसैनिक ताकत से ईरान को घेरने की कोशिश में जुटे हैं। तो दूसरी तरफ ईरान भी बैलिस्टिक मिसाइलों के जखीरे से पलटवार में लगा हुआ है। इसके अलावा अब ईरान ने इन खतरों को भांपते हुए वैश्विक व्यापार के लिए सबसे संवेदनशील होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया है। इस बीच अब यह माना जा रहा है कि ईरान का यह कदम पूरी दुनिया को बुरी तरह प्रभावित कर सकता है।
ईरान ने लगातार चौथी बार किया है क्वालिफाई :-
इसके अलावा ईरान ने लगातार चौथी बार फीफा विश्व कप के लिए क्वालिफाई किया है। क्यूंकि पिछले साल दिसंबर में वॉशिंगटन में हुए लॉटरी ड्रॉ में उसका नाम शामिल किया गया था। वहीं ईरान की टीम को अपने सभी ग्रुप चरण के मैच अमेरिका में खेलने हैं। इसके चलते हुए ईरान अपना पहला मैच 15 जून को लॉस एंजिल्स में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेलने वाला है। इसके बाद फिर यह टीम अपना दूर मैच 21 जून को बेल्जियम के खिलाफ खेलेगी।

इसके बाद ईरान 26 जून को मिस्र की टीम के खिलाफ सिएटल में अपना मैच खेलेगा। लेकिन अब ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच जारी तनाव के बीच ईरानी फुटबॉल महासंघ के अध्यक्ष मेहदी ताज ने कहा है कि पिछले दो दिनों में जो कुछ हुआ है, उससे फीफा विश्व कप में अमेरिकी धरती पर खेलने पर विचार करना वास्तव में मुश्किल हो गया है। लेकिन उन्होंने कहा है कि अंतिम निर्णय आने वाले कुछ दिनों में लिया जाएगा और ईरान के खेल प्रमुख अपना फैसला सुनाएंगे।

इसके आगे मेहदी ताज ने स्पेन के एक समाचार पत्र मार्का से बातचीत में कहा है कि, “इस दौरान जो कुछ हुआ है और अमेरिका द्वारा किए गए उस हमले के बाद यह कहना मुश्किल है कि हम विश्व कप खेलने की उम्मीद कर सकते हैं। लेकिन इस बारे में हमारे देश के खेल अधिकारियों को ही फैसला लेना होगा।” वहीं अभी हाल के घटनाक्रमों के चलते ईरानी लीग को भी अगले आदेश तक निलंबित कर दिया गया है।
इस जारी पूरी स्थिति पर है फीफा की नजर :-
इसके अलावा अब फीफा के महासचिव मैटियस ग्राफस्ट्रॉम ने पुष्टि की है कि अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल संघ बोर्ड की बैठक वेल्स में हुई है। इस दौरान उन्होंने कहा है कि विश्व निकाय इस पूरी स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है। इस बीच ग्राफस्ट्रॉम ने मीडिया से कहा है कि, “हमारी एक बैठक हुई और अभी विस्तार से कुछ कहना जल्दबाजी होगी।

इसके अलावा हम दुनिया भर के सभी मुद्दों पर हो रहे घटनाक्रमों पर नजर रखेंगे। हमने वॉशिंगटन में फाइनल ड्रॉ आयोजित किया था इसमें सभी टीमें शामिल थीं और हमारा पूरा ध्यान सभी टीमों की भागीदारी के साथ एक सुरक्षित विश्व कप पर है। इसके अलावा अब हम हमेशा की तरह तीनों मेजबान सरकारों के साथ संवाद बनाए रखेंगे, क्यूंकि इससे पहले भी हम ऐसा ही करते आए हैं। इसके अलावा सभी सुरक्षित रहेंगे।
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