Jaipur Pink Panthers vs UP Yoddhas, PKL 2025 Match 93 Preview: प्रो कबड्डी लीग सीजन 12 अपने निर्णायक पड़ाव पर पहुंच गया है और अब हर मैच टीमों के प्लेऑफ सफर को तय कर रहा है। शुक्रवार रात होने वाला मैच नंबर 93 जयपुर पिंक पैंथर्स और यूपी योद्धाज के बीच खेला जाएगा। यह मुकाबला केवल अंक तालिका के लिए नहीं बल्कि आत्मविश्वास और अस्तित्व की लड़ाई भी है, क्योंकि दोनों टीमें लगातार हार के बाद वापसी की तलाश में हैं।
जयपुर को अपने स्टार रेडर नितिन धनखड़ की चोट ने काफी नुकसान पहुंचाया है। वहीं यूपी योद्धाज की रेडिंग यूनिट पिछले कुछ मैचों से तालमेल नहीं बिठा पा रही है। दोनों टीमों के लिए यह मैच डू-ऑर-डाई स्थिति जैसा है, क्योंकि एक और हार प्लेऑफ की राह बंद कर सकती है।
मैच डिटेल्स
- मैच: जयपुर पिंक पैंथर्स बनाम यूपी योद्धाज, मैच 93, प्रो कबड्डी लीग 2025
- तारीख: शुक्रवार, 17 अक्टूबर 2025
- समय: रात 9:30 बजे (भारतीय समयानुसार)
- स्थान: त्यागराज इंडोर स्टेडियम, दिल्ली
- LIVE: स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क और जियोहॉटस्टार पर सीधा प्रसारण
संभावित शुरुआती सेवन
जयपुर पिंक पैंथर्स:
- राइट कॉर्नर – दीपांशु खत्री
- राइट इन – अली सामदी
- राइट कवर – आशीष कुमार
- सेंटर – नितिन धनखड़
- लेफ्ट कवर – रेजा मिर्बाघेरी
- लेफ्ट इन – विनय
- लेफ्ट कॉर्नर – आर्यन कुमार
यूपी योद्धाज:
- राइट कॉर्नर – हितेश
- राइट इन – भवानी राजपूत
- राइट कवर – आशीष सिंह
- सेंटर – गुमान सिंह
- लेफ्ट कवर – महेन्दर सिंह
- लेफ्ट इन – गगन गौड़ा
- लेफ्ट कॉर्नर – सुमित (कप्तान)
नितिन धनखड़ की वापसी की उम्मीद
जयपुर पिंक पैंथर्स की कहानी इस सीजन में दो हिस्सों में बंटी दिखती है – नितिन धनखड़ के साथ और नितिन धनखड़ के बिना। उनके घायल होने के बाद से टीम लगातार चार मुकाबले हार चुकी है और उनमें से दो में तो 20 अंकों से अधिक के अंतर से शिकस्त झेलनी पड़ी।
नितिन धनखड़ इस सीजन में अपने करियर के सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में थे। उन्होंने अब तक 109 रेड पॉइंट्स (औसत 9.9, सफलता दर 57%) जुटाए हैं और सात सुपर 10 लगाए हैं। उनकी अनुपस्थिति ने टीम की पूरी रणनीति को कमजोर कर दिया है।
उनकी ताकत यह है कि वे हर डिफेंस स्थिति में सफल रहते हैं। जब 6-7 डिफेंडर मैदान पर होते हैं, तब उन्होंने 63 पॉइंट्स 61% सफलता दर से लिए हैं। यही नहीं, 4-5 डिफेंडर की स्थिति में 47% सफलता दर के साथ वे पूरे सीजन के सबसे बेहतर रेडर हैं।
अगर वे इस मैच में वापसी करते हैं, तो यह जयपुर के लिए किसी वरदान से कम नहीं होगा।
अली सामदी निभा रहे हैं जिम्मेदारी लेकिन सहयोग की कमी
नितिन के बाहर होने के बाद अली सामदी ने रेडिंग की जिम्मेदारी शानदार तरीके से निभाई है। उन्होंने 14 मैचों में 92 पॉइंट्स (औसत 6.6, सफलता दर 61%) जुटाए हैं और तीन बार सुपर 10 लगाए हैं। उनका खेल दबाव में भी शांत और प्रभावी रहा है।
अली ने हाल ही में पुणेरी पलटन के खिलाफ 14 रेड पॉइंट्स लेकर टीम के लिए सुपर 10 लगाया था, जो दिखाता है कि वे अकेले दम पर भी लड़ाई लड़ सकते हैं। लेकिन टीम को प्लेऑफ की राह पर लौटने के लिए नितिन धनखड़ की जरूरत है ताकि दोनों मिलकर रेडिंग फ्रंट को मजबूत बना सकें।
डिफेंस का अस्थिर प्रदर्शन जयपुर की सबसे बड़ी कमजोरी
जयपुर का डिफेंस इस सीजन में उनकी सबसे बड़ी चिंता रहा है। टीम ने अब तक 14 मैचों में केवल 129 टैकल पॉइंट्स जुटाए हैं और उनकी सफलता दर सिर्फ 39% रही है, जो लीग में तीसरी सबसे कमजोर है।
पिछले दो मैचों में टीम 10 टैकल पॉइंट्स का आंकड़ा भी नहीं छू पाई। पुणेरी पलटन के खिलाफ उन्होंने सिर्फ 9 टैकल पॉइंट्स लिए, जबकि विपक्षी टीम ने 20 पॉइंट्स हासिल किए।
खासकर जब 6-7 डिफेंडर मैदान पर होते हैं, तो टीम की सफलता दर केवल 29% रही है। आशीष कुमार ने इस स्थिति में 49 टैकल्स में सिर्फ 8 पॉइंट्स जुटाए हैं, जो उनके संघर्ष को साफ दिखाता है।
रेजा मिर्बाघेरी का प्रदर्शन भी पिछले सीजन की तुलना में कमजोर रहा है। पिछले तीन सीजन में वे 50% से अधिक सफलता दर पर खेलते रहे हैं, लेकिन इस बार सिर्फ 43% पर हैं।
यूपी योद्धाज की रेडिंग यूनिट का गिरता प्रदर्शन
दूसरी ओर यूपी योद्धाज की टीम का रेडिंग प्रदर्शन हाल के मैचों में तेजी से गिरा है। उन्होंने पिछले पांच मुकाबलों में सिर्फ एक बार 20 से ज्यादा रेड पॉइंट्स जुटाए हैं।
पिछले 5 मैचों में रेडिंग प्रदर्शन:
- बनाम हरियाणा स्टीलर्स – 18 पॉइंट्स (41% सफलता दर)
- बनाम तमिल थलाइवाज – 17 पॉइंट्स (40%)
- बनाम यू मुम्बा – 18 पॉइंट्स (41%)
- बनाम गुजरात जायंट्स – 24 पॉइंट्स (55%)
- बनाम पटना पाइरेट्स – 18 पॉइंट्स (42%)
हरियाणा के खिलाफ उनका प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा, जहां पूरी टीम सिर्फ 26 अंकों पर ढेर हो गई। गगन गौड़ा, गुमान सिंह और भवानी राजपूत की रेडिंग तिकड़ी टीम की पहचान रही है, लेकिन अब यह तालमेल बिगड़ गया है।
गगन गौड़ा के शुरुआत में तूफान, अब संघर्ष
सीजन की शुरुआत में गगन गौड़ा सबसे चमकदार रेडर थे, लेकिन पिछले कुछ मैचों में उनकी रेड्स और पॉइंट्स दोनों में भारी गिरावट आई है।
पहले 10 मैच बनाम अगले 6 मैच:
- रेड्स: 141 बनाम 45
- रेड पॉइंट्स: 100 बनाम 28
- औसत पॉइंट्स: 10.0 बनाम 4.7
यह स्पष्ट दिखाता है कि गगन को ज्यादा मौके नहीं मिल रहे और यही यूपी की रेडिंग कमजोरी का बड़ा कारण है। अगर उन्हें अधिक रेड्स का मौका मिले, तो टीम फिर से लय पकड़ सकती है।
गुमान सिंह की निरंतरता टीम के लिए उम्मीद की किरण
गुमान सिंह ने पिछले कुछ मैचों में बेहतर प्रदर्शन किया है। उन्होंने पिछली छह भिड़ंतों में 50 रेड पॉइंट्स (औसत 8.3, सफलता दर 59%) जुटाए हैं। उनकी यह स्थिरता यूपी के लिए सकारात्मक संकेत है।
अगर गुमान और गगन दोनों मिलकर तालमेल बैठा लें, तो टीम दोबारा मजबूत दिख सकती है।
यूपी की डिफेंस में कप्तान सुमित की गिरती फॉर्म
डिफेंस की बात करें तो यूपी योद्धाज इस समय चौथी सबसे कमजोर डिफेंस यूनिट है। टीम ने अब तक 16 मैचों में 150 टैकल पॉइंट्स (औसत 9.4, सफलता दर 39%) जुटाए हैं।
कप्तान सुमित की फॉर्म ने कोचिंग स्टाफ की चिंता बढ़ा दी है। पहले 9 मैचों में वे औसतन 3.7 टैकल पॉइंट्स प्रति मैच ला रहे थे, जबकि पिछले 7 मैचों में यह गिरकर सिर्फ 1.0 रह गया है। सफलता दर भी 62% से घटकर 25% रह गई है।
हालांकि, हितेश का प्रदर्शन लगातार शानदार रहा है। उन्होंने पिछले पांच मैचों में 21 टैकल पॉइंट्स (औसत 4.2, सफलता दर 64%) लिए हैं और टीम के सबसे सफल डिफेंडर बन गए हैं।
UP Yoddhas डिफेंडर्स (अब तक):
- हितेश: 42 पॉइंट्स (2.6 औसत, 44% सफलता दर)
- सुमित: 40 पॉइंट्स (2.5 औसत, 50% सफलता दर)
- आशीष सिंह: 31 पॉइंट्स (1.9 औसत, 49%)
हेड-टू-हेड रिकॉर्ड
दोनों टीमों के बीच अब तक 15 मुकाबले खेले गए हैं, जिनमें जयपुर पिंक पैंथर्स ने 8 और यूपी योद्धाज ने 7 जीते हैं।
पिछले सीजन में एलिमिनेटर मुकाबले में यूपी योद्धाज ने जयपुर को 46-18 से हराकर बाहर किया था। हालांकि इस सीजन के पहले मुकाबले में जयपुर ने बदला लेते हुए यूपी को 41-29 से हराया था, जहां नितिन धनखड़ ने सुपर 10 लगाया था।
क्या उम्मीद करें?
यह मुकाबला दोनों टीमों के लिए करो या मरो जैसा होगा। जयपुर लगातार चार हार झेल चुका है, जबकि यूपी की टीम आत्मविश्वास खो चुकी है। अगर नितिन धनखड़ वापसी करते हैं, तो जयपुर की रेडिंग में नया जोश आ सकता है। वहीं यूपी को अपने स्टार रेडर गगन गौड़ा को ज्यादा मौके देने होंगे ताकि वह अपनी पुरानी लय पकड़ सकें।
डिफेंस दोनों टीमों की कमजोरी है, इसलिए जो टीम दूसरे हाफ में संयम बनाए रखेगी, वही मैच जीत सकती है। यह मुकाबला नजदीकी और रोमांचक होने की पूरी संभावना रखता है।
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