वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने लगातार नौवें बजट में केंद्रीय बजट 2026 के तहत भारत के एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स (AVGC) क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए अहम घोषणाएँ की हैं। बजट प्रस्ताव के अनुसार, देश के 15,000 सेकेंडरी स्कूलों और 500 उच्च शिक्षण संस्थानों में आधुनिक AVGC कंटेंट क्रिएशन लैब्स स्थापित की जाएंगी।
2030 तक AVGC इंडस्ट्री को लगभग 20 लाख कुशल पेशेवरों की जरूरत पड़ेगी। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए यह पहल छात्रों को शुरुआती स्तर से ही भविष्य की डिजिटल और क्रिएटिव नौकरियों के लिए तैयार करने का प्रयास है। इन प्रयोगशालाओं के विकास और क्रियान्वयन में भारतीय रचनात्मक प्रौद्योगिकी संस्थान (IICT), मुंबई की अहम भूमिका होगी।
इंडस्ट्री से मिली सकारात्मक प्रतिक्रिया
गेमिंग और डिजिटल क्रिएटिव सेक्टर से जुड़े प्रमुख उद्योग प्रतिनिधियों ने इस कदम की सराहना की है। नोडविन गेमिंग के को-फाउंडर और मैनेजिंग डायरेक्टर अक्षत राठी ने कहा कि यह निर्णय भारत की क्रिएटिव और डिजिटल टैलेंट इकोसिस्टम को मजबूती देगा, साथ ही ओरिजिनल आईपी और उच्च स्तर के गेम डेवलपमेंट को बढ़ावा देगा।
- अक्षत राठी ने कहा कि: इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज़ (IICT) को सरकार का समर्थन मिलना इस बात को दर्शाता है कि युवाओं को एनीमेशन, गेमिंग और स्टोरीटेलिंग जैसे उभरते क्षेत्रों में भविष्य के लिए तैयार करने पर खास ज़ोर दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि IICT के उद्घाटन समारोह का हिस्सा बनना उनके लिए सम्मान की बात रही।
उन्होंने आगे कहा कि NH7 Weekender और Comic Con India जैसे बड़े सांस्कृतिक आयोजनों के पीछे काम करने वाली उनकी टीम को लगातार ऐसी रचनात्मक और कुशल प्रतिभाओं की तलाश रहती है, जो दर्शकों को गहराई से जोड़ने वाले अनुभव तैयार कर सकें। बजट में की गई इस तरह की घोषणाएं न केवल टैलेंट पूल को बढ़ाएंगी।
अक्षत राठी के अनुसार, जब रचनात्मक तकनीकों तक पहुंच बेहतर होगी, तो भारत में स्थानीय संस्कृति से जुड़ा कंटेंट अधिक विकसित होगा, जिससे देश का AVGC इकोसिस्टम वैश्विक स्तर पर और मजबूत व प्रतिस्पर्धी बन सकेगा।
- अनिमेष अग्रवाल ने कहा कि: गेमिंग और ईस्पोर्ट्स में टीमों और व्यवसायों के निर्माण के अपने अनुभव के दौरान उन्होंने AVGC सेक्टर की तेज़ी से होती प्रगति को नज़दीक से देखा है। उनके मुताबिक, 2030 तक लगभग 20 लाख पेशेवरों की मांग का अनुमान इस क्षेत्र में मौजूद विशाल संभावनाओं को दर्शाता है, साथ ही यह उद्योग और शिक्षण संस्थानों पर भविष्य के लिए सक्षम टैलेंट तैयार करने की बड़ी जिम्मेदारी भी डालता है।
उन्होंने कहा कि इस दिशा में शुरू की गई पहलें युवाओं के लिए मजबूत और टिकाऊ करियर विकल्प तैयार करेंगी और भारत को एनीमेशन, गेमिंग और डिजिटल स्टोरीटेलिंग के क्षेत्र में वैश्विक केंद्र बनाने में सहायक होंगी। अनिमेष अग्रवाल का मानना है कि यदि सही प्रशिक्षण, आधुनिक तकनीक और उद्योग का सहयोग मिले, तो भारतीय प्रतिभाएं वैश्विक मंच पर प्रभावी ढंग से प्रतिस्पर्धा कर सकती हैं और AVGC सेक्टर देश की डिजिटल अर्थव्यवस्था की एक अहम नींव बन सकता है।
- विशाल पारेख ने बताया कि: AVGC सेक्टर में 2030 तक लगभग 20 लाख पेशेवरों की आवश्यकता होने का अनुमान है। ऐसे में यह पहल न केवल बड़े स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा करेगी, बल्कि युवाओं को गेमिंग, एनीमेशन और विज़ुअल टेक्नोलॉजी जैसे उच्च-मूल्य वाले करियर अपनाने के लिए भी सक्षम बनाएगी।
उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए वैश्विक मानकों के अनुरूप हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग संसाधनों तक पहुंच बेहद ज़रूरी है। उनके अनुसार, CyberPowerPC India इसे एक महत्वपूर्ण अवसर के रूप में देखता है, जिसके ज़रिए अगली पीढ़ी को ऐसे अत्याधुनिक टूल्स उपलब्ध कराए जा सकते हैं, जो उन्हें रचनात्मकता, प्रतिस्पर्धा और नेतृत्व के लिए तैयार करें।
विशाल पारेख ने यह भी कहा कि इस तरह की पहलों से नवाचार को बढ़ावा मिलेगा और भारत को एक वैश्विक क्रिएटिव व टेक्नोलॉजी पावरहाउस के रूप में स्थापित करने में मदद मिलेगी। उन्होंने AVGC इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए सरकार की दूरदर्शी सोच की सराहना की।
- सागर नायर के अनुसार: 2030 तक AVGC सेक्टर में लगभग 20 लाख पेशेवरों की ज़रूरत होने का अनुमान है। इस संदर्भ में 15,000 स्कूलों और 500 कॉलेजों में कंटेंट क्रिएटर लैब्स की स्थापना छात्रों को शुरुआती चरण से ही भविष्य-उन्मुख कौशलों से जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगी और उन्हें एनीमेशन, VFX, गेमिंग और कॉमिक्स जैसे क्षेत्रों में करियर चुनने के लिए प्रेरित करेगी।
उन्होंने कहा कि जब स्किल डेवलपमेंट को इनक्यूबेशन और उद्यमिता के स्पष्ट अवसरों से जोड़ा जाता है, तो भारत ऐसी पीढ़ी तैयार कर सकता है जो मौलिक बौद्धिक संपदा (ओरिजिनल IP) विकसित करने और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम हो।
सागर नायर के मुताबिक, यह समग्र रणनीति न केवल रोजगार सृजन की गति बढ़ाएगी, बल्कि टैलेंट पाइपलाइन को भी मजबूत करेगी और भारत को क्रिएटिव टेक्नोलॉजी व डिजिटल कंटेंट के एक प्रमुख वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने में मदद करेगी।
रचनात्मक अर्थव्यवस्था को मिलेगा नया आयाम
विशेषज्ञों के अनुसार, बजट 2026 की यह पहल शिक्षा व्यवस्था में नवाचार को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ रोजगार सृजन, स्टार्टअप इकोसिस्टम और भारत की क्रिएटिव इकॉनमी को भी गति देगी। गेमिंग, एनीमेशन और VFX जैसे उभरते क्षेत्रों में किया गया यह निवेश आने वाले समय में भारत को एक वैश्विक क्रिएटिव टेक्नोलॉजी हब के रूप में स्थापित करने में मददगार साबित हो सकता है।

