Hockey: भारतीय पुरुष जूनियर हॉकी टीम का एफआईएच पुरुष जूनियर हॉकी विश्व कप को दोबारा से जीतने का सपना टूट गया है। क्यूंकि उसको सेमीफाइनल में जर्मनी की टीम से हार का सामना करना पड़ा है। वहीं इससे पहले भारतीय टीम ने नौ साल पहले यह खिताब जीता था। इसके अलावा इस बार हुए सेमीफाइनल मैच में भारतीय टीम को जर्मनी की टीम से 5-1 से करारी हार मिली है।
इससे पहले जर्मनी की टीम ने यह जूनियर हॉकी विश्व कप का ख़िताब सात बार जीता है। वहीं यह टीम मौजूदा विश्व चैंपियन भी है। इसके चलते हुए बीते रविवार को खेले गए सेमीफाइनल मैच में जर्मनी की टीम ने भारतीय टीम पर अपना पूरा दबदबा बनाए रखा था। लेकिन इससे पहले भारतीय जूनियर हॉकी टीम ने पिछली बार साल 2016 में लखनऊ में खेलते हुए यह खिताब जीता था।

इसके अलावा बीते दिन खेले गए इस सेमीफाइनल मैच में जर्मनी की टीम की तरफ से लुकास कॉसेल (14वें, 30वें मिनट), टाइटस वेक्स (15वां), जोनास वॉन जर्सम (40वां) और बेन हासबाख (49वां) ने गोल किए थे। इसके अलावा भारत की तरफ से एकमात्र गोल 51वें मिनट में अनमोल एक्का ने पेनल्टी कॉर्नर पर किया था। वहीं अब इस हार के बाद भारत आगामी बुधवार को अर्जेंटीना की टीम के साथ ब्रॉन्ज मेडल मैच खेलेगा।
फाइनल में स्पेन से भिड़ेगी जर्मनी की टीम :-
इसके अलावा जर्मनी की जूनियर हॉकी टीम अब फाइनल मैच में स्पेन की जूनियर टीम से भिड़ने वाली है। क्यूंकि स्पेन की हॉकी टीम ने पहले सेमीफाइनल मैच में अर्जेंटीना की हॉकी टीम को 2-1 से हरा दिया था। इसके अलावा इस मैच में खेलते हुए भारतीय हॉकी टीम ने अपनी शुरुआत आक्रामक की थी। लेकिन फिर भी मैच के साथ जर्मनी ने खेल पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली। इस मैच में भारतीय गोलकीपर प्रिंसदीप सिंह ने शुरुआती मिनटों में कुछ अच्छे बचाव किए थे। लेकिन फिर भी 13वें मिनट में जर्मनी को मिले पेनल्टी स्ट्रोक पर लुकास कॉसेल ने गोल दाग दिया।

इसके बाद पहले क्वार्टर के अंत से ठीक पहले ही टाइटस वेक्स ने कॉसेल के क्रॉस पर गोल करते हुए अपनी टीम की बढ़त को दोगुना कर दिया था। इसके बाद खेल के दूसरे क्वार्टर के अंतिम सेकंडों में जर्मनी को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला। तब इस पर कॉसेल ने अपना दूसरा गोल करते हुए हाफ टाइम में अपनी टीम को खेल में 3-0 से आगे कर दिया। इसके बाद खेल के तीसरे क्वार्टर में भारत को गोल करने का सुनहरा मौका मिला था। लेकिन सौरभ आनंद कुशवाहा खुले गोल के सामने गेंद फंसाकर चूक गए।

इसके बाद फिर जर्मनी की टीम ने लगातार दबदबा दिखाया और 40वें मिनट में जोनास वॉन जर्सम ने चौथा गोल दाग दिया। इसके बाद खेल के 49वें मिनट में बेन हासबाख ने शानदार डाइव लगाकर पांचवां गोल दाग दिया। इसके बाद खेल के 51वें मिनट में भारतीय टीम को दो लगातार पेनल्टी कॉर्नर मिले थे। इनमें से एक पर अनमोल एक्का ने गोल करते हुए स्कोर 5-1 कर दिया था। लेकिन तब तक यह मैच पूरा जर्मनी के पक्ष में जा चुका था। इसके बाद भी भारतीय टीम ने अंत तक अपनी कोशिश की थी। लेकिन जर्मनी की मजबूत रक्षा को भेदना उनके लिए आसान नहीं था। इस हार के बाद अब भारतीय टीम की निगाह केवल कांस्य पदक जीतने पर लगी हुईं हैं।
स्पोर्ट्स से जुड़ी ताजा खबरों के लिए Sports Digest Hindi के साथ जुड़े रहें और हमें यूट्यूब, फेसबुक, इंस्टाग्राम, और ट्विटर (X) पर भी फॉलो करें।

